सीहोर जिले के श्यामगढ़ क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला किसान की सालभर की मेहनत पर दबंगों ने दिन-दहाड़े कब्जा कर लिया। बरखेड़ा गांव की शारदा बाई लोधी ने पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर को दिए अपने लिखित आवेदन में बताया कि उनकी निजी भूमि खसरा नंबर 2/1/3 और 2/2/3 (कुल 12 एकड़) में बोई गई फसल को कुछ दबंगों ने जबरन काट लिया।
पीड़िता के अनुसार, घटना 6 अक्टूबर 2025 की है जब जवाहरसिंह पिता मोतीलाल, राहुल पिता जवाहरसिंह, दिनेश पिता किशोरीलाल, राजाराम, ओंकारसिंह, राजू पिता किशोरीलाल, संतोष, हार्दिकप्रसाद और सोनारसिंह सहित कई लोगों ने एकजुट होकर खेत में घुसकर उसकी मेहनत की पूरी फसल काट ली। जब शारदा बाई को इस घटना की सूचना मिली और उन्होंने विरोध किया, तो आरोपियों ने उन्हें धमकाया और किसी तरह का नुकसान भरपाई देने से भी इनकार कर दिया।
महिला किसान का कहना है कि वह अकेले मेहनत करके खेती करती हैं, पर उनकी मेहनत पर दबंगों ने डाका डाल दिया और अब तक किसी भी आरोपी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दिए कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
स्थानीय ग्रामीणों ने भी पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता पर नाराज़गी जताई है। उनका कहना है कि क्षेत्र में इस तरह की दबंगई की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन पुलिस केवल कागज़ी कार्रवाई तक सीमित है।

शारदा बाई ने जिला प्रशासन से अपील की है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और महिला किसान को न्याय दिलाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर न्याय नहीं मिला तो वह उच्च अधिकारियों तक अपनी आवाज़ पहुंचाएँगी।
और अब सवाल उठता है — जब शिकायत दर्ज हो चुकी है, सबूत मौजूद हैं, तो कार्रवाई क्यों नहीं? आखिर कब तक किसान यूँ ही लुटते रहेंगे और पुलिस खामोश बैठेगी?









