भोपाल, 4 दिसंबर: मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के कार्यालय में रात के सन्नाटे के बीच भी रोशनी जल रही थी। कर्मचारी थके-हारे चेहरे के साथ कंप्यूटर स्क्रीन की रोशनी में डूबे हुए थे और उम्मीद पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों का विवरण अपलोड करने में लगे हुए थे।
पिछले छह माह की निर्धारित समयसीमा आज 5 दिसंबर को समाप्त हो रही है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा समय सीमा बढ़ाने की याचिका खारिज किए जाने के बाद, बोर्ड के अधिकारी लगातार रात-रात भर काम कर रहे हैं।
केंद्र सरकार द्वारा 5 अप्रैल 2025 से लागू किया गया उम्मीद पोर्टल (Unified Waqf Management, Empowerment, Efficiency and Development) वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण और पारदर्शिता बढ़ाने का प्रयास है। अधिनियम के अनुसार, सभी पंजीकृत वक्फ संपत्तियों का विवरण छह माह के भीतर पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है।
मध्य प्रदेश में वक्फ बोर्ड के पास कुल 15,012 संपत्तियां हैं, जिनमें से अब तक 9,185 संपत्तियों का विवरण अपलोड हो चुका है। शेष 5,827 संपत्तियां अभी लंबित हैं। बोर्ड अधिकारियों ने बताया कि पोर्टल की धीमी गति, बार-बार क्रैश होना और दस्तावेज़ संबंधी जटिलताएं मुख्य बाधाएं हैं।
वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सनवर पटेल ने कहा, “हमारे अधिकारी दिन-रात काम कर रहे हैं। रात के 12 बजे भी सभी कंप्यूटर पर काम जारी है। हमने पोर्टल संचालन में मदद के लिए बाहरी विशेषज्ञों की सेवाएं भी ली हैं। मुझे भरोसा है कि हमारे कर्मचारी पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ वक्फ संपत्तियों की जानकारी समय पर उम्मीद पोर्टल पर दर्ज करेंगे।”










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