भोपाल की शांत रातों में जब पूरा शहर नींद में डूबा था, तभी प्रशासन ने वो फैसला लिया जिसने शराब कारोबारियों की नींद उड़ा दी। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह और उनकी टीम ने एक सख्त ऑपरेशन के तहत जिले के 84 एफएल-2 और एफएल-3 लाइसेंसधारी बारों में से 59 बारों पर सील की कार्रवाई की। नियमों की अनदेखी और अधूरी दस्तावेज़ी प्रक्रिया के चलते 51 रेस्टोरेंट बारों में से 38 और 31 होटल बारों में से 20 को ताले जड़ दिए गए। ये अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है, जिसे लोक स्वास्थ्य और जनसुरक्षा के मद्देनज़र अंजाम दिया गया।
इसी के साथ दूसरी बड़ी कार्रवाई ने इस ऑपरेशन को ‘डबल धमाका’ बना दिया – बैरागढ़ में एक डस्टर कार से 38 पेटी विदेशी शराब जब्त की गई, जिसकी कीमत करीब 15 लाख रुपये आँकी गई। शाहरुख अली और शाकिर अली नामक आरोपी मौके पर गिरफ्तार हुए, और उन पर आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(क) व (2) के तहत मामला दर्ज किया गया।
इस संयुक्त कार्रवाई ने साफ संदेश दे दिया है – अब भोपाल में अवैध शराब का कारोबार नहीं चलेगा। कानून की गिरफ्त अब तेज़ है और शराब माफियाओं की सांसें थमी हुई हैं। अगला नंबर किसका होगा – ये डर अब हर ग़ैरकानूनी धंधे वाले के मन में घर कर चुका है।
भोपाल में आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई – बार बंद, माफ़िया बंद-शहर में मचा हड़कंप!










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