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म.प्र. वक्फ बोर्ड मुख्यालय में एक दिवसीय काज़ी कॉन्फ्रेंस संपन्न

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऑनलाइन मार्गदर्शन दिया, स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग पर दिया बल

भोपाल। मध्यप्रदेश राज्य वक्फ बोर्ड मुख्यालय में 14 अक्टूबर 2025 को एक दिवसीय काज़ी कॉन्फ्रेंस (कार्यशाला) का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन की अध्यक्षता वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल (कैबिनेट मंत्री दर्जा) ने की, जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऑनलाइन माध्यम से जुड़कर सम्मेलन को संबोधित किया और आत्मनिर्भर भारत अभियान की दिशा में वक्फ बोर्ड के प्रयासों की सराहना की।

इस कार्यशाला का उद्देश्य प्रदेश के मुस्लिम समाज को भारत सरकार और राज्य शासन के आत्मनिर्भर भारत के अभियान से जोड़ना, वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा एवं विकास पर चर्चा करना तथा वक्फ कानून 2025 की रोशनी में पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करना था।

कॉन्फ्रेंस में रियासत भोपाल के काज़ी-ए-शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी, काजी सैयद इशरत अली (अध्यक्ष, म.प्र. काजी काउंसिल), काजी खलीक उर्रहमान (उपाध्यक्ष, काजी काउंसिल), मुफ्ती अबुल कलाम कासमी (मुफ्ती-ए-शहर, भोपाल) सहित प्रदेशभर के लगभग सभी जिलों के काज़ी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत कुरआन की तिलावत से हुई।

काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी ने समाज में फैली बुराइयों पर नियंत्रण और शादी-निकाह को इबादत के रूप में संपन्न करने की बात कही। उन्होंने देशप्रेम के तहत स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया। काजी सैयद इशरत अली ने सुझाव दिया कि वक्फ की कीमती संपत्तियों से होने वाली आय का उपयोग इमामों और मोअज्जिनों के वेतन में सुधार हेतु किया जाए।

काजी खलीक उर्रहमान ने भी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के स्वदेशी वस्तुओं के आह्वान को समर्थन देते हुए कहा कि हमें देश को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लेना चाहिए। मुफ्ती अबुल कलाम कासमी ने अपने बयान में कहा कि स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग कोई राजनीतिक विषय नहीं बल्कि शरीयत के अनुरूप एक नेक कार्य है, जो देश को मज़बूत बनाता है।

वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने अपने संबोधन में वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा, विकास और पारदर्शी प्रबंधन की दिशा में बोर्ड द्वारा किए जा रहे नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने काज़ी साहिबानों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को प्रोत्साहित करें।

सम्मेलन के दौरान बोर्ड अधिकारियों ने वक्फ कानून 2025, उम्मीद सेंट्रल पोर्टल, वक्फ शिक्षा नीति “पढ़ो-पढ़ाओ राष्ट्र निर्माण में भागीदारी बनो”, कृषि भूमि नीलामी, कानूनी सहायता, पट्टा अनुबंध प्रक्रिया, स्वास्थ्य सेवाओं हेतु वक्फ संपत्तियों में सस्ती जांच प्रयोगशालाओं की स्थापना और वक्फ खातों को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से जोड़ने जैसे विषयों पर विस्तृत प्रस्तुति दी।

कार्यक्रम के समापन पर मध्यप्रदेश काजी काउंसिल और रियासत भोपाल के प्रतिनिधियों ने सामूहिक रूप से यह घोषणा की कि वे स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग कर आत्मनिर्भर भारत अभियान को सफल बनाने हेतु प्रदेशभर में जनजागरण अभियान चलाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने वर्चुअल संबोधन में कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लिए देश में बनी वस्तुओं का उपयोग राष्ट्रहित में अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने वक्फ बोर्ड द्वारा आयोजित इस काज़ी कॉन्फ्रेंस को सराहनीय पहल बताते हुए सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ दीं।

सूचना का अधिकार अब खतरे में: कांग्रेस ने केंद्र पर लगाया पारदर्शिता खत्म करने का आरोप

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम की 20वीं वर्षगांठ पर आयोजित प्रेस वार्ता में जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना, आरटीआई प्रकोष्ठ अध्यक्ष पुनीत टंडन और प्रदेश प्रवक्ता मिथुन अहिरवार ने कहा कि 2005 में मनमोहन सिंह के नेतृत्व में लागू हुआ यह कानून देश में पारदर्शिता और जवाबदेही की नींव बना, पर अब इसे कमजोर किया जा रहा है।

कांग्रेस नेताओं ने बताया कि आरटीआई ने समाज के सबसे कमजोर वर्गों को सशक्त किया और भ्रष्टाचार के कई बड़े मामलों का खुलासा किया। आरटीआई के ज़रिए सामने आए कुछ प्रमुख घोटाले —

आदर्श हाउसिंग सोसाइटी घोटाला (मुंबई)

कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाला (2010)

2G स्पेक्ट्रम आवंटन मामला

मिड-डे मील घोटाले और मनरेगा में फर्जी भुगतान के केस

एमपीएलएडी फंड और पीएम केयर्स फंड के उपयोग में अस्पष्टता
इन सबने दिखाया कि आरटीआई भ्रष्टाचार पर नकेल कसने का सबसे सशक्त औज़ार है।

कांग्रेस ने कहा कि 2019 के संशोधन और 2023 के डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट के कारण सूचना आयोगों की स्वायत्तता घट गई है। जनहित की सूचनाएँ अब “व्यक्तिगत जानकारी” बताकर रोकी जा रही हैं, जिससे लोकतंत्र की पारदर्शिता पर गंभीर खतरा है।

सूचना आयोगों में रिक्तियाँ और लाखों लंबित मामलों पर चिंता जताते हुए कांग्रेस ने मांग की कि 2019 के संशोधन रद्द किए जाएँ, आयोगों की स्वतंत्रता बहाल की जाए और व्हिसलब्लोअर्स प्रोटेक्शन एक्ट को तुरंत लागू किया जाए।

भोपाल में मोबाइल लूट और वाहन चोरी का बड़ा गिरोह पकड़ा गया

भोपाल शहर में लगातार बढ़ रही मोबाइल झपटमारी और वाहन चोरी की घटनाओं से जहां आम लोग दहशत में थे, वहीं पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए इस गैंग का पर्दाफाश कर दिया है। अयोध्यानगर थाना पुलिस ने गुप्त सूचना और सटीक रणनीति के आधार पर 2 नाबालिग सहित कुल 0
3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 10 चोरी की मोटरसाइकिलें और 13 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 12 लाख रुपये बताई जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक

पहले ऑटो से सुनसान इलाकों में जाकर दोपहिया वाहन चोरी करते थे और फिर उन्हीं वाहनों से मोबाइल स्नैचिंग की वारदात को अंजाम देते थे। महंगे शौक और नशे की पार्टी के लिए वे चोरी और लूट को आसान जरिया मान बैठे थे। वारदात के बाद आरोपी चोरी के वाहनों की नंबर प्लेट बदल देते और मौका मिलने पर उन्हें बेचने की फिराक में रहते।

पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए करीब 100 सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसके बाद मुखबिर की सूचना पर अयोध्या एक्सटेंशन स्थित नवनिर्मित हाउसिंग बोर्ड मल्टी से इनको दबोचा गया। गिरफ्तार आरोपियों में 27 वर्षीय रवि पाल निवासी सुखीसेवनिया की झुग्गी बस्ती और दो नाबालिग शामिल हैं। रवि पाल का आपराधिक रिकॉर्ड भी लंबा-चौड़ा है और उसके खिलाफ पहले से कई प्रकरण दर्ज हैं। वहीं दोनों नाबालिग भी अपराध की दुनिया में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं।

पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी चोरी किए गए मोबाइल को पहले इरानी डेरे में बेच चुके हैं। बरामद वाहनों में स्प्लेंडर, डिस्कवर, एक्टिवा, पल्सर सहित कई ब्रांड की गाड़ियां शामिल हैं, वहीं मोबाइल में ओप्पो, वीवो, रेडमी, रियलमी, सैमसंग और इन्फिनिक्स जैसी कंपनियों के महंगे स्मार्टफोन मिले हैं।

यह पूरी कार्रवाई पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्र और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अवधेश गोस्वामी के निर्देश पर की गई। जोन-2 के डीसीपी विवेक सिंह और एडीसीपी गौतम सोलंकी के पर्यवेक्षण तथा एसीपी एम.पी. नगर मनीष भारद्वाज के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी महेश लिल्हारे के नेतृत्व में गठित टीम ने इस गैंग का भंडाफोड़ किया।

कार्रवाई में थाना प्रभारी महेश लिल्हारे, उपनिरीक्षक सुदील देशमुख, प्रआऱ अमित व्यास, प्रआर बृजेश सिंह, प्रआर रूपेश सिंह जादौन, प्रआर भागवत कुशवाहा, प्रआर दिनेश मिश्रा, प्रआर सुदीप राजपूत, आर. प्रदीप दामले, आर. राजेन्द्र साहू, आर. राजेश अन्नोटिया, साइबर टेक सेल के भूपेन्द्र उईके और म.आर. पल्लवी शर्मा की भूमिका सराहनीय रही।

गिरफ्तार आरोपी

  1. रवि पाल

उम्र: 27 साल

निवासी: झुग्गी नं. 248, क्रेसर बस्ती, सुखीसेवनिया, भोपाल

शिक्षा: 8वीं

व्यवसाय: भेल में ठेकेदारी

आपराधिक रिकॉर्ड:

अपराध क्र. 394/25 धारा 303(2) BNS, थाना अयोध्यानगर

अपराध क्र. 415/2021 धारा 36(बी) आबकारी एक्ट, थाना सुखीसेवनिया

अपराध क्र. 86/2021 धारा 294,332,34,353,506 भादवि व 25 आर्म्स एक्ट, थाना सुखीसेवनिया

अपराध क्र. 37/2016 धारा 294,323,34,341,506 भादवि, थाना सुखीसेवनिया


  1. विधि विरोधी बालक

उम्र: 17 साल

निवासी: झुग्गी, मूर्ति वाली लाइन, गोविंदपुरा गेट, थाना अशोकागार्डन, भोपाल

शिक्षा: 5वीं

व्यवसाय: ड्राइविंग

आपराधिक रिकॉर्ड:

अपराध क्र. 492/24, 91/25, 144/25, 145/25, 186/25, 190/25 (थाना अयोध्यानगर/अशोकागार्डन)

अपराध क्र. 488/25 (थाना छोला मंदिर)

अपराध क्र. 305/25 (थाना बिलखिरिया)

अपराध क्र. 361/25 (थाना ऐशबाग)

अपराध क्र. 524/25, 573/25 (थाना गोविंदपुरा)

अपराध क्र. 395/25, 400/25 (थाना अयोध्यानगर)

अपराध क्र. 524/25 (थाना कोतवाली, नर्मदापुरम)


  1. विधि विरोधी बालक

उम्र: 16 साल

निवासी: मूर्ति वाली लाइन, गोविंदपुरा गेट के पास, थाना अशोकागार्डन, भोपाल

शिक्षा: अनपढ़

व्यवसाय: ड्राइविंग

आपराधिक रिकॉर्ड:

अपराध क्र. 488/25 (थाना छोला मंदिर)

अपराध क्र. 305/25 (थाना बिलखिरिया)

अपराध क्र. 361/25 (थाना ऐशबाग)

अपराध क्र. 524/25, 573/25 (थाना गोविंदपुरा)

अपराध क्र. 395/25 (थाना अयोध्यानगर)

अपराध क्र. 524/25 (थाना कोतवाली, नर्मदापुरम)

निगम का संसाधन निजी फार्म हाउस में!

भोपाल-सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि नगर निगम के ज़ोन-10 के AHO दिनेश पाल निगम के खर्चे पर अपना निजी कार्य करवा रहे हैं। वीडियो में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि निगम के कर्मचारी और डंपर उनकी निजी ज़मीन पर काम कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि दिनेश पाल अपने निजी नारायण फार्म हाउस पर निगम कर्मियों से सेवाएं ले रहे हैं।

आरोप है कि ज़ोन-10 की सरकारी गाड़ी और डंपरों से कई दिनों से फार्म हाउस पर निर्माण कार्य करवाया जा रहा है तथा मालवा आदि गिराया जा रहा है। वीडियो में एक डंपर को भी फार्म हाउस के भीतर मालवा डालते हुए दिखाया गया है। जानकारी के मुताबिक, इस फार्म हाउस का नाम नारायण फार्म हाउस है, जो उनके पिता नारायण पाल का है। नारायण पाल पूर्व में पार्षद और बीजेपी नेता रह चुके हैं।

यह पहला मामला नहीं है। नगर निगम में कई अधिकारी और कर्मचारी निगम के खर्चे पर निगम में नियुक्त 25-दिवसीय कर्मचारियों को अपने निजी कार्यों में लगातार लगाए रखते हैं। इससे साफ होता है कि निगम का अमला जनहित के कार्यों की जगह अफसरों और कर्मचारियों के निजी हित साधने में व्यस्त है।
जॉन 10 के AHO पाल से जब इस संबंध में चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि बरखेड़ा पठानी में मेरा निजी फॉर्म जरूर है लेकिन यह मालवा जो सरकारी डंपर से डलवाना बताया जा रहा है यह सरासर गलत है यहां पर दुर्गा जी बैठ रही हैं इसलिए कीचड़ होने के कारण मैंने एमपी नगर से मालवा उठाकर इस जगह पहुंचा है ना कि मैं अपने निजी फार्म पर पहुंचा है दुर्गा जी बैठने वाली है और इस जगह पर बहुत ज्यादा कीचड़ होती है इसलिए जो भी स्थान पास होता है वहां पर हम डलवा देते हैं इसमें मेरा निजी कोई स्वास्थ्य नहीं वीडियो को गलत तरीके से वायरल किया जा रहा है इसके लिए मैं अपने उच्च अधिकारी से भी बात करूंगा

भोपाल में देर रात शराब का गोरखधंधा, आबकारी विभाग मौन

राजधानी भोपाल के शाहजहानाबाद इलाके में मास्टर लाल सिंह अस्पताल के पास देर रात तक खुलेआम पुरानी अदालत के पीछे स्थित रामनगर कॉलोनी में शराब दुकान का समय समाप्त होने के बाद भी शराब व्यापारी खिड़की से ग्राहकों को शराब बेचते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि दिनभर दिन बहार शराबियों का जमघट लगने के बाद भी रात को जब दुकान बंद होने का समय खत्म हो जाता है तो शराब संचालक स्वेटर में छोटी सी खिड़की बनाकर रात भर शराब बेचते हैं मध्य प्रदेश सरकार ने ऐसी किसी भी अवैध गतिविधि की अनुमति नहीं दी है।

आबकारी विभाग कार्यवाही के बड़े-बड़े दावे तो करता है, मगर हकीकत यह है कि राजधानी में देर रात तक शराब दुकानों का यह खिड़की से शराब बेचने का धंधा खुलेआम चलता रहता है। यही हाल शहर के कई शराब दुकानों का भी है, जहां देर रात तक शराबखोरी जारी रहती है, लेकिन जिम्मेदार विभाग मौन है।

हालांकि इस कारोबार की स्थानीय पुलिस थाने को पूरी जानकारी रहती है क्योंकि क्षेत्र में ग्रस्त करने वाले पुलिसकर्मी कई बार इस शराब की दुकान के सामने से गुजरते हैं लेकिन जब इस तरह की घटना सामने दिखाई देती है तो वह अपनी आंखें मूंद लेते हैं क्योंकि दुकान संचालक थाने में पदस्थ सभी पुलिस कर्मियों की सेवा में जुटे रहते हैं और तो और जो शराब नहीं पीते हैं उनको उनका हिस्सा दे देते हैं

प्रधानमंत्री की यात्रा के बीच सुरक्षा में सेंध, शराब तस्करी का बड़ा खुलासा!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मध्य प्रदेश दौरा जहां पूरे प्रदेश के लिए सम्मान और उत्साह का अवसर है, वहीं इस बीच अवैध कारोबारियों की करतूत ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। मोदी जी के आगमन पर इंदौर और धार जिले को सुरक्षा की अभेद्य चादर में लपेटा गया था। एसपीजी से लेकर लोकल पुलिस तक हर स्तर पर चाक-चौबंद इंतज़ाम थे। लेकिन इसके बावजूद शराब माफिया इतनी हिम्मत दिखा बैठे कि गुजरात तक विदेशी शराब पहुंचाने के लिए ट्रक रवाना कर दिया।

इंदौर आबकारी विभाग की सतर्कता ने तस्करों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। बेटमा के पास एक आयशर ट्रक पकड़ा गया, जिसमें पशु आहार की आड़ में 504 पेटियां अवैध विदेशी शराब छुपाई गई थीं। सहायक आबकारी आयुक्त अभिषेक तिवारी और उनकी टीम ने रातभर की रणनीति के बाद इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। माना जा रहा है कि अगर आबकारी विभाग जरा भी चूक करता तो यह सफलता पुलिस के खाते में जा सकती थी।

यह पहला मामला नहीं है—इससे पहले भी इंदौर से नशे का काला कारोबार उजागर हो चुका है। 10 जुलाई 2025 को आबकारी विभाग की टीम ने इंदौर के पास एक भांग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था। फैक्ट्री के अंदर का मंजर देखकर टीम के भी होश उड़ गए थे। वहां पर इस कदर भांग और अवैध सामग्री मिली कि साफ लग रहा था आने वाले दिनों में यह नेटवर्क नौजवानों की रगों में नशे का ज़हर घोलकर देश को बर्बाद करने की साजिश रच रहा है। उस कार्रवाई का नेतृत्व भी अभिषेक तिवारी ने ही किया था।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रधानमंत्री जैसे वीवीआईपी दौरे के दौरान, जब सुरक्षा घेरा इतना सख्त हो, तब भी शराब माफिया इतनी बड़ी खेप लेकर निकलने का साहस कैसे कर रहे हैं? यह घटना साफ इशारा करती है कि नशे का नेटवर्क प्रदेश में कितना गहरा और बेखौफ तरीके से काम कर रहा है।

इंदौर और मध्य प्रदेश अब लगातार गांजा, शराब और ड्रग्स के कारोबार का गढ़ बनते जा रहे हैं। हर बार नए हथकंडे अपनाकर तस्कर सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हैं। लेकिन इस बार आबकारी विभाग की सतर्कता से करोड़ों की शराब जब्त हुई, जिसने प्रधानमंत्री की यात्रा के बीच पुलिस-प्रशासन की इज़्ज़त बचा ली।

आगर मालवा में भाजपा नेता की कार से 5 करोड़ की ड्रग्स बरामद

मध्यप्रदेश-आगर मालवा ज़िले से भारतीय जनता पार्टी की छबि पर सवाल खड़े करने वाली बड़ी खबर सामने आई है। ज़िले में पुलिस ने शुक्रवार को भाजपा नेता की कार से करीब 5 करोड़ रुपए मूल्य की केटामाइन ड्रग्स बरामद की है। यह खेप भाजपा तनोडिया मंडल उपाध्यक्ष राहुल आंजना की कार से मिली, जिसमें ड्रग बनाने की मशीनें, परख उपकरण और अन्य सामग्री भी बरामद की गई। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन भाजपा नेता राहुल आंजना फरार हो गया।

गौरतलब है कि राहुल आंजना के पिता सेवाराम आंजना भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष रह चुके हैं। यानी परिवार लंबे समय से भाजपा संगठन में सक्रिय रहा है। इस घटना ने साफ कर दिया है कि नशे के कारोबार में सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों की संलिप्तता गहरी है।

पिछले दिनों मध्य प्रदेश सरकार ने मछली परिवार के खिलाफ बुलडोज़र चलाकर अपनी सख़्ती का प्रचार किया था, लेकिन अब सवाल उठ रहे हैं कि भाजपा के नेताओं और उनके परिजनों पर कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि मछली परिवार के भी तार भाजपा नेताओं से जुड़े रहे हैं, और यही कारण है कि इस इलाके में खुलेआम अफीम डोडा चूरा, गांजा और अब केटामाइन जैसे घातक ड्रग्स का कारोबार फल-फूल रहा है।

पुलिस के अनुसार छापेमारी में करीब 9 किलो केटामाइन, 12 किलो अमोनियम क्लोराइड पाउडर, 35 लीटर अल्कोहल और दो कारें ज़ब्त की गई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि 10 किलो केटामाइन से लगभग 80 किलो एमडी ड्रग्स तैयार हो सकता है। ऐसे में बरामद माल से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी खेप तैयार की जा सकती थी। फिलहाल पुलिस भाजपा नेता राहुल आंजना की सरगर्मी से तलाश कर रही है, लेकिन गिरफ्तारी न होने से सत्ता पक्ष की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

पंचायतों की उन्नति का प्रतीक बना PAI 1.0, भोपाल की उत्कृष्ट पंचायतें हुईं सम्मानित

भोपाल, 7 अगस्त 2025। ईटीसी भोपाल में आज पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI 1.0) वर्ष 2022-23 का भव्य विमोचन एवं जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष माननीय श्रीमती रामकुंवर नवरंग सिंह गुर्जर ने की। दीप प्रज्वलन और अतिथि स्वागत के साथ प्रारंभ हुए इस समारोह में जिले की ग्राम पंचायतों के प्रदर्शन का मूल्यांकन कर उन्हें पुरस्कृत किया गया।

कार्यक्रम में PAI 1.0 के 9 प्रमुख विषयों के आधार पर पंचायतों के कार्यों की समीक्षा की गई। इस सूचकांक के अनुसार, ग्राम पंचायत बिशनखेड़ी को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ और ₹11,000 की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। वहीं, ग्राम पंचायत बंगरसिया द्वितीय (₹7,100) और नांदनी तृतीय (₹5,100) स्थान पर रहीं। इसके अतिरिक्त बरखेड़ा सालम, बरखेड़ी अब्दुल्ला, झिरनिया, डोब, कुठार, बरखेड़ा बरामद और धूतखेड़ी पंचायतों को ₹2,100 एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया। अन्य 10 पंचायतों को सांत्वना पुरस्कार दिया गया और सभी पंचायतों का TMP पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन भी किया गया।

जिला पंचायत अध्यक्ष ने इस अवसर पर पंचायत प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान पंचायतों की मेहनत का परिणाम है। अब आवश्यकता है कि सभी पंचायतें शासन की योजनाओं को जमीन पर और बेहतर ढंग से लागू करें, ताकि आमजन तक इनका लाभ पहुंचे।

सीईओ जिला पंचायत श्रीमती इला तिवारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पंचायत उन्नति सूचकांक सिर्फ एक सम्मान नहीं, बल्कि अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणा और सुधार का माध्यम भी है। यह सामाजिक और आर्थिक संकेतकों के आधार पर पंचायतों को आत्ममूल्यांकन का अवसर देता है।

कार्यक्रम के दौरान श्री सुबेन्द्र यादव (डीपीएम, आरजीएसए) ने सूचकांक की विस्तृत जानकारी साझा की और बताया कि PAI 1.0 स्थानीय विकास को केंद्र में रखते हुए तैयार किया गया है। यह सूचकांक सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप पंचायतों की प्रगति को आंकने का सशक्त माध्यम है।

कार्यक्रम का संचालन श्री सुबेन्द्र यादव ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. नताशा फिरदौश (डीसी, आरजीएसए) ने किया। इस अवसर पर सीईओ जनपद पंचायत फंदा श्रीमती शिवानी मिश्रा, उपाध्यक्ष श्री मोहन जाट, पंचायत प्रतिनिधि, अधिकारी, सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

टोल वसूली के बावजूद बदहाल सड़कें! 11 मील पर स्थित बाईपास पर खतरे का सफर।

भोपाल:मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से महज कुछ दूरी पर आनंद नगर से 11 मील के पास स्थित बाईपास की हालत बेहद खस्ताहाल बनी हुई है। यही वह स्थान है जहां टोल नाका भी संचालित है, और वाहन चालकों से नियमित रूप से शुल्क वसूला जा रहा है। लेकिन हैरानी की बात है कि टोल वसूली के बावजूद सड़क की मरम्मत पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।

इस जर्जर सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और टूटी परतें आए दिन दुर्घटना का कारण बन रही हैं। यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को मरम्मत में भारी नुकसान उठाना पड़ता है, वहीं खराब सड़क के कारण कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

नियमो के अनुसार देखा जाए तो-

टोल वसूली के नियमों के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दरों और संग्रह) नियम, 2008 के तहत टोल ऑपरेटर की यह जिम्मेदारी होती है कि वह मार्ग की नियमित देखरेख और मरम्मत सुनिश्चित करे। यदि सड़क तय मानकों पर खरी नहीं उतरती है, तो उस स्थिति में टोल वसूली अस्थायी रूप से रोकी जा सकती है।

स्थानीय नागरिकों और राहगीरों का कहना है कि टोल टैक्स तो समय पर लिया जा रहा है, लेकिन सुविधा के नाम पर केवल जान का जोखिम है। लोगों ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि या तो सड़क की स्थिति तत्काल सुधारी जाए या फिर जब तक सड़क दुरुस्त नहीं होती, टोल वसूली पर रोक लगाई जाए।

शव उठाने में नहीं मिला सहयोग, पुलिस ने दिखाई मानवता की मिसाल


भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र स्थित भदभदा बांध के पास शनिवार को एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक की उम्र करीब 40 से 45 वर्ष बताई जा रही है, और उसकी जेब से कोई पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं मिले। केवल उसके बाएं हाथ पर सिख समुदाय से जुड़ा धार्मिक चिन्ह का टैटू मिला है। शव की जानकारी मिलते ही एएसआई नंदकिशोर दुबे और आरक्षक विनीत यादव तत्काल मौके पर पहुंचे और पूरी संवेदनशीलता से मामले की पड़ताल की। नगर निगम का शव वाहन भी मौके पर बुलाया गया, लेकिन जहां शव मिला था, वह इलाका सुनसान था और कोई भी व्यक्ति मदद के लिए आगे नहीं आया।

ऐसे कठिन समय में पुलिस ने न केवल अपना कर्तव्य निभाया, बल्कि मानवता की मिसाल भी पेश की। एएसआई दुबे और वाहन चालक ने खुद मिलकर शव को स्ट्रेचर पर रखा और बांध के किनारे से ऊपर सड़क तक पहुंचाया। यह क्षण न सिर्फ भावुक करने वाला था, बल्कि यह भी दिखाता है कि जब समाज मुंह मोड़ लेता है, तब भी पुलिस निष्ठा और मानवीय संवेदना के साथ अपने फर्ज को निभाती है। पुलिस को अंदेशा है कि मृतक मछली पकड़ने आया था और किसी कारणवश पानी में डूब गया। शव की पहचान के लिए आसपास के थानों में जानकारी भेजी गई है तथा सोशल मीडिया के जरिए तस्वीरें साझा की जा रही हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए गांधी मेडिको लीगल संस्थान भेजा गया है।