Ekal Satya News

आपकी आवाज, आपकी खबर

Advertisement
बागेश्वर कपकोट में नाबालिक से बंद कमरे में छेड़छाड़ मुर्गा बनाकर पिटा

बागेश्वर कपकोट में बंद कमरे में किशोरियों को मुर्गा बनाकर उनसे मारपीट और छेड़छाड़ का मामला सामने आने से हड़कंप मचा हुआ है। ये मामला उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र से सामने आया है। इसका दो वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ युवक दो किशोरियों को बंद कमरे में मुर्गा बनाकर उनसे छेड़छाड़ और मारपीट करते हुए दिखाई दे रहा है वीडियो वायरल होने के बाद किशोरी के परिजनों ने कपकोट थाने में लक्की कठायत, योगेश गढि़या, तनुज गढि़या और दक्ष फर्स्वाण के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है पुलिस ने शिकायत के आधार पर चारों आरोपियों के खिलाफ धारा- 74, 115(2), 352, 351(2) बीएननएस और 7/8 पॉक्सो अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था। वही संबंध में थाना प्रभारी कपकोट खुशवंत सिंह ने मीडिया से चर्चा की दौरान बताया कि चार आरोपियों पर पास्को एक्ट के साथ अन्य धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया गया है इस घटना में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है अन्य आरोपी को गिरफ्तार करने के प्रयास पुलिस द्वारा किए जा रहे हैं आरोपियों द्वारा पुलिस पर हमला करने की बात से थाना प्रभारी द्वारा इनकार किया गया है

39 साल की सेवा के बाद निलंबन! एसएसआई देशवालती की कमिश्नर ऑफिस में गुहार

भोपाल थाना गांधीनगर में पदस्थ वरिष्ठ एसएसआई अशोक देशवालती को 4 अप्रैल को बिना किसी विभागीय जांच और पूर्व सूचना के निलंबित कर दिया गया। यह फैसला उस वक्त आया जब उन्हें बताया गया कि उनकी बीट में अवैध गतिविधि हो रही थी उनके अनुसार, न तो इस संबंध में कोई रिपोर्ट है और न ही उनके हस्ताक्षर किसी दस्तावेज़ पर मौजूद हैं।

39 वर्षों की ईमानदार और बेदाग सेवा देने वाले देशवालती ने इस निलंबन को अन्यायपूर्ण बताया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उन्हें जानबूझकर बलि का बकरा बनाया गया और विभागीय छवि को नुकसान पहुँचाने वाला कोई कार्य उन्होंने नहीं किया।

“क्या बीट की जिम्मेदारी केवल एक सिपाही की होती है?”
एसएसआई ने यह सवाल भी उठाया है कि जब किसी बीट में अवैध गतिविधि होती है, तो उसकी पूरी ज़िम्मेदारी सिर्फ एक अधिकारी पर कैसे डाली जा सकती है?

अपनी शिकायत लेकर वे सीधे भोपाल कमिश्नर कार्यालय पहुंचे और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

सीवेज शाखा के अधिकारियों पर अभद्रता का आरोप, ड्राइवरों ने किया हंगामा–कार्रवाई नहीं होने पर काम बंद की चेतावनी

भोपाल– मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एम्स स्थित नगर निगम जोन-12 ऑफिस के सामने सोमवार को सीवेज शाखा से जुड़े ड्राइवरों ने जमकर हंगामा किया। ड्राइवरों का आरोप है कि शाखा के दो अधिकारियों ने उन्हें अपशब्द कहे और दुर्व्यवहार किया। नाराज ड्राइवरों ने माता मंदिर स्थित नगर निगम मुख्यालय पहुंचकर अधिकारियों के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराई।

ड्राइवरों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे मंगलवार से काम बंद कर देंगे। इससे शहर की सीवेज व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने निगम प्रशासन से निष्पक्ष जांच और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

विश्व स्वास्थ्य दिवस पर सेमिनार का आयोजन, स्वास्थ्य जागरूकता पर डाला गया जोर

भोपाल। संयुक्त मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो की भोपाल शाखा तथा एसोसिएशन फॉर फिजिशियंस ऑफ इंडिया, मध्य प्रदेश चेप्टर के संयुक्त तत्वावधान में विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर एक विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ब्यूरो के प्रदेश कार्यालय में संपन्न हुआ।

सेमिनार के मुख्य अतिथि डॉ. एस. के. पाराशर (पूर्व एडिशनल डायरेक्टर, सी.जी.एच.एस., भोपाल) ने स्वास्थ्य जागरूकता की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अच्छा स्वास्थ्य न केवल परिवार की समृद्धि लाता है, बल्कि राष्ट्र की उन्नति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने खासतौर पर महिलाओं में एनीमिया की समस्या को उजागर करते हुए संतुलित और पौष्टिक आहार की आवश्यकता पर बल दिया।

अतिथि वक्ता डॉ. दीपा बाथम ने महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य पर चर्चा करते हुए सर्वाइकल कैंसर वैक्सीनेशन की आवश्यकता बताई एवं बच्चों के समय पर टीकाकरण और उचित पोषण की सलाह दी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता संयुक्त मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो, भोपाल के संभागाध्यक्ष डॉ. विवेक शुक्ला ने की। कार्यक्रम का संचालन जिला अध्यक्ष श्री संतोष मसीह ने किया एवं आभार प्रदर्शन जिला मीडिया अध्यक्ष श्री प्रकाश जॉर्ज ने व्यक्त किया।

इस अवसर पर प्रदेश कोऑर्डिनेटर श्रीमती भारती जैन, जिला उपाध्यक्ष श्री मनीष रघुवंशी, जिला कोऑर्डिनेटर श्री निर्मल खरे, जिला सचिव श्री चंद्रकांत पाटील, महिला जिला कोऑर्डिनेटर श्रीमती विनीता पाटिल, डॉ. रुपेश पांडे, वरिष्ठ साथी श्रीमती उर्मिला जैन एवं श्री मानव अग्निहोत्री प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

नशे में धुत कार्यशाला के दौरान गिर पड़ेसंयुक्त संचालक

ग्वालियर। महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक डीके सिद्धार्थ की कारगुजारियां इस समय काफी जोरों पर हैं। उनके बारे में जो जानकारियां सामने आ रही हैं, वे काफी आश्चर्यचकित करने वाली हैं। जानकारी मिली है कि कार्यशाला के दौरान वे नशे में इतने धुत थे कि महिला परियोजना अधिकारियों एवं पर्यवेक्षकों के बीच गिर पड़े।
मिली जानकारी अनुसार माह जुलाई 2024 में श्योपुर के राधिका विलास होटल में महात्मा गांधी सेवा आश्रम द्धारा चंबल संभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी, परियोजना अधिकारियों एवं पर्यवेक्षकों के लिए कार्यशाला आयोजित की गई थी। बताया जा रहा है कि कार्यशाला के दौरान वहां पर उपस्थित संयुक्त संचालक डीके सिद्धार्थ अत्याधिक मदिरापान करने की वजह से एकाएक वहां पर गिर पड़े।
महिला परियोजना अधिकारियों ने पहुंचाया आरक्षित कक्ष में
जानकारी के अनुसार अत्याधिक मदिरापान के चलते वे खड़े होने में असमर्थ थे, और ठीक ढंग से चल भी नहीं पा रहे थे। जब लडख़ड़ाकर गिरते संयुक्त संचालक डीके सिद्धार्थ को परियोजना अधिकारियों ने देखा तो उन्हें पैलेस में आरक्षित कमरे में किसी तरह पहुंचाया। कलेक्टर ने प्रमुख सचिव को भेजे पत्र में इस बात का उल्लेख किया है और कहा है कि इससे विभाग की छवि धूमिल हुई।

आरटीआई एक्टिविस्ट दुबे ने की सीएम से शिकायत
मामला सामने आने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता और आरटीआई एक्टिविस्ट
अजय दुबे ने संयुक्त संचालक डीके सिद्धार्थ की शिकायत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से की है। सामाजिक कार्यकर्ता दुबे का कहना है कि महिला एवं बाल विकास विभाग के आला अधिकारियों को मामला संज्ञान में आते ही तुरंत संयुक्त संचालक पर कार्रवाई की जानी थी। उन्होंने मांग की है कि संयुक्त संचालक को वहां से स्थानांतरित कर पत्र में उल्लेखित बिंदुओं की जांच की जाए।

दैनिक स्वतंत्र समय लगातार कर रहा खबरें प्रकाशित
यहां बता दें कि संयुक्त संचालक डीके सिद्धार्थ द्धारा की गईं अनियमितताएं एवं लंबे समय से पदस्थापना को लेकर दैनिक स्वतंत्र समय लंबे समय से खबरें प्रकाशित कर रहा है। यही नहीं प्रकाशित की गई खबरों को लेकर महिला पर्यवेक्षकों एवं परियोजना अधिकारियों द्धारा कहा जा रहा है कि उक्त समाचार पत्र ने बिना भय, दवाब के जो समाचार प्रकाशित किए वह आज के दौर में सराहनीय है।

टीआई पर रेप का मामला दर्ज, महिला के साथ लिव-इन में रह रहे थे आरोपी थाना प्रभारी

भोपाल से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ मध्यप्रदेश पुलिस के एक थाना प्रभारी के खिलाफ बलात्कार का गंभीर आरोप लगा है। इन दिनों जहां मध्य प्रदेश पुलिस अपराधियों से जूझ रही है वहीं पुलिस विभाग को अपने अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई करनी पड़ रही है थाना ऐशबाग में पदस्थ थाना प्रभारी जितेंद्र गढ़वाल के अलावा तीन पुलिस कर्मियों पर भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत उसी थाने में मामला दर्ज करना पड़ा जिसमें वह पदस्थ थे भोपाल के महिला थाने में दर्ज FIR ने तो सबके होस उड़ा दिए हैं जानकारी के अनुसार, झाबुआ जिले के थांदला थाने में पदस्थ थाना प्रभारी राजकुमार कुंसारिया पर भोपाल महिला थाने में दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है। पीड़िता ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि वर्ष 2019 से वह और आरोपी टीआई लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। इस दौरान आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए।

पीड़िता के अनुसार, जब राजकुमार कुंसारिया अयोध्या नगर थाना, भोपाल में पदस्थ थे, तब उन्होंने झूठे वादे और भावनात्मक दबाव के माध्यम से संबंध बनाए और भरोसा दिलाया कि वे जल्द ही उससे विवाह करेंगे। लेकिन कई वर्षों तक साथ रहने के बाद भी जब आरोपी ने शादी नहीं की और बात को टालता रहा, तब महिला को शक हुआ और उसने कानून का सहारा लेने का फैसला किया।

महिला थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार, आरोपी ने अपने पद और प्रभाव का गलत उपयोग करते हुए महिला का शोषण किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही आरोपी टीआई से पूछताछ की जाएगी और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस महकमे में भी हलचल मच गई है और एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं कि जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारी अगर कानून का दुरुपयोग करेंगे तो आम जनता को न्याय कैसे मिलेगा। मामले की गहन जांच जारी है और पीड़िता को सुरक्षा मुहैया कराई गई है। कभी अपराधियों से बचने के लिए पुलिस को पीड़ित की सुरक्षा में लगाया जाता था तो आज खुद पुलिस से ही पीड़ित को बचाने के लिए पुलिस को सुरक्षा देना पड़ रहा है अगर इसी प्रकार से भोपाल पुलिस का रवैया रहा तो पुलिस से न्याय की उम्मीद लगाने वाले लोग पुलिस नाम से भी डरने लगेंगे पुलिस पर अब तक सिर्फ और सिर्फ भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के आरोप लगा करते थे लेकिन पिछले कुछ महीनो से पुलिस खुद ही अपराध को अंजाम दे रही है

BJP नेता पर आदिवासी महिला के यौन शोषण का आरोप,AAP नेता पहुंचे डीजीपी ऑफिस

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी की सरकार एक और महिलाओं की सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करती हुई नजर आती है तो वही भारतीय जनता पार्टी के नेताओं पर महिलाओं के यौन शोषण के आरोप लग रहे हैं अपराधियों से तो पुलिस महिलाओं की सुरक्षा करने में सक्षम साबित होती है लेकिन जब मामला किसी नेता से जुड़ा हो तो पुलिस का भी करवाई करने से पहले हाथ पैर फूलने लगते हैं आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली सरकार में पूर्व मंत्री सोमनाथ भारती ने भोपाल में मध्य प्रदेश पुलिस महानिर्देशक से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश सह प्रभारी सतीश उपाध्याय के खिलाफ एक आदिवासी महिला स्वयंसेवक द्वारा दर्ज यौन शोषण की आपराधिक शिकायत को लेकर त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। भारती ने बताया कि,यह शिकायत उस महिला ने दर्ज कराई है जो भाजपा से जुड़ी रही है और उसने उपाध्याय पर मध्य प्रदेश में सह प्रभारी के रूप में कार्यकाल के दौरान पाँच वर्षों तक यौन शोषण करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह न केवल एक गंभीर आपराधिक मामला है, बल्कि आदिवासी महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा भी है, जिसे किसी भी सूरत में नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।

सोमनाथ भारती ने पुलिस प्रमुख को यह भी बताया कि उन्होंने 2025 के विधानसभा चुनाव परिणामों को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें सतीश उपाध्याय को विजेता घोषित किया गया था। उन्होंने कहा कि चुनाव याचिका संख्या 7/2025 के तहत उन्होंने कई प्रमाण प्रस्तुत किए हैं, जिनमें इस यौन शोषण मामले से जुड़ी शिकायत भी शामिल है। भारती ने मांग की कि इस गंभीर मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दी जाए, ताकि कानून का राज स्थापित हो और पीड़ित महिला को न्याय मिल सके।

छात्रावास अधीक्षक पर छात्रों का विरोध, प्रशासन से की न्याय की मांग

भोपाल, शासकीय डॉ. अंबेडकर अनुसूचित जाति महाविद्यालयीन बालक छात्रावास, श्यामला हिल्स, भोपाल के विद्यार्थियों ने अधीक्षक राजेश सेन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि अधीक्षक द्वारा उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है, धमकियां दी जा रही हैं और छात्रावास में भोजन एवं अन्य सुविधाओं की स्थिति अत्यंत दयनीय है।

छात्रों ने शिकायत की है कि अधीक्षक न केवल उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे हैं, बल्कि शिकायत करने पर उन्हें छात्रावास से निष्कासित करने, परीक्षा में फंसाने और भविष्य बर्बाद करने की धमकियां भी दे रहे हैं। छात्रों ने अधीक्षक पर वित्तीय अनियमितताओं और भोजन की गुणवत्ता से समझौता करने के भी आरोप लगाए हैं।

वहीं, इस संबंध में जब छात्रावास अधीक्षक राजेश सेन से चर्चा की गई तो उन्होंने छात्रों के आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि छात्रावास में छात्रों को मीनू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है और किसी भी प्रकार की प्रताड़ना नहीं दी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन छात्रों को पांच वर्ष पूर्ण हो चुके हैं और जिन्होंने स्नातक की पढ़ाई पूरी कर ली है, उन्हें नए विद्यार्थियों को अवसर देने हेतु मौखिक रूप से छात्रावास खाली करने के लिए कहा गया है।

रतलाम पुलिस ने 5 लाख के इनामी फरार आतंकी फिरोज को किया गिरफ्तार

रतलाम पुलिस ने राजस्थान के जयपुर शहर में सीरियल ब्लास्ट की साजिश रचने वाले फरार आरोपी फिरोज उर्फ सब्जी को गिरफ्तार कर लिया है। फिरोज अलसुफा संगठन का मुख्य संस्थापक सदस्य और खजांची था, जिसकी गिरफ्तारी पर NIA ने 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।

यह मामला 30 मार्च 2022 को राजस्थान के निंबाहेड़ा थाना क्षेत्र में एक संदिग्ध कार से विस्फोटक सामग्री, टाइमर, सेल और वायर बरामद होने के बाद सामने आया था। जांच में पता चला कि आरोपी अलसुफा संगठन के 11 सदस्यों के साथ जयपुर में सीरियल ब्लास्ट की साजिश रच रहा था। इस मामले में NIA और राजस्थान पुलिस ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि फिरोज फरार था।

रतलाम पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गठित टीमों ने मुखबिरों की सूचना पर कार्रवाई करते हुए 2 अप्रैल 2025 को फिरोज को उसकी बहन रेहाना के आनंद कॉलोनी स्थित घर से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान फिरोज ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उसे काबू कर लिया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस की सराहना की जा रही है।

मध्य प्रदेश: परिवहन आरक्षक सौरभ शर्मा की जमानत पर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन

मध्य प्रदेश के बहुचर्चित फर्जी नियुक्ति घोटाले और सोने के मालिकाना हक से जुड़े मामले में आरोपी परिवहन आरक्षक सौरभ शर्मा को जमानत मिलते ही सियासी हलचल तेज हो गई है। लंबे समय तक फरारी काटने के बाद सौरभ शर्मा ने हाल ही में न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था। उन पर फर्जी तरीके से नियुक्तियां कराने और बेहिसाब सोना रखने के गंभीर आरोप लगे थे, जिससे यह मामला बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।

हालांकि, कोर्ट से अचानक जमानत मिलने पर कांग्रेस ने सरकार पर मिलीभगत और भ्रष्टाचार को संरक्षण देने का आरोप लगाया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह उग्र प्रदर्शन किए और सरकार का पुतला जलाकर विरोध जताया। पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। विपक्ष ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।