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विश्व पुस्तक मेला 2026 में युवा लेखिका अभिजिता गुप्ता की चौथी पुस्तक का विमोचनराष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त और संतकवि सियारामशरण गुप्त की साहित्यिक विरासत को आगे बढ़ाती अभिजिता

नई दिल्ली, जनवरी 2026: विश्व पुस्तक मेला 2026 के दौरान युवा लेखिका और बाल प्रतिभा अभिजिता गुप्ता की चौथी पुस्तक ‘मार्क ऑफ द कीपर: वील ऑफ लाइट’ का विमोचन किया गया। यह कार्यक्रम भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित हुआ, जहां ऑथर्स कॉर्नर पर पाठकों, साहित्य प्रेमियों और मीडिया प्रतिनिधियों की अच्छी उपस्थिति रही।

अभिजिता गुप्ता ने मात्र सात वर्ष की उम्र में लेखन की शुरुआत की और कम समय में अपनी अलग पहचान बनाई। इससे पहले वे ‘वी विल श्योरली सस्टेन’, ‘टू बिगिन विद द लिटिल थिंग्स’ और ‘हैप्पीनेस इज़ ऑल अराउंड अस’ जैसी सराही गई पुस्तकों की लेखिका रह चुकी हैं। उनके लेखन में सामाजिक सोच, सकारात्मक संदेश और युवा दृष्टिकोण साफ दिखाई देता है। अब तक वे पांच राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम कर चुकी हैं।

वर्ष 2022 में दुबई में आयोजित ग्लोबल चाइल्ड प्रोडिजी अवॉर्ड्स में अभिजिता को साहित्य के क्षेत्र में सम्मानित किया गया, जहां वे इस श्रेणी की एकमात्र बाल लेखिका रहीं। उन्हें यह सम्मान नोबेल पुरस्कार विजेता सर रिचर्ड जे. रॉबर्ट्स के हाथों प्राप्त हुआ। इसके अलावा, भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने उन्हें 40 प्रेरणादायक युवाओं की सूची में शामिल किया है।

अभिजिता राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त और संतकवि सियारामशरण गुप्त की प्रपौत्री हैं। पुस्तक विमोचन के अवसर पर उन्होंने कहा कि फैंटेसी लेखन युवाओं को सोचने और सही निर्णय लेने की प्रेरणा देता है। यह आयोजन युवा प्रतिभा और साहित्यिक विरासत का उत्सव बना।

भोपाल देहात में अवैध कॉलोनियों का काला साम्राज्य — जनता लुटती रही, सिस्टम सोता रहा!

सालों तक चलती रही जमीन की अवैध मंडी, अब कलेक्टर के आदेश के बाद जागा प्रशासन — लेकिन इतने वर्षों की जिम्मेदारी कौन लेगा?

भोपाल देहात बना अवैध कॉलोनाइजरों की राजधानी

भोपाल देहात के परवलिया सड़क और ईटखेड़ी थाना क्षेत्रों में बीते कई वर्षों से अवैध कॉलोनियों का ऐसा जाल बिछाया गया, जिसने पूरे इलाके की शक्ल ही बदल दी। खेतों को रातों-रात कॉलोनियों में तब्दील कर दिया गया, खेतों पर सड़कें डाल दी गईं, प्लॉट काट दिए गए और खुलेआम करोड़ों रुपये का खेल खेला गया।सब कुछ होता रहा —लेकिन प्रशासन अंधा बना रहा।राजस्व विभाग, नगर नियोजन, पंचायत, पुलिस और जिला प्रशासन — सभी की आंखों के सामने यह अवैध कारोबार फलता-फूलता रहा।

खेतों पर प्लॉट, प्लॉट पर मकान — कानून कहीं नजर नहीं आया

किसानों की जमीन को सस्ते दामों में खरीदा गया और फिर उसी जमीन को महंगे दामों पर प्लॉट काटकर बेच दिया गया।ना ले-आउट पास,ना कॉलोनाइजर का रजिस्ट्रेशन,ना नगर एवं ग्राम निवेश की अनुमति,ना सड़क-नाली की स्वीकृति।फिर भी लोगों को भरोसा दिलाया गया कि सब वैध है, सब सरकारी प्रक्रिया से हुआ है।आज वही लोग ठगे जाने का दर्द झेल रहे हैं।

जब जनता की गाढ़ी कमाई लुट रही थी, तब प्रशासन कहां था?

भोपाल देहात के कई गांवों में आम आदमी ने जीवन भर की कमाई जोड़कर एक छोटा सा प्लॉट खरीदा था। सपना था कि अपना घर बनेगा, बच्चों का भविष्य सुरक्षित होगा।लेकिन अब वही लोग डर के साये में जी रहे हैं कि कहीं उनकी जमीन अवैध घोषित न हो जाए।

जनता पूछ रही है —

जब कॉलोनियां बन रही थीं तब तहसीलदार क्यों चुप थे? जब सड़कें डल रही थीं तब पंचायत क्यों सो रही थी? जब प्लॉट बिक रहे थे तब पुलिस को क्यों कुछ नहीं दिखा?

अचानक जागा प्रशासन — कलेक्टर के आदेश के बाद दर्ज हुई FIR

अब जाकर जिला कलेक्टर के आदेश के बाद पुलिस हरकत में आई है और परवलिया सड़क एवं ईटखेड़ी थाना क्षेत्रों में अवैध कॉलोनी निर्माण के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।

लेकिन जनता कह रही है अगर यह सब अवैध था तो अब तक चुप्पी क्यों?क्या सिस्टम किसी बड़े इशारे का इंतजार कर रहा था?

सूत्रों के मुताबिक भोपाल देहात में सैकड़ों एकड़ जमीन पर अवैध कॉलोनियां विकसित की गईं।हर प्लॉट हजारों रुपये प्रति वर्गफुट में बेचा गया।सिस्टम की खामोशी ने कॉलोनाइजर माफिया को खुला मैदान दे दिया।कलेक्टर के आदेश के बाद FIR तो दर्ज हो गई, लेकिन जनता को डर है कि कहीं यह कार्रवाई भी कुछ दिनों का ड्रामा बनकर न रह जाए।पहले भी कई बार अवैध कॉलोनियों पर नोटिस जारी हुए, अखबारों में खबरें छपीं, लेकिन फिर सब ठंडे बस्ते में चला गया।

इन इलाकों में होगी कार्रवाई– प्रशासन ने सेवनिया ओंकारा,कोलुआखुर्द, नरेला वाज्याफ्त, बंगरसिया, अरेड़ी, परेवाखेड़ा, हज्जामपुरा इंटखेड़ी सड़क, अरवलिया, चौपड़ा कलां, बांसिया, कोटर, पिपलिया बेरखेड़ी, कुराना, थुआखेड़ा, सुरैया नगर, छावनी पठार, कान्हासैया, सिंकदराबाद, शोभापुर,जगदीशपुर,मुबारकपुर, जहेज, गोलखेड़ी और बसई को कार्रवाई के लिए चिह्नित किया है।

कोलार थाना पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा रैकेट का किया भंडाफोड़

थाना कोलार पुलिस ने आशियाना हाईट्स के फ्लैट नंबर 104 में चल रहे ऑनलाइन सट्टा गैंग को दाबोचने में में एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है कुछ आरोपी अलग-अलग क्रिकेट मैचों पर सट्टा खिला रहे थे कोलार पुलिस को सूचना मिलते ही इस घटना से सहायक पुलिस आयुक्त चुनाभट्टी को अवगत कराकर सर्च वारंट प्राप्त किया गया। पुलिस टीम द्वारा मुखबिर के बताए स्थान पर दबिश दी गई, जहां फ्लैट का दरवाजा खोलने वाले व्यक्ति ने अपना नाम अमित सुहाने बताया। सर्च वारंट से अवगत कराकर फ्लैट की तलाशी लेने पर वहां दो व्यक्ति पाए गए, जो लैपटॉप और मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे थे। तलाशी के दौरान फ्लैट से विभिन्न कंपनियों के 16 मोबाइल फोन, तीन लैपटॉप एवं सिम कार्ड बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम अमित सुहाने निवासी सागर एवं अमित रावत निवासी जबलपुर बताए तथा ऑनलाइन क्रिकेट मैचों में लोगों को तीन गुना पैसे का लालच देकर सट्टा खिलाने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध अवैध सट्टा संचालन का अपराध पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में ले लिया है।

भोपाल में सोसाइटी फॉर ब्राइट फ्यूचर की मानवीय पहल

सर्दी में जरूरतमंदों के लिए कम्बल वितरण कार्यक्रम आयोजित

भोपाल, मध्यप्रदेश।ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए सामाजिक संस्था सोसाइटी फॉर ब्राइट फ्यूचर (SBF) द्वारा भोपाल शहर में जरूरतमंद, गरीब एवं असहाय लोगों के लिए कम्बल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस सामाजिक सेवा अभियान के अंतर्गत शहर की विभिन्न गरीब बस्तियों और झुग्गी क्षेत्रों में शिविर लगाकर ठंड से बचाव हेतु कम्बलों का वितरण किया गया, जिससे सैकड़ों जरूरतमंदों को राहत मिली।

सर्द मौसम में राहत पहुंचाने का प्रयास

भोपाल में लगातार गिरते तापमान के कारण खुले में रहने वाले और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए सर्दी बड़ी चुनौती बन जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सोसाइटी फॉर ब्राइट फ्यूचर ने यह सेवा कार्य प्रारंभ किया। कम्बल वितरण के दौरान संस्था के सदस्यों ने स्वयं बस्तियों में जाकर जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाई, जिससे लोगों के चेहरों पर संतोष और राहत देखने को मिली।

हर वर्ष किया जाता है सेवा कार्य

कार्यक्रम के संयोजक अतहर अहमद बेग ने जानकारी देते हुए बताया कि यह कम्बल वितरण कार्यक्रम संस्था द्वारा प्रतिवर्ष नियमित रूप से आयोजित किया जाता है। उन्होंने कहा कि सोसाइटी फॉर ब्राइट फ्यूचर का उद्देश्य केवल सहायता देना ही नहीं, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है।उन्होंने आगे कहा कि संस्था का प्रयास रहता है कि जो लोग आज सहायता प्राप्त कर रहे हैं, वे भविष्य में आत्मनिर्भर बनकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें और दूसरों की मदद करने की प्रेरणा बनें।

वर्ष भर चलती हैं सामाजिक गतिविधियां

अतहर अहमद बेग ने बताया कि SBF केवल ठंड के मौसम में ही नहीं, बल्कि पूरे वर्ष विभिन्न सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से जरूरतमंदों की सहायता करती है। संस्था द्वारा विभिन्न त्योहारों, सामाजिक आयोजनों एवं विशेष अवसरों पर खाद्य सामग्री, वस्त्र, स्टेशनरी और अन्य आवश्यक सामग्री का वितरण किया जाता है।इन गतिविधियों का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को कठिन समय में सहारा देना और उन्हें सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर प्रदान करना है।

आपदा प्रबंधन में भी निभाती है अहम भूमिका

सोसाइटी फॉर ब्राइट फ्यूचर प्राकृतिक आपदाओं के समय भी सक्रिय भूमिका निभाती है। बाढ़, आगजनी, महामारी या अन्य आपात स्थितियों में संस्था के सदस्य सरकारी एवं गैर-सरकारी संगठनों के साथ समन्वय स्थापित कर राहत एवं पुनर्वास कार्यों में सहयोग करते हैं।संस्था के स्वयंसेवक जरूरतमंदों तक भोजन, कपड़े और आवश्यक सामग्री पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

स्थानीय लोगों ने की सराहना

कम्बल वितरण कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों एवं स्थानीय नागरिकों ने संस्था के इस सेवा भाव की खुलकर सराहना की। लोगों ने कहा कि ऐसी सामाजिक संस्थाएं समाज में मानवता और सहयोग की भावना को मजबूत करती हैं।समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में कदमसोसाइटी फॉर ब्राइट फ्यूचर द्वारा किया गया यह सेवा कार्य समाज के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का उदाहरण है। संस्था का यह प्रयास न केवल जरूरतमंदों को राहत प्रदान करता है, बल्कि समाज के अन्य लोगों को भी सेवा कार्यों से जुड़ने की प्रेरणा देता है।

भोपाल परिवहन कार्यालय में कोड वर्ड में रिश्वत का खेल, बाबू-कर्मचारियों पर संरक्षण के आरोप

राजधानी भोपाल के परिवहन कार्यालय को लेकर एक बार फिर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। सूत्रों के अनुसार, यहां कागज पर कोड वर्ड लिखकर रिश्वत मांगे जाने की परंपरा चल रही है। बताया जा रहा है कि लर्निंग लाइसेंस शाखा में पदस्थ एक महिला कर्मचारी द्वारा लाइसेंस से जुड़े कार्य के बदले कथित तौर पर ₹400 की मांग की गई। पीड़ित व्यक्ति का आरोप है कि बिना रिश्वत दिए उसका काम करने से साफ इनकार कर दिया गया। सूत्रों की मानें तो यह कोई पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी परिवहन कार्यालय में इसी तरह के कई प्रकरण उजागर हो चुके हैं, लेकिन आरोप है कि दोषी बाबू-कर्मचारियों पर केवल औपचारिक कार्रवाई कर मामला दबा दिया जाता है। यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि वरिष्ठ अधिकारियों के संरक्षण में यह व्यवस्था लंबे समय से चल रही है। वहीं, कार्यालय में कर्मचारियों की अनियमित उपस्थिति, बिना रिश्वत काम न होना और सरकारी वेतन पर कार्यरत कर्मचारियों के स्थान पर निजी लोगों से काम करवाए जाने जैसे आरोप भी सामने आ रहे हैं। हालांकि, इन सभी आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

डॉ. मन्मीत कुमर्र के नेतृत्व में गुरुग्राम में माँ काली साधकों का एक ऐतिहासिक वैश्विक समागम

21 दिसंबर 2025:
भारत में उभरती आध्यात्मिक चेतना के बीच, गुरुग्राम में आयोजित काली दरबार 2025 में देश-विदेश से आए 500 से अधिक श्रद्धालुओं और साधकों ने भाग लिया। यह आयोजन समकालीन समय में माँ काली को समर्पित सबसे बड़े आध्यात्मिक समागमों में से एक माना जा रहा है। इस वार्षिक आयोजन का नेतृत्व डॉ. मन्मीत कुमर्र, दास महाविद्या साधना की अग्रणी शिक्षिका एवं Soul Miracles की संस्थापक, ने किया।

कई देशों से आए प्रतिभागियों ने केवल इस दिव्य अनुभव का हिस्सा बनने के लिए यात्रा की, जो यह दर्शाता है कि कलियुग में भी सनातन परंपराएँ वैश्विक स्तर पर लोगों को गहराई से आकर्षित कर रही हैं।

एक ऐसा समागम जिसने जीवन को छुआ

काली दरबार केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं था, बल्कि यह अनेक जीवनों को छूने, घायल आत्माओं को संबल देने और सामूहिक साहस को जाग्रत करने वाला अनुभव बना। प्रतिभागियों ने इसे भावनात्मक, मानसिक और आत्मिक स्तर पर गहन उपचार का स्थान बताया।

कार्यक्रम का एक विशेष और भावनात्मक क्षण तब आया जब डॉ. मन्मीत कुमर्र ने स्वयं श्रद्धालुओं को पवित्र रुद्राक्ष वितरित किए—जो संरक्षण, स्थिरता और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक माने जाते हैं।

आधुनिक साधक और आध्यात्मिकता

कोविड-19 के बाद के समय में, काली दरबार ने आधुनिक साधक की उस मानसिकता को प्रतिबिंबित किया, जो विज्ञान को नकारे बिना, भावनात्मक संतुलन, मानसिक स्पष्टता और आंतरिक शक्ति की खोज में है। यह आयोजन आध्यात्मिकता को अंधविश्वास नहीं, बल्कि संरचित और अनुभवजन्य उपचार की प्रक्रिया के रूप में प्रस्तुत करता है।

कार्यक्रम में व्यक्तिगत हवन, मार्गदर्शित सत्संग, समूह उपचार सत्र, आरती, माँ का दरबार और रक्षा सूत्र जैसे चरण शामिल थे—जो मन, भाव और चेतना तीनों स्तरों पर कार्य करते हैं।

डॉ. मन्मीत कुमर्र का कथन

“आज का साधक जीवन से भाग नहीं रहा—
वह जीवन का सामना करने की शक्ति खोज रहा है।
जब हम साथ मिलकर उपचार करते हैं,
तब हम अपना साहस और अपनी सामूहिक शक्ति याद करते हैं।”
— डॉ. मन्मीत कुमर्र

एक बढ़ता हुआ वैश्विक आध्यात्मिक आंदोलन

अपने सातवें वर्ष में प्रवेश कर चुका काली दरबार अब एक स्थानीय आयोजन से आगे बढ़कर माँ काली साधकों का वैश्विक आध्यात्मिक आंदोलन बन चुका है। यह आयोजन कलियुग में भी सनातन धर्म की प्रासंगिकता और गहराई को रेखांकित करता है।

आयोजकों ने यह भी घोषणा की कि काली दरबार का अगला और अधिक भव्य संस्करण जुलाई 2026 में आयोजित किया जाएगा, जिसकी औपचारिक जानकारी शीघ्र साझा की जाएगी।

सद्भावना टी 20 क्रिकेट: भोपाल – इंदौर मीडिया क्रिकेट टीमों के बीच 21 दिसंबर को इंदौर में होगा महामुकाबला

इंदौर। रविवार 21 दिसंबर 2025 को इंदौर के यशवंत क्लब क्रिकेट ग्राउंड पर स्टेट प्रेस क्लब म.प्र. द्वारा आयोजित भोपाल एवं इंदौर की मीडिया टीमों के बीच होने वाले टी 20 सद्भावना मैत्री क्रिकेट मुकाबलों के लिए दोनों टीमों की घोषणा आज यहाँ कर दी गई है।भोपाल टीम की कप्तानी इंद्रजीत मौर्य करेंगे जबकि इंदौर टीम की कमान संजय लुणावत संभालेंगे। पिछले 30 वर्षों से भोपाल एवं इंदौर के पत्रकार खिलाड़ियों के बीच अनवरत जारी यह सिलसिला 21 दिसंबर को अपने 31वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। इस मुकाबले को जीतने के लिए दोनों टीमें जमकर पसीना बहा रही हैं।

भोपाल मीडिया क्रिकेट टीम :
इंद्रजीत मौर्य, कप्तान (नेशनल स्पोर्टस टाइम्स), आर.के. यदुवंशी, उपकप्तान (दैनिक भास्कर), राघवेंद्र सिंह (आईएनडी 24 ), मोहन द्विवेदी (दूरदर्शन), अक्षत शर्मा (स्वदेश ज्योति), शशि शेखर (राज एक्सप्रेस), आनंद रजक (दैनिक भास्कर), ललित कटारिया (नवदुनिया), प्रभात शुक्ला (दैनिक भास्कर), पीयूष मिश्रा (पीटीआई), अखिल परस्ते (जनसम्पर्क विभाग), अजय मौर्या (एनएसटी), विवेक साध्य (पीपुल्स समाचार), जुबेर कुरेशी (नारदमुनि), विकास बिल्लौरे (जनसंपर्क विभाग), पंकज शर्मा (पीआईबी), मुकेश विश्वकर्मा (नवदुनिया), रामेश्वर भार्गव (एनएसटी), धर्मेंद्र सिंह (महा मीडिया) केडी शर्मा, कोच (नई दुनिया), संजीव श्रीवास्तव, टीम मैनेजर (4पीएम)।

इंदौर मीडिया क्रिकेट टीम
संजय लुणावत, कप्तान (6 पीएम), सुनील जोशी, उपकप्तान (एसआर टाइम्स), हेमंत शर्मा (पीपुल्स समाचार), विकास मिश्रा (दैनिक भास्कर), मनीष जोशी (नई दुनिया), अभिषेक मिश्रा (डिजियाना न्यूज़), राजकुमार अग्निहोत्री (प्रभात किरण), अंकुल पाटोदी (भारतीय कुश्ती), नवीन यादव (पीपुल्स समाचार), नीलेश करोसिया (डिजियाना न्यूज), असीम जैन (असली दुनिया), तनिष्क शर्मा (एसपीसी न्यूज़), सुदेश गुप्ता (एनकाउंटर न्यूज़), देवेन्द्र जायसवाल (स्वदेश न्यूज़), यशवर्धन सिंह (स्वतंत्र पत्रकार), पंकज क्षीरसागर (स्वतंत्र पत्रकार), कोच, राजू घोलप, मैनेजर (यश भारत)।

भोपाल में इमानदारी की मिसाल: ATM से निकली पराई रकम युवक ने लौटाई

अमित सेन ने दिखाई सच्चाई की ताकत!

भोपाल। आज के समय में जब छोटी-छोटी बातों पर लोग गलत रास्ता चुन लेते हैं, वहीं शहर के एक युवक ने ऐसी मिसाल पेश की है जिसने समाज में फिर से विश्वास जगा दिया है। अमित सेन नामक युवक को एटीएम से किसी और के निकले हुए पैसे मिले। बिना देर किए अमित सेन सीधे थाना गौतम नगर पहुँचे और वहां मौजूद टी.आई. महेन्द्र ठाकुर को पूरी घटना की जानकारी दी।

युवक ने स्पष्ट कहा कि यह पैसा उसका नहीं है और इसे इसके वास्तविक मालिक तक लौटाया जाना चाहिए। थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित बैंक से संपर्क कराया। इसके बाद अमित सेन ने बैंक मैनेजर को लिखित आवेदन देकर संपूर्ण राशि वापस बैंक में जमा करा दी।

बैंक अधिकारियों ने युवक की ईमानदारी की सराहना करते हुए आगे की आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे उदाहरण समाज में भरोसा और सकारात्मकता को बढ़ावा देते हैं।

अमित सेन की यह ईमानदारी इस बात का प्रमाण है कि सच्चाई आज भी जिंदा है, बस निभाने वाले लोग कम हैं। उनकी यह पहल न केवल एक नागरिक कर्तव्य का उदाहरण है बल्कि समाज के लिए प्रेरणा बनने वाली घटना भी है।


अयोध्यानगर पुलिस का बड़ा खुलासा — 4 बाइक सहित वाहन चोर गिरफ्तार

अयोध्यानगर थाना पुलिस ने वाहन चोरी की लगातार बढ़ रही वारदातों पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए एक शातिर वाहन चोर को गिरफ्तार कर चार चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। आरोपी शराब दुकान के बाहर पार्क की गई गाड़ियों को निशाना बनाकर चोरी करता था और चोरी की मोटरसाइकिलों को गिरवी रखकर प्राप्त पैसों से जुआ खेलता था।

मामला तब सामने आया जब फरियादी गेंदालाल राजपूत ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 29 नवंबर की शाम लगभग 7:30 बजे वे अयोध्यानगर स्थित शराब दुकान पर अपनी बजाज प्लेटिना मोटरसाइकिल (बिना नंबर) लॉक लगाकर गए थे। करीब 30 मिनट बाद लौटने पर वाहन गायब मिला। शिकायत पर थाना अयोध्यानगर में अपराध क्रमांक 511/25 धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस टीम ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। फुटेज में दिखे संदिग्ध की पहचान होने पर दबिश दी गई और अरेड़ी रोड से आरोपी बंटी मालवीय (26 वर्ष) निवासी झुग्गी नं. 01 औंमकारा, सेवनिया को घेराबंदी कर पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपी ने चार मोटरसाइकिल चोरी करने की बात स्वीकार की, जिसके बाद पुलिस ने उसके कब्जे से लगभग 3.5 लाख रुपये मूल्य का मशरूका बरामद किया।

आरोपी के खिलाफ इससे पहले भी अयोध्यानगर और कोतवाली विदिशा थानों में चोरी के प्रकरण दर्ज हैं।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी महेश लिल्हारे, उपनिरीक्षक सुदील देशमुख, प्रआर अमित व्यास, ब्रजेश सिंह, रूपेश जादौन, सुदीप राजपूत, दिनेश मिश्रा, राजेंद्र राजपूत, रोशनी जैन, प्रदीप दामले, राजेश, भूपेंद्र उईके तथा साइबर सेल की पल्लवी शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

Bhopal में वक्फ बोर्ड कर्मचारी ‘उम्मीद पोर्टल’ पर रात-रात भर जुटे संपत्तियों की एंट्री में

भोपाल, 4 दिसंबर: मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के कार्यालय में रात के सन्नाटे के बीच भी रोशनी जल रही थी। कर्मचारी थके-हारे चेहरे के साथ कंप्यूटर स्क्रीन की रोशनी में डूबे हुए थे और उम्मीद पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों का विवरण अपलोड करने में लगे हुए थे।

पिछले छह माह की निर्धारित समयसीमा आज 5 दिसंबर को समाप्त हो रही है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा समय सीमा बढ़ाने की याचिका खारिज किए जाने के बाद, बोर्ड के अधिकारी लगातार रात-रात भर काम कर रहे हैं।

केंद्र सरकार द्वारा 5 अप्रैल 2025 से लागू किया गया उम्मीद पोर्टल (Unified Waqf Management, Empowerment, Efficiency and Development) वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण और पारदर्शिता बढ़ाने का प्रयास है। अधिनियम के अनुसार, सभी पंजीकृत वक्फ संपत्तियों का विवरण छह माह के भीतर पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है।

मध्य प्रदेश में वक्फ बोर्ड के पास कुल 15,012 संपत्तियां हैं, जिनमें से अब तक 9,185 संपत्तियों का विवरण अपलोड हो चुका है। शेष 5,827 संपत्तियां अभी लंबित हैं। बोर्ड अधिकारियों ने बताया कि पोर्टल की धीमी गति, बार-बार क्रैश होना और दस्तावेज़ संबंधी जटिलताएं मुख्य बाधाएं हैं।

वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सनवर पटेल ने कहा, “हमारे अधिकारी दिन-रात काम कर रहे हैं। रात के 12 बजे भी सभी कंप्यूटर पर काम जारी है। हमने पोर्टल संचालन में मदद के लिए बाहरी विशेषज्ञों की सेवाएं भी ली हैं। मुझे भरोसा है कि हमारे कर्मचारी पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ वक्फ संपत्तियों की जानकारी समय पर उम्मीद पोर्टल पर दर्ज करेंगे।”