भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस सूचना अधिकार प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष पुनीत टंडन ने सूचना के अधिकार (RTI) के माध्यम से भ्रष्ट सिस्टम के खिलाफ एक बड़ी क्रांति छेड़ दी है। उनके निरंतर प्रयासों से सरकारी विभागों में चल रहे भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का पर्दाफाश हो रहा है। टंडन के इस कदम ने जहां भ्रष्टाचारियों की नींद उड़ा दी है, वहीं आम जनता को पारदर्शिता और न्याय की नई उम्मीद दी है।
सूचना के अधिकार का सशक्त उपयोग कर पुनीत टंडन लगातार जनता से जुड़े मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित कर रहे हैं। उनके प्रयासों से न केवल कई भ्रष्टाचार मामलों का खुलासा हुआ है, बल्कि शासन-प्रशासन पर भी पारदर्शी कार्यप्रणाली अपनाने का दबाव बढ़ा है। टंडन का कहना है कि RTI जनता का हथियार है और इसका सही उपयोग करके हर नागरिक अपने अधिकारों की रक्षा कर सकता है।
जनहित के प्रति उनकी निष्ठा और साहसिक कार्यों के चलते पुनीत टंडन आज आम लोगों के बीच ईमानदारी और पारदर्शिता के प्रतीक बन गए हैं। उनका मिशन है—“भ्रष्टाचार मुक्त मध्यप्रदेश”, और वे इस दिशा में लगातार कदम बढ़ा रहे हैं।
भोपाल। थाना टीटी नगर पुलिस ने शहर में लगातार हो रही वाहन चोरी की घटनाओं पर बड़ी कार्रवाई करते हुए दो शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से भोपाल के विभिन्न थाना क्षेत्रों से चोरी की गई कुल 10 दोपहिया मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 18 लाख रुपये बताई जा रही है।
आगामी त्यौहारों को ध्यान में रखते हुए पुलिस आयुक्त श्री हरिनारायणाचारी मिश्र, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री अवधेश गोस्वामी के निर्देशों पर यह कार्रवाई की गई। पुलिस उपायुक्त (जोन-1) श्री आशुतोष गुप्ता एवं अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (जोन-1) श्रीमती रश्मि अग्रवाल दुबे, सहायक पुलिस आयुक्त (टीटी नगर संभाग) श्रीमती अंकिता खातनकर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी गौरव सिंह दोहर के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई थी।
घटना का विवरण
दिनांक 10 अक्टूबर 2025 को फरियादी तरुण सिंह रावत ने अपनी मोटरसाइकिल (MP04 QQ 3639) तबाजी कैफे डिपो चौराहा के सामने पार्किंग में खड़ी की थी, जो कुछ समय बाद चोरी हो गई। मामले में अपराध क्रमांक 677/25 धारा 303(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।
जांच के दौरान पुलिस टीम ने बाणगंगा दशहरा मैदान के पास दो संदिग्ध युवकों को बिना नंबर प्लेट की R15 बाइक पर घूमते देखा। पूछताछ में युवकों ने अपना नाम कासिम उर्फ दानिश खां (21 वर्ष) निवासी राजीव नगर और नदीम हसन (21 वर्ष) निवासी ऐशबाग बताया। वाहन की जांच में पता चला कि बाइक चोरी की है।
मनोवैज्ञानिक पूछताछ में दोनों ने टीटी नगर, कोलार, अयोध्यानगर, अशोका गार्डन, शाहजहांनाबाद, गोविंदपुरा और हनुमानगंज क्षेत्रों से वाहन चोरी करना स्वीकार किया। पुलिस ने दोनों के कब्जे से कुल 10 मोटरसाइकिलें बरामद कीं।
आरोपियों का विवरण
नदीम हसन पिता नईम हसन (21 वर्ष) निवासी – मकबरे वाली मस्जिद के पास, बाग फरहत आफजा, ऐशबाग, भोपाल पूर्व प्रकरण – थाना कमलानगर में 379, 411 भादवि की चार बार चोरी के मामले दर्ज।
कासिम उर्फ दानिश खां पिता अस्सू खां (21 वर्ष) निवासी – झुग्गी नं.2309, चार नाले के पास, राजीव नगर, मैदा मील रोड, एमपी नगर, भोपाल पूर्व प्रकरण – थाना अरेरा हिल्स में अपराध क्रमांक 189/24, धारा 324(2), 351(2), 3(5) बीएनएस दर्ज।
सराहनीय भूमिका
इस कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक गौरव सिंह दोहर, उनि राघवेन्द्र सिंह सिकरवार, सउनि कन्हैया लाल यादव, प्रआर अनंत सोमवंशी, प्रआर ऋषिकेश राय, प्रआर रविन्द्र पाल, प्रआर तरुण कुमार, प्रआर जगदीश बेले, प्रआर शिशुपाल सैनी, आर अरविन्द यादव, आर कपिल कौशिक, आर अविनाश भारती, आर रितेश तिवारी, आर धर्मबीर सिंह, आर गोविन्द प्रजापति, आर जालम सिंह, आर भगवान दास, आर शिवचरन, तकनीकी सहायता में आर पुष्पेन्द्र भदौरिया (जोन-1 कार्यालय) एवं आर मोहित दास (सायबर सेल) की भूमिका सराहनीय रही।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऑनलाइन मार्गदर्शन दिया, स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग पर दिया बल
भोपाल। मध्यप्रदेश राज्य वक्फ बोर्ड मुख्यालय में 14 अक्टूबर 2025 को एक दिवसीय काज़ी कॉन्फ्रेंस (कार्यशाला) का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन की अध्यक्षता वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल (कैबिनेट मंत्री दर्जा) ने की, जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऑनलाइन माध्यम से जुड़कर सम्मेलन को संबोधित किया और आत्मनिर्भर भारत अभियान की दिशा में वक्फ बोर्ड के प्रयासों की सराहना की।
इस कार्यशाला का उद्देश्य प्रदेश के मुस्लिम समाज को भारत सरकार और राज्य शासन के आत्मनिर्भर भारत के अभियान से जोड़ना, वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा एवं विकास पर चर्चा करना तथा वक्फ कानून 2025 की रोशनी में पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करना था।
कॉन्फ्रेंस में रियासत भोपाल के काज़ी-ए-शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी, काजी सैयद इशरत अली (अध्यक्ष, म.प्र. काजी काउंसिल), काजी खलीक उर्रहमान (उपाध्यक्ष, काजी काउंसिल), मुफ्ती अबुल कलाम कासमी (मुफ्ती-ए-शहर, भोपाल) सहित प्रदेशभर के लगभग सभी जिलों के काज़ी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत कुरआन की तिलावत से हुई।
काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी ने समाज में फैली बुराइयों पर नियंत्रण और शादी-निकाह को इबादत के रूप में संपन्न करने की बात कही। उन्होंने देशप्रेम के तहत स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया। काजी सैयद इशरत अली ने सुझाव दिया कि वक्फ की कीमती संपत्तियों से होने वाली आय का उपयोग इमामों और मोअज्जिनों के वेतन में सुधार हेतु किया जाए।
काजी खलीक उर्रहमान ने भी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के स्वदेशी वस्तुओं के आह्वान को समर्थन देते हुए कहा कि हमें देश को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लेना चाहिए। मुफ्ती अबुल कलाम कासमी ने अपने बयान में कहा कि स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग कोई राजनीतिक विषय नहीं बल्कि शरीयत के अनुरूप एक नेक कार्य है, जो देश को मज़बूत बनाता है।
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने अपने संबोधन में वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा, विकास और पारदर्शी प्रबंधन की दिशा में बोर्ड द्वारा किए जा रहे नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने काज़ी साहिबानों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को प्रोत्साहित करें।
सम्मेलन के दौरान बोर्ड अधिकारियों ने वक्फ कानून 2025, उम्मीद सेंट्रल पोर्टल, वक्फ शिक्षा नीति “पढ़ो-पढ़ाओ राष्ट्र निर्माण में भागीदारी बनो”, कृषि भूमि नीलामी, कानूनी सहायता, पट्टा अनुबंध प्रक्रिया, स्वास्थ्य सेवाओं हेतु वक्फ संपत्तियों में सस्ती जांच प्रयोगशालाओं की स्थापना और वक्फ खातों को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से जोड़ने जैसे विषयों पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम के समापन पर मध्यप्रदेश काजी काउंसिल और रियासत भोपाल के प्रतिनिधियों ने सामूहिक रूप से यह घोषणा की कि वे स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग कर आत्मनिर्भर भारत अभियान को सफल बनाने हेतु प्रदेशभर में जनजागरण अभियान चलाएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने वर्चुअल संबोधन में कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लिए देश में बनी वस्तुओं का उपयोग राष्ट्रहित में अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने वक्फ बोर्ड द्वारा आयोजित इस काज़ी कॉन्फ्रेंस को सराहनीय पहल बताते हुए सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ दीं।
भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम की 20वीं वर्षगांठ पर आयोजित प्रेस वार्ता में जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना, आरटीआई प्रकोष्ठ अध्यक्ष पुनीत टंडन और प्रदेश प्रवक्ता मिथुन अहिरवार ने कहा कि 2005 में मनमोहन सिंह के नेतृत्व में लागू हुआ यह कानून देश में पारदर्शिता और जवाबदेही की नींव बना, पर अब इसे कमजोर किया जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि आरटीआई ने समाज के सबसे कमजोर वर्गों को सशक्त किया और भ्रष्टाचार के कई बड़े मामलों का खुलासा किया। आरटीआई के ज़रिए सामने आए कुछ प्रमुख घोटाले —
आदर्श हाउसिंग सोसाइटी घोटाला (मुंबई)
कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाला (2010)
2G स्पेक्ट्रम आवंटन मामला
मिड-डे मील घोटाले और मनरेगा में फर्जी भुगतान के केस
एमपीएलएडी फंड और पीएम केयर्स फंड के उपयोग में अस्पष्टता इन सबने दिखाया कि आरटीआई भ्रष्टाचार पर नकेल कसने का सबसे सशक्त औज़ार है।
कांग्रेस ने कहा कि 2019 के संशोधन और 2023 के डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट के कारण सूचना आयोगों की स्वायत्तता घट गई है। जनहित की सूचनाएँ अब “व्यक्तिगत जानकारी” बताकर रोकी जा रही हैं, जिससे लोकतंत्र की पारदर्शिता पर गंभीर खतरा है।
सूचना आयोगों में रिक्तियाँ और लाखों लंबित मामलों पर चिंता जताते हुए कांग्रेस ने मांग की कि 2019 के संशोधन रद्द किए जाएँ, आयोगों की स्वतंत्रता बहाल की जाए और व्हिसलब्लोअर्स प्रोटेक्शन एक्ट को तुरंत लागू किया जाए।
सीहोर जिले के श्यामगढ़ क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला किसान की सालभर की मेहनत पर दबंगों ने दिन-दहाड़े कब्जा कर लिया। बरखेड़ा गांव की शारदा बाई लोधी ने पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर को दिए अपने लिखित आवेदन में बताया कि उनकी निजी भूमि खसरा नंबर 2/1/3 और 2/2/3 (कुल 12 एकड़) में बोई गई फसल को कुछ दबंगों ने जबरन काट लिया।
पीड़िता के अनुसार, घटना 6 अक्टूबर 2025 की है जब जवाहरसिंह पिता मोतीलाल, राहुल पिता जवाहरसिंह, दिनेश पिता किशोरीलाल, राजाराम, ओंकारसिंह, राजू पिता किशोरीलाल, संतोष, हार्दिकप्रसाद और सोनारसिंह सहित कई लोगों ने एकजुट होकर खेत में घुसकर उसकी मेहनत की पूरी फसल काट ली। जब शारदा बाई को इस घटना की सूचना मिली और उन्होंने विरोध किया, तो आरोपियों ने उन्हें धमकाया और किसी तरह का नुकसान भरपाई देने से भी इनकार कर दिया।
महिला किसान का कहना है कि वह अकेले मेहनत करके खेती करती हैं, पर उनकी मेहनत पर दबंगों ने डाका डाल दिया और अब तक किसी भी आरोपी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दिए कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
स्थानीय ग्रामीणों ने भी पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता पर नाराज़गी जताई है। उनका कहना है कि क्षेत्र में इस तरह की दबंगई की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन पुलिस केवल कागज़ी कार्रवाई तक सीमित है।
शारदा बाई ने जिला प्रशासन से अपील की है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और महिला किसान को न्याय दिलाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर न्याय नहीं मिला तो वह उच्च अधिकारियों तक अपनी आवाज़ पहुंचाएँगी।
और अब सवाल उठता है — जब शिकायत दर्ज हो चुकी है, सबूत मौजूद हैं, तो कार्रवाई क्यों नहीं? आखिर कब तक किसान यूँ ही लुटते रहेंगे और पुलिस खामोश बैठेगी?
भोपाल शहर में लगातार बढ़ रही मोबाइल झपटमारी और वाहन चोरी की घटनाओं से जहां आम लोग दहशत में थे, वहीं पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए इस गैंग का पर्दाफाश कर दिया है। अयोध्यानगर थाना पुलिस ने गुप्त सूचना और सटीक रणनीति के आधार पर 2 नाबालिग सहित कुल 0 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 10 चोरी की मोटरसाइकिलें और 13 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 12 लाख रुपये बताई जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक
पहले ऑटो से सुनसान इलाकों में जाकर दोपहिया वाहन चोरी करते थे और फिर उन्हीं वाहनों से मोबाइल स्नैचिंग की वारदात को अंजाम देते थे। महंगे शौक और नशे की पार्टी के लिए वे चोरी और लूट को आसान जरिया मान बैठे थे। वारदात के बाद आरोपी चोरी के वाहनों की नंबर प्लेट बदल देते और मौका मिलने पर उन्हें बेचने की फिराक में रहते।
पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए करीब 100 सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसके बाद मुखबिर की सूचना पर अयोध्या एक्सटेंशन स्थित नवनिर्मित हाउसिंग बोर्ड मल्टी से इनको दबोचा गया। गिरफ्तार आरोपियों में 27 वर्षीय रवि पाल निवासी सुखीसेवनिया की झुग्गी बस्ती और दो नाबालिग शामिल हैं। रवि पाल का आपराधिक रिकॉर्ड भी लंबा-चौड़ा है और उसके खिलाफ पहले से कई प्रकरण दर्ज हैं। वहीं दोनों नाबालिग भी अपराध की दुनिया में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं।
पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी चोरी किए गए मोबाइल को पहले इरानी डेरे में बेच चुके हैं। बरामद वाहनों में स्प्लेंडर, डिस्कवर, एक्टिवा, पल्सर सहित कई ब्रांड की गाड़ियां शामिल हैं, वहीं मोबाइल में ओप्पो, वीवो, रेडमी, रियलमी, सैमसंग और इन्फिनिक्स जैसी कंपनियों के महंगे स्मार्टफोन मिले हैं।
यह पूरी कार्रवाई पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्र और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अवधेश गोस्वामी के निर्देश पर की गई। जोन-2 के डीसीपी विवेक सिंह और एडीसीपी गौतम सोलंकी के पर्यवेक्षण तथा एसीपी एम.पी. नगर मनीष भारद्वाज के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी महेश लिल्हारे के नेतृत्व में गठित टीम ने इस गैंग का भंडाफोड़ किया।
कार्रवाई में थाना प्रभारी महेश लिल्हारे, उपनिरीक्षक सुदील देशमुख, प्रआऱ अमित व्यास, प्रआर बृजेश सिंह, प्रआर रूपेश सिंह जादौन, प्रआर भागवत कुशवाहा, प्रआर दिनेश मिश्रा, प्रआर सुदीप राजपूत, आर. प्रदीप दामले, आर. राजेन्द्र साहू, आर. राजेश अन्नोटिया, साइबर टेक सेल के भूपेन्द्र उईके और म.आर. पल्लवी शर्मा की भूमिका सराहनीय रही।
गिरफ्तार आरोपी
रवि पाल
उम्र: 27 साल
निवासी: झुग्गी नं. 248, क्रेसर बस्ती, सुखीसेवनिया, भोपाल
शिक्षा: 8वीं
व्यवसाय: भेल में ठेकेदारी
आपराधिक रिकॉर्ड:
अपराध क्र. 394/25 धारा 303(2) BNS, थाना अयोध्यानगर
अपराध क्र. 415/2021 धारा 36(बी) आबकारी एक्ट, थाना सुखीसेवनिया
अपराध क्र. 86/2021 धारा 294,332,34,353,506 भादवि व 25 आर्म्स एक्ट, थाना सुखीसेवनिया
अपराध क्र. 37/2016 धारा 294,323,34,341,506 भादवि, थाना सुखीसेवनिया
विधि विरोधी बालक
उम्र: 17 साल
निवासी: झुग्गी, मूर्ति वाली लाइन, गोविंदपुरा गेट, थाना अशोकागार्डन, भोपाल
भोपाल-सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि नगर निगम के ज़ोन-10 के AHO दिनेश पाल निगम के खर्चे पर अपना निजी कार्य करवा रहे हैं। वीडियो में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि निगम के कर्मचारी और डंपर उनकी निजी ज़मीन पर काम कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि दिनेश पाल अपने निजी नारायण फार्म हाउस पर निगम कर्मियों से सेवाएं ले रहे हैं।
आरोप है कि ज़ोन-10 की सरकारी गाड़ी और डंपरों से कई दिनों से फार्म हाउस पर निर्माण कार्य करवाया जा रहा है तथा मालवा आदि गिराया जा रहा है। वीडियो में एक डंपर को भी फार्म हाउस के भीतर मालवा डालते हुए दिखाया गया है। जानकारी के मुताबिक, इस फार्म हाउस का नाम नारायण फार्म हाउस है, जो उनके पिता नारायण पाल का है। नारायण पाल पूर्व में पार्षद और बीजेपी नेता रह चुके हैं।
यह पहला मामला नहीं है। नगर निगम में कई अधिकारी और कर्मचारी निगम के खर्चे पर निगम में नियुक्त 25-दिवसीय कर्मचारियों को अपने निजी कार्यों में लगातार लगाए रखते हैं। इससे साफ होता है कि निगम का अमला जनहित के कार्यों की जगह अफसरों और कर्मचारियों के निजी हित साधने में व्यस्त है। जॉन 10 के AHO पाल से जब इस संबंध में चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि बरखेड़ा पठानी में मेरा निजी फॉर्म जरूर है लेकिन यह मालवा जो सरकारी डंपर से डलवाना बताया जा रहा है यह सरासर गलत है यहां पर दुर्गा जी बैठ रही हैं इसलिए कीचड़ होने के कारण मैंने एमपी नगर से मालवा उठाकर इस जगह पहुंचा है ना कि मैं अपने निजी फार्म पर पहुंचा है दुर्गा जी बैठने वाली है और इस जगह पर बहुत ज्यादा कीचड़ होती है इसलिए जो भी स्थान पास होता है वहां पर हम डलवा देते हैं इसमें मेरा निजी कोई स्वास्थ्य नहीं वीडियो को गलत तरीके से वायरल किया जा रहा है इसके लिए मैं अपने उच्च अधिकारी से भी बात करूंगा
राजधानी भोपाल के शाहजहानाबाद इलाके में मास्टर लाल सिंह अस्पताल के पास देर रात तक खुलेआम पुरानी अदालत के पीछे स्थित रामनगर कॉलोनी में शराब दुकान का समय समाप्त होने के बाद भी शराब व्यापारी खिड़की से ग्राहकों को शराब बेचते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दिनभर दिन बहार शराबियों का जमघट लगने के बाद भी रात को जब दुकान बंद होने का समय खत्म हो जाता है तो शराब संचालक स्वेटर में छोटी सी खिड़की बनाकर रात भर शराब बेचते हैं मध्य प्रदेश सरकार ने ऐसी किसी भी अवैध गतिविधि की अनुमति नहीं दी है।
आबकारी विभाग कार्यवाही के बड़े-बड़े दावे तो करता है, मगर हकीकत यह है कि राजधानी में देर रात तक शराब दुकानों का यह खिड़की से शराब बेचने का धंधा खुलेआम चलता रहता है। यही हाल शहर के कई शराब दुकानों का भी है, जहां देर रात तक शराबखोरी जारी रहती है, लेकिन जिम्मेदार विभाग मौन है।
हालांकि इस कारोबार की स्थानीय पुलिस थाने को पूरी जानकारी रहती है क्योंकि क्षेत्र में ग्रस्त करने वाले पुलिसकर्मी कई बार इस शराब की दुकान के सामने से गुजरते हैं लेकिन जब इस तरह की घटना सामने दिखाई देती है तो वह अपनी आंखें मूंद लेते हैं क्योंकि दुकान संचालक थाने में पदस्थ सभी पुलिस कर्मियों की सेवा में जुटे रहते हैं और तो और जो शराब नहीं पीते हैं उनको उनका हिस्सा दे देते हैं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मध्य प्रदेश दौरा जहां पूरे प्रदेश के लिए सम्मान और उत्साह का अवसर है, वहीं इस बीच अवैध कारोबारियों की करतूत ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। मोदी जी के आगमन पर इंदौर और धार जिले को सुरक्षा की अभेद्य चादर में लपेटा गया था। एसपीजी से लेकर लोकल पुलिस तक हर स्तर पर चाक-चौबंद इंतज़ाम थे। लेकिन इसके बावजूद शराब माफिया इतनी हिम्मत दिखा बैठे कि गुजरात तक विदेशी शराब पहुंचाने के लिए ट्रक रवाना कर दिया।
इंदौर आबकारी विभाग की सतर्कता ने तस्करों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। बेटमा के पास एक आयशर ट्रक पकड़ा गया, जिसमें पशु आहार की आड़ में 504 पेटियां अवैध विदेशी शराब छुपाई गई थीं। सहायक आबकारी आयुक्त अभिषेक तिवारी और उनकी टीम ने रातभर की रणनीति के बाद इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। माना जा रहा है कि अगर आबकारी विभाग जरा भी चूक करता तो यह सफलता पुलिस के खाते में जा सकती थी।
यह पहला मामला नहीं है—इससे पहले भी इंदौर से नशे का काला कारोबार उजागर हो चुका है। 10 जुलाई 2025 को आबकारी विभाग की टीम ने इंदौर के पास एक भांग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था। फैक्ट्री के अंदर का मंजर देखकर टीम के भी होश उड़ गए थे। वहां पर इस कदर भांग और अवैध सामग्री मिली कि साफ लग रहा था आने वाले दिनों में यह नेटवर्क नौजवानों की रगों में नशे का ज़हर घोलकर देश को बर्बाद करने की साजिश रच रहा है। उस कार्रवाई का नेतृत्व भी अभिषेक तिवारी ने ही किया था।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रधानमंत्री जैसे वीवीआईपी दौरे के दौरान, जब सुरक्षा घेरा इतना सख्त हो, तब भी शराब माफिया इतनी बड़ी खेप लेकर निकलने का साहस कैसे कर रहे हैं? यह घटना साफ इशारा करती है कि नशे का नेटवर्क प्रदेश में कितना गहरा और बेखौफ तरीके से काम कर रहा है।
इंदौर और मध्य प्रदेश अब लगातार गांजा, शराब और ड्रग्स के कारोबार का गढ़ बनते जा रहे हैं। हर बार नए हथकंडे अपनाकर तस्कर सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हैं। लेकिन इस बार आबकारी विभाग की सतर्कता से करोड़ों की शराब जब्त हुई, जिसने प्रधानमंत्री की यात्रा के बीच पुलिस-प्रशासन की इज़्ज़त बचा ली।
मध्यप्रदेश-आगर मालवा ज़िले से भारतीय जनता पार्टी की छबि पर सवाल खड़े करने वाली बड़ी खबर सामने आई है। ज़िले में पुलिस ने शुक्रवार को भाजपा नेता की कार से करीब 5 करोड़ रुपए मूल्य की केटामाइन ड्रग्स बरामद की है। यह खेप भाजपा तनोडिया मंडल उपाध्यक्ष राहुल आंजना की कार से मिली, जिसमें ड्रग बनाने की मशीनें, परख उपकरण और अन्य सामग्री भी बरामद की गई। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन भाजपा नेता राहुल आंजना फरार हो गया।
गौरतलब है कि राहुल आंजना के पिता सेवाराम आंजना भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष रह चुके हैं। यानी परिवार लंबे समय से भाजपा संगठन में सक्रिय रहा है। इस घटना ने साफ कर दिया है कि नशे के कारोबार में सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों की संलिप्तता गहरी है।
पिछले दिनों मध्य प्रदेश सरकार ने मछली परिवार के खिलाफ बुलडोज़र चलाकर अपनी सख़्ती का प्रचार किया था, लेकिन अब सवाल उठ रहे हैं कि भाजपा के नेताओं और उनके परिजनों पर कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि मछली परिवार के भी तार भाजपा नेताओं से जुड़े रहे हैं, और यही कारण है कि इस इलाके में खुलेआम अफीम डोडा चूरा, गांजा और अब केटामाइन जैसे घातक ड्रग्स का कारोबार फल-फूल रहा है।
पुलिस के अनुसार छापेमारी में करीब 9 किलो केटामाइन, 12 किलो अमोनियम क्लोराइड पाउडर, 35 लीटर अल्कोहल और दो कारें ज़ब्त की गई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि 10 किलो केटामाइन से लगभग 80 किलो एमडी ड्रग्स तैयार हो सकता है। ऐसे में बरामद माल से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी खेप तैयार की जा सकती थी। फिलहाल पुलिस भाजपा नेता राहुल आंजना की सरगर्मी से तलाश कर रही है, लेकिन गिरफ्तारी न होने से सत्ता पक्ष की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।