भोपाल में एक सड़क हादसा हुआ, जब स्कूल बस सिग्नल पर खड़े लोगों को कुचलते हुए आगे बढ़ गई इस घटना में एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत होने की सूचना मिल रही है। इस हादसे में कई लोग घायल भी हुए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि स्कूल बस का फिटनेस प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज अधूरे थे, इसके बावजूद वह बेधड़क सड़क पर दौड़ रही थी।
स्कूल बस घटना में आरटीओ जितेन्द्र शर्मा पर गिरी गाज, तत्काल निलंबन
जांच रिपोर्ट के अनुसार, यह हादसा क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) जितेन्द्र शर्मा की घोर लापरवाही का परिणाम माना गया है। कमिश्नर ने तत्काल प्रभाव से शर्मा को निलंबित करते हुए आदेश में लिखा:
“श्री जितेन्द्र शर्मा की लापरवाही के कारण यह वाहन बिना फिटनेस सड़क पर चल रहा था, जिससे मासूम की जान गई।”
मध्य प्रदेश में आज भी भ्रष्टाचार और लापरवाही की जड़ें गहरी
भोपाल परिवहन कार्यालय में लापरवाही, भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी कोई नई बात नहीं है। पूर्व में भी अनपा खान, भारती बर्मा, संजय तिवारी समेत कई अधिकारियों पर दलालों को संरक्षण देकर मोटी रकम वसूलने के आरोप लगते रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, हाल ही में जितेन्द्र शर्मा ने भी रिश्वत के रेट बढ़ा दिए थे, जिससे कार्यालय में दलालों की सक्रियता और बढ़ गई थी। इस प्रकार बढ़ाए गए थे वसूली के रेट MP परमिट ट्रक का पुराना रेट ₹500 नया रेट ₹1500 टैक्सी ऑल इंडिया परमिट के पुराना रेट ₹1000 नया रेट ₹3500 रुपए मोटरसाइकिल TO के पुराना रेट 100 रुपए नया रेट ₹300 ट्रक TO के पुराना रेट ₹500 नया रेट नया रेट ₹2000 रुपए औरत और मध्य प्रदेश में कहीं का भी TO करवाने के सरकार के नियम है लेकिन परिवहन कार्यालय भोपाल में एक अलग ही रूल रिश्वतखोर अधिकारी कर्मचारियों ने बना रखा है फोर व्हीलर अगर छोटी हो तो ₹5000 और बड़ी हो तो 8000 एवं 10000 या फिर जैसा जरूरतमंद वाहन मालिक फस जाए वसूली करते थे
मध्य प्रदेश में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार से जनता की उम्मीदें धूमिल, सिस्टम पर उठे सवाल
भोपाल परिवहन कार्यालय में आम जनता को राहत मिलने के बजाय, उन्हें रिश्वतखोरी और अफसरशाही के जाल में फंसना पड़ता है। सुबह से ही ऑफिस में आम लोगों से ज्यादा दलालों की भीड़ देखी जाती है। अब सवाल यह उठता है कि क्या इस बार दोषी पर ठोस कार्रवाई होगी या फिर पहले की तरह कुछ समय बाद उन्हें किसी नए पद पर बैठा दिया जाएगा।
RTO अधिकारी जितेन शर्मा पर क्या इस बार होगी सख्त कार्रवाई?
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जितेन्द्र शर्मा पर आगे क्या कार्रवाई होती है। क्या वे भी अन्य दोषी अनपा खान संजय तिवारी भारती वर्मा अधिकारियों की तरह जांच के नाम पर बचा लिए जाएंगे, या इस बार व्यवस्था में बदलाव की कोई शुरुआत होगी? मध्य प्रदेश में हो रहे रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार पर जनता अब जवाब चाहती है – और न्याय भी। अगर इस बार भी भोपाल परिवहन कार्यालय की लापरवाहियों को नजर अंदाज किया गया तो आगे और भी ऐसे ही सड़क दुर्घटना का शिकार जनता होती रहेगी ऐसा नहीं है कि भोपाल आईटीओ समय पर जांच नहीं कर रहे हैं अक्सर आरटीओ स्टाफ के वाहन को चेकिंग करते हुए आप हाईवे पर सुबह-सुबह देख सकते हैं आप समझ में यह नहीं आता की इतनी कड़ी शक्ति के बावजूद इस तरह की लापरवाही किशोर इशारा कर रही है
RTO जितेन शर्मा पर कार्रवाई के बाद अब उनके द्वारा किए गए कारनामों की पोल खुलने लगी है नाम नहीं छापने के शर्त पर बताया गया कि RTO जितेन शर्मा को मध्य प्रदेश शासन के एक मंत्री का पूरा संरक्षण मिलता है इसलिए परिवहन कमिश्नर और परिवहन डिप्टी कमिश्नर सचिव बेबस है जितेन शर्मा के कई कारनामे सामने आने के बाद भी करवाई तो दूर की बात किसी से चर्चा भी नहीं कर पाते हैं अब देखना यह है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव इस मामले में सख्त एक्शन लेते हैं या फिर मंत्री जी के संरक्षण में RTO जितेन शर्मा के कारनामों पर पर्दा डालता रहेगा?














