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समाजसेवी अब्दुल मन्नान ने किया प्रदेश सत्ता प्रिंटिंग प्रेस का उद्घाटन

प्रदेश सत्ता प्रिंटिंग प्रेस का उद्घाटन समाजसेवी अब्दुल मन्नान द्वारा किया गया इस अवसर पर शहर के अधिकांश प्रमुख समाचार पत्रों के संपादकगण उपस्थित रहे। सभी संपादकों ने प्रदेश सत्ता के मालिक वाजिद खान को लाला लाजपत राय कॉलोनी पूलबोगदा स्थित नए प्रेस की स्थापना पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उद्घाटन समारोह में पत्रकारिता जगत के लोगों ने इसे मीडिया क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण पहल बताया और उम्मीद जताई कि यह प्रेस निष्पक्ष व गुणवत्तापूर्ण समाचार प्रकाशन में अहम भूमिका निभाएगा।

भोपाल बस हादसा: RTO जितेन्द्र शर्मा पर सख्त कार्यवाही की मांग, पालक महासंघ ने उठाई आवाज!

भोपाल। बीते छह महीनों से बिना फिटनेस और बीमा के भोपाल की सड़कों पर दौड़ रही एक स्कूली बस ने हाल ही में बड़ा हादसा कर दिया, जिसमें आठ से अधिक वाहन क्षतिग्रस्त हुए और एक युवा महिला डॉक्टर की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद भोपाल संभाग के कमिश्नर ने तत्काल प्रभाव से आरटीओ जितेन्द्र शर्मा को निलंबित कर आयुक्त कार्यालय में अटैच कर दिया है।

आरटीओ कार्यालय वाहन फिटनेस और बीमा की निगरानी के लिए जिम्मेदार होता है, लेकिन इस मामले में आरटीओ द्वारा अपने कर्तव्यों में भारी लापरवाही बरती गई। शर्मा स्वयं उड़नदस्ते के प्रभारी भी हैं, फिर भी सड़क पर चल रही अवैध और बिना फिटनेस की बसों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

इस घटना के बाद पालक महासंघ मध्य प्रदेश ने एक आवेदन सौंपकर शासन से मांग की है कि शर्मा पर कठोर कार्रवाई की जाए। महासंघ ने स्पष्ट किया है कि जितेन्द्र शर्मा का निलंबन समाप्त न किया जाए, बल्कि उन्हें इस प्रकरण में आरोपी बनाया जाए और जांच के उपरांत बर्खास्त किया जाए, ताकि आने वाले समय में इस तरह की लापरवाहियों पर रोक लगाई जा सके।

महासंघ ने इस संदर्भ में गुना जिले की उस दर्दनाक घटना का भी हवाला दिया है जिसमें एक वाहन की चूक से 13 लोगों की जान गई थी। उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे थे और वाहन मालिक, चालक के साथ-साथ गुना आरटीओ अधिकारी बरोलिया को भी आरोपी बनाया गया था।

ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब गुना में एक आरटीओ को घटना में लापरवाही के लिए आरोपी बनाया जा सकता है, तो भोपाल के आरटीओ जितेन्द्र शर्मा को बचाने या बहाल कराने के प्रयास क्यों किए जा रहे हैं? प्राप्त जानकारी के अनुसार कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा शर्मा के निलंबन को समाप्त कराने की कवायद जारी है, वहीं परिवहन विभाग के कुछ कर्मचारी सरकार को हड़ताल की धमकी भी दे चुके हैं।

पालक महासंघ ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि कानून सबके लिए समान हो, और इस मामले में कोई विशेष रियायत नहीं दी जानी चाहिए।

भोपाल में सिलेंडर विस्फोट के बाद भी नहीं जागा प्रशासन, चौक-चौराहों पर खुलेआम हो रहा गैस सिलेंडरों का दुरुपयोग

भोपाल। राजधानी भोपाल के एक शादी गार्डन में हाल ही में हुए सिलसिलेवार 10 गैस सिलेंडरों के विस्फोट ने पूरे शहर को दहला दिया था। इस भीषण हादसे के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी कुंभकरणी नींद में सोए हुए हैं। चौक-चौराहों और गलियों में आज भी चाय-नाश्ते के ठेलेवाले और छोटे दुकानदार अवैध रूप से घरेलू गैस सिलेंडरों का उपयोग कर रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा दोहराया जा सकता है।

प्रशासन की ओर से न तो अब तक कोई सख्त कार्रवाई की गई है और न ही इन अवैध गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है। आमजन की सुरक्षा से जुड़ा यह गंभीर मामला प्रशासनिक लापरवाही की पोल खोल रहा है। अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो अगला हादसा और भी भयावह हो सकता है।

भोपाल में दर्दनाक हादसा: बिना फिटनेस दौड़ रही स्कूल बस ने ली महिला की जान, आरटीओ जितेन्द्र शर्मा निलंबित

भोपाल में एक सड़क हादसा हुआ, जब स्कूल बस सिग्नल पर खड़े लोगों को कुचलते हुए आगे बढ़ गई इस घटना में एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत होने की सूचना मिल रही है। इस हादसे में कई लोग घायल भी हुए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि स्कूल बस का फिटनेस प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज अधूरे थे, इसके बावजूद वह बेधड़क सड़क पर दौड़ रही थी।

स्कूल बस घटना में आरटीओ जितेन्द्र शर्मा पर गिरी गाज, तत्काल निलंबन

जांच रिपोर्ट के अनुसार, यह हादसा क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) जितेन्द्र शर्मा की घोर लापरवाही का परिणाम माना गया है। कमिश्नर ने तत्काल प्रभाव से शर्मा को निलंबित करते हुए आदेश में लिखा:
“श्री जितेन्द्र शर्मा की लापरवाही के कारण यह वाहन बिना फिटनेस सड़क पर चल रहा था, जिससे मासूम की जान गई।”

मध्य प्रदेश में आज भी भ्रष्टाचार और लापरवाही की जड़ें गहरी

भोपाल परिवहन कार्यालय में लापरवाही, भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी कोई नई बात नहीं है। पूर्व में भी अनपा खान, भारती बर्मा, संजय तिवारी समेत कई अधिकारियों पर दलालों को संरक्षण देकर मोटी रकम वसूलने के आरोप लगते रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, हाल ही में जितेन्द्र शर्मा ने भी रिश्वत के रेट बढ़ा दिए थे, जिससे कार्यालय में दलालों की सक्रियता और बढ़ गई थी। इस प्रकार बढ़ाए गए थे वसूली के रेट MP परमिट ट्रक का पुराना रेट ₹500 नया रेट ₹1500 टैक्सी ऑल इंडिया परमिट के पुराना रेट ₹1000 नया रेट ₹3500 रुपए मोटरसाइकिल TO के पुराना रेट 100 रुपए नया रेट ₹300 ट्रक TO के पुराना रेट ₹500 नया रेट नया रेट ₹2000 रुपए औरत और मध्य प्रदेश में कहीं का भी TO करवाने के सरकार के नियम है लेकिन परिवहन कार्यालय भोपाल में एक अलग ही रूल रिश्वतखोर अधिकारी कर्मचारियों ने बना रखा है फोर व्हीलर अगर छोटी हो तो ₹5000 और बड़ी हो तो 8000 एवं 10000 या फिर जैसा जरूरतमंद वाहन मालिक फस जाए वसूली करते थे

मध्य प्रदेश में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार से जनता की उम्मीदें धूमिल, सिस्टम पर उठे सवाल

भोपाल परिवहन कार्यालय में आम जनता को राहत मिलने के बजाय, उन्हें रिश्वतखोरी और अफसरशाही के जाल में फंसना पड़ता है। सुबह से ही ऑफिस में आम लोगों से ज्यादा दलालों की भीड़ देखी जाती है। अब सवाल यह उठता है कि क्या इस बार दोषी पर ठोस कार्रवाई होगी या फिर पहले की तरह कुछ समय बाद उन्हें किसी नए पद पर बैठा दिया जाएगा।

RTO अधिकारी जितेन शर्मा पर क्या इस बार होगी सख्त कार्रवाई?

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जितेन्द्र शर्मा पर आगे क्या कार्रवाई होती है। क्या वे भी अन्य दोषी अनपा खान संजय तिवारी भारती वर्मा अधिकारियों की तरह जांच के नाम पर बचा लिए जाएंगे, या इस बार व्यवस्था में बदलाव की कोई शुरुआत होगी? मध्य प्रदेश में हो रहे रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार पर जनता अब जवाब चाहती है – और न्याय भी। अगर इस बार भी भोपाल परिवहन कार्यालय की लापरवाहियों को नजर अंदाज किया गया तो आगे और भी ऐसे ही सड़क दुर्घटना का शिकार जनता होती रहेगी ऐसा नहीं है कि भोपाल आईटीओ समय पर जांच नहीं कर रहे हैं अक्सर आरटीओ स्टाफ के वाहन को चेकिंग करते हुए आप हाईवे पर सुबह-सुबह देख सकते हैं आप समझ में यह नहीं आता की इतनी कड़ी शक्ति के बावजूद इस तरह की लापरवाही किशोर इशारा कर रही है

RTO जितेन शर्मा पर कार्रवाई के बाद अब उनके द्वारा किए गए कारनामों की पोल खुलने लगी है नाम नहीं छापने के शर्त पर बताया गया कि RTO जितेन शर्मा को मध्य प्रदेश शासन के एक मंत्री का पूरा संरक्षण मिलता है इसलिए परिवहन कमिश्नर और परिवहन डिप्टी कमिश्नर सचिव बेबस है जितेन शर्मा के कई कारनामे सामने आने के बाद भी करवाई तो दूर की बात किसी से चर्चा भी नहीं कर पाते हैं अब देखना यह है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव इस मामले में सख्त एक्शन लेते हैं या फिर मंत्री जी के संरक्षण में RTO जितेन शर्मा के कारनामों पर पर्दा डालता रहेगा?

मनरेगा में मजदूर को मजदूरी नहीं!आदमपुर छावनी में मजदूरी के नाम पर लाखों का भुगतान I

मध्य प्रदेश में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत मजदूरी के भुगतान को लेकर एक बड़ा घोटाला सामने आया है । आदमपुर छावनी ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत ग्रामीणों से काम नहीं करवा कर मजदूरी का भुगतान अलग-अलग नाम पर बिल वाउचर लगाकर किया जा रहा है सूत्रों गांव में रहने वाले गरीब की मानें तो मजदूरों को मजदूरी न देकर सरपंच सचिव अपने चाहितो को मजदूरी के नाम पर बिल वाउचर लगाकर लाखों-लाखों रुपए का भुगतान विक्रेता आईडी बनाकर कर रहे हैं सौरभ खाणडेलकर गुलमोहर कॉलोनी निवासी मनोज सेन, ग्राम पंचायत आदमपुर छावनी भारत पाल ग्राम पंचायत आदमपुर छावनी मुकेश अहिरवार नेहरू नगर निवासी जैसे लोगों के नाम पर मजदूरी के फर्जी वाउचर लगाकर बड़ी रकम निकाली जा रही है।

फर्जी बिल वाउचर से लाखों का हो गया ठेकेदार को भुगतान

कागजों में मजदूरों को भुगतान दिखाया जा रहा है, लेकिन असल में यह पैसा उनके हाथ तक नहीं पहुंच रहा। बताया जा रहा है कि यह पूरा खेल सरपंच और सचिव की शह पर चल रहा है, जिससे वे खुद मोटी कमाई कर रहे हैं। केंद्र सरकार की यह सबसे महत्वपूर्ण योजना है मनरेगा के तहत हर कमजोर वर्ग के लोगों को मजदूरी मिल सके ताकि वह अपने परिवार का पालन पोषण कर सके लेकिन पंचायत में देखा जा रहा है की मजदूरी के नाम पर मोटे-मोटे बिल वाउचर लगाकर अलग-अलग नाम पर भुगतान किया जा रहा है इस कारण से आज भी ग्रामीण मनरेगा न मिलने के कारण भुखमरी के शिकार हो रहे हैं जब के मनरेगा के तहत मजदूरी का नियम है कि 1 वर्ष में परिवार के व्यक्ति को 100 दिन या फिर 150 दिन गारंटी रोजगार दिया जाए 100 दिन की मजदूरी 25000 और 150 दिन की 37000 होती है लेकिन आदमपुर छावनी में लाखों लाखों रुपए का भुगतान चार लोगों के नाम पर किया गया है जो की मनरेगा की नियमों का साफ़ तौर पर उल्लंघन है और एक बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रहा है ग्राम पंचायत आदमपुर छावनी के सचिव से जब इस संबंध में एकल सत्य समाचार पत्र की ओर से चर्चा की गई तो उनका कहना है कि पंचायत में मजदूर नहीं मिलते हैं इसलिए ठेके पर मजदूरी करवानी पड़ रही है ठेके पर मजदूरी करवाना मनरेगा के नियमों का भी उल्लंघन है इसके लिए सिर्फ और सिर्फ सरपंच सचिव नहीं फंदा ब्लॉक में बैठे CEO और जिला CEO पर भी संदेह हो रहा है कि इतनी बड़ी गड़बड़ी पर अब तक उनकी नजर क्यों नहीं पड़ी बात सिर्फ आदमपुर छावनी की नहीं अधिकतर पंचायत में इस तरह का खेल खेला जा रहा है जो सरपंच सचिव और अधिकारियों की मिली भगत से मनरेगा के नियमों का उल्लंघन करके ठेकेदार के जरिए अपनी भी जेब भरी जा रही है जिससे गरीबों को मजदूरी नहीं मिल रही है और सरकार को चूना लगाया जा रहा है

नवेद खान को इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन का जिला अध्यक्ष भोपाल बनाया गया।

भोपाल, जर्नलिस्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सेराज अहमद कुरैशी के निर्देश एवं राष्ट्रीय सचिव मसूद जावेद कादरी की संस्तुति पर मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष मो. अश्फाक आरिफ खान ने भोपाल – मध्य प्रदेश निवासी इंचार्ज मध्य प्रदेश – आल न्यूज टाइम्स (न्यूज चैनल) एवं पत्रकार भोपाल – खबर गति न्यूज नवेद खान को इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन का जिला अध्यक्ष भोपाल बनाया है और आशा व्यक्त की है कि वे इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन में शहर से लेकर गांव के सभी पत्रकारों को जोड़कर पत्रकार हितों की रक्षा एवं उत्पीड़न की घटनाओं पर सतत संघर्षशील रहेंगे।
नवेद खान को जिला अध्यक्ष भोपाल बनाये जाने पर मोहम्मद परवेज़, मसूद जावेद कादरी, गिरीराज सिंह, रंजीत कुमार सम्राट, मो. एजाजुल हक़, सैय्यद जाकिर हुसैन, मोहम्मद ताबिश, मिर्जा शफीक बेग, जावेद खान, एस के जागीरदार, इंसाफ कुरैशी, मोहम्मद इश्हाक मदनी, सुल्तान अख्तर, नसीम रब्बानी, मनोज कुमार, मिथिलेश कुमार, रविंद्र नाथ झा, रजिउर रहमान पंकज कुमार झा, वरिष्ठ पत्रकार मोहम्मद हसन शहडोल, वरिष्ठ संपादक रशीद हसन कटनी, हमीद कुरैशी इंदौर, जीत आज तक जाहिद मंसूरी इंदौर , मुन्ना खान खरगोन, अनिसुद्दीन प्रधान संपादक दैनिक मिराज इंदौर, राकेश जी, झज्जर हरियाणा, गौरव कुमार नर्मदापुरम होशंगाबाद, तालिब हुसैन जबलपुर, बुरहानपुर जिला अध्यक्ष शकील खान, भोपाल के मनीष राजू – इंडिया हेड न्यूज़, शादाब खान- खबर भारत न्यूज़, आदिल खान- रेट 9 न्यूज़, वरिष्ठ पत्रकार दीपक ठाकुर- खबरों की रोशनी न्यूज़, शाहिद खान- दबंग पीपुल्स मैग्जीन, जुबेर खान- एमपी हलचल न्यूज़, नफीस खान – दैनिक अपना लक्ष्य न्यूज़ पेपर, वरिष्ठ पत्रकार फिरदौस अंसारी- डी 5 एल न्यूज़ चैनल,इकबाल खान? एकल सत्य न्यूज़। शानू खान- खबर भारत, शावर अली- केके डी न्यूज चैनल, नितिन अली – खबरों की रोशनी, संतोष सिंह चौहान- न्यू साधना न्यूज़ आदि पत्रकार गण ने हर्ष व्यक्त करते हुए बधाई दी।

ईद मिलन समारोह में खालिक मकरानी को किया गया सम्मानित

भोपाल। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच, मध्य प्रदेश द्वारा राजधानी भोपाल में ईद मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न समुदायों के गणमान्य लोगों ने शिरकत की और आपसी सौहार्द व भाईचारे का संदेश दिया। समारोह के दौरान “मकरानी समाज जिला भोपाल” के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार खालिक मकरानी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान समाज सेवा, पत्रकारिता और सामुदायिक एकता के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया। मंच द्वारा दी गई इस सराहना ने उपस्थितजनों को प्रेरित किया और कार्यक्रम को और भी खास बना दिया।

भोपाल में आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई – बार बंद, माफ़िया बंद-शहर में मचा हड़कंप!

भोपाल की शांत रातों में जब पूरा शहर नींद में डूबा था, तभी प्रशासन ने वो फैसला लिया जिसने शराब कारोबारियों की नींद उड़ा दी। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह और उनकी टीम ने एक सख्त ऑपरेशन के तहत जिले के 84 एफएल-2 और एफएल-3 लाइसेंसधारी बारों में से 59 बारों पर सील की कार्रवाई की। नियमों की अनदेखी और अधूरी दस्तावेज़ी प्रक्रिया के चलते 51 रेस्टोरेंट बारों में से 38 और 31 होटल बारों में से 20 को ताले जड़ दिए गए। ये अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है, जिसे लोक स्वास्थ्य और जनसुरक्षा के मद्देनज़र अंजाम दिया गया।
इसी के साथ दूसरी बड़ी कार्रवाई ने इस ऑपरेशन को ‘डबल धमाका’ बना दिया – बैरागढ़ में एक डस्टर कार से 38 पेटी विदेशी शराब जब्त की गई, जिसकी कीमत करीब 15 लाख रुपये आँकी गई। शाहरुख अली और शाकिर अली नामक आरोपी मौके पर गिरफ्तार हुए, और उन पर आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(क) व (2) के तहत मामला दर्ज किया गया।
इस संयुक्त कार्रवाई ने साफ संदेश दे दिया है – अब भोपाल में अवैध शराब का कारोबार नहीं चलेगा। कानून की गिरफ्त अब तेज़ है और शराब माफियाओं की सांसें थमी हुई हैं। अगला नंबर किसका होगा – ये डर अब हर ग़ैरकानूनी धंधे वाले के मन में घर कर चुका है।

फहीम बख्श बने उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रतिनिधि, कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर

भोपाल। उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक आतिफ अकील ने वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता फहीम बख्श को विधायक प्रतिनिधि नियुक्त किया है। यह नियुक्ति विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों के सुचारू क्रियान्वयन हेतु आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी। फहीम बख्श, जिन्हें आमतौर पर ‘फहीम नेता’ के नाम से जाना जाता है, ने कांग्रेस पार्टी और विधायक आरिफ अकील के साथ अपने जुड़ाव की शुरुआत महज 9 वर्ष की उम्र में की थी। लगभग 45 वर्षीय फहीम नेता ने अपनी पूरी उम्र पार्टी और अकील परिवार की सेवा में समर्पित की है। नियुक्ति की खबर सुनते ही शहरवासियों ने उन्हें बधाइयां और शुभकामनाएं दीं। कांग्रेस के प्रति उनकी निष्ठा और दशकों की सेवा को देखते हुए यह जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है।

भोपाल माध्यमिक शिक्षा मंडल में करोड़ों के घोटाले का उपयंत्री पर गंभीर आरोप

भोपाल के माध्यमिक शिक्षा मंडल में वर्ष 2023 के दौरान बिना कार्यपालन यंत्री की नियुक्ति के करोड़ों रुपये के निर्माण कार्यों के भुगतान में भारी अनियमितताओं का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023 में मंडल में कोई कार्यपालन यंत्री पदस्थ नहीं था, जबकि संविदा के माध्यम से दिनांक 20 सितंबर 2023 को एक वर्ष के लिए कार्यपालन यंत्री की नियुक्ति की गई। इस अवधि में उपयंत्री विनोद कुमार मंडराय ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर स्वयं ही निर्माण कार्यों के रनिंग एवं अंतिम देयकों का प्रमाणीकरण कर करोड़ों रुपये का भुगतान करवा दिया।
लोक निर्माण विभाग के वित्तीय शक्तियों की पुस्तिका 1995 के अनुसार, यह अधिकार केवल कार्यपालन यंत्री को होता है, जबकि उपयंत्री को ऐसा कोई अधिकार प्राप्त नहीं है। बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के देयकों का भुगतान कराना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि विभाग के साथ छल-कपट और धोखाधड़ी भी है। इस गंभीर अनियमितता को देखते हुए विभाग ने एक तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन कर मामला जांच के अधीन कर दिया था पर माध्यम शिक्षा मंडल में किसी भ्रष्टाचार की जांच इतनी आसानी से हो जाए यह संभव ही नहीं क्योंकि माध्यमिक शिक्षा मंडल में एक ही भ्रष्टाचारी नहीं है इस भ्रष्टाचार के खेल में कई अधिकारी अपनी भूमिका निभा रहे हैं जांच कमेटी टीम तो गठित की गई है लेकिन इसमें भी लीपापोती कर के मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है जिसकी शिकायत माध्यमिक शिक्षा मंडल से रिटायर हुए अब्दुल मुईद खान ने सचिन से लेकर मध्य प्रदेश शासन के शिक्षा मंत्री तक की है लेकिन मुईद खान को न्याय की किरण कहीं से नजर नहीं आ रही है

विनोद कुमार मंडराय पर पहले से भी लंबित हैं शिकायतें, कार्रवाई की मांग तेज

उपयंत्री विनोद कुमार मंडराय के विरुद्ध पूर्व में भी कई शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं। शिकायतकर्ता द्वारा 25 नवंबर 2024 और 17 जनवरी 2025 को अध्यक्ष और सचिव माध्यमिक शिक्षा मंडल को प्रस्तुत की गईं शिकायतों में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि मंडराय ने दस्तावेजों में फर्जी जानकारियाँ अंकित कर विभाग को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुँचाया।
शिकायत में तालिका ‘ए’ के अंतर्गत सरल क्रमांक 01 से 21 तथा परिशिष्ट 03 से 23 तक दस्तावेजों को संलग्न किया गया है। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि शीघ्रता एवं पारदर्शिता के साथ समयसीमा में जांच पूरी कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। अगर समय पर जांच करके दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो इस मामले को उच्च न्यायालय में अपने वकील के माध्यम से चुनौती देंगे इसके साथ ही यह भी आशंका जताई गई है कि जांच लंबित रहने के दौरान उपयंत्री साक्ष्यों को प्रभावित कर सकते हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से भवन कक्ष से हटाने की भी मांग की गई है। अब सभी की निगाहें मंडल प्रशासन पर टिकी हैं कि वह कब इस मामले में ठोस कदम उठाता है। या फिर माध्यमिक शिक्षा मंडल में हुए पुराने घोटाले के साथ इस गंभीर आरोप को भी दरकिनार कर उपन्यत्री विनोद कुमार मंडराय को बचाने का प्रयास किया जाएगा।

इनका कहना है
अतिरिक्त सविन प्रियंका गोयल से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि इस मामले के लिए जांच समिति गठित कर दी गई थी लेकिन उसमें एक जांच सदस्य का ट्रांसफर हो गया था अब दूसरे सदस्य जोड़कर जांच की जाएगी लेकिन जांच के संबंध में एकल सत्य समाचार पत्र के द्वारा पूछा गया कि कब तक जांच चलती रहेगी तो उन्होंने बताया कि जांच कब तक चलेगी यह स्पष्ट नहीं बता सकते हैं अब यह जांच कब तक होती है और इसकी स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हो पा रही अब देखना यह है कि माध्यमिक शिक्षा मंडल में इस भ्रष्टाचार की जांच होकर दोषी पर कार्रवाई होती है या फिर इसी तरह से जांच समिति के सदस्य ट्रांसफर होते रहेंगे और ट्रांसफर के नाम पर जांच को लंबे समय तक खींचा जाएगा। ताकि भ्रष्टाचार के आरोपी उप यंत्री विनोद कुमार मंडराय उच्च अधिकारियों से मिलकर शिक्षा मंडल में घोटाले और भ्रष्टाचार करते रहेंगे शिकायतकर्ता द्वारा बताया गया है कि मां पुस्तिका अधिनियम का उल्लंघन करते हुए उपयंत्री ने इतने निर्माण कार्य करवाए हैं कि उनकी सही से अगर जांच हो जाए तो मध्य प्रदेश में एक और भ्रष्टाचार की गूंज भारत के हर कोने में सुनाई देगी।