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बलवा मॉक ड्रिल: पुलिस ने दिखाई दंगाइयों से निपटने की तैयारियां

भोपाल (ग्रामीण) पुलिस ने बैरसिया के बर्री छीरखेड़ा मैदान में बलवा मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इस अभ्यास का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार सिन्हा और अति. पुलिस अधीक्षक डॉ. नीरज चौरसिया ने किया। ड्रिल के दौरान पुलिसकर्मियों को टियर गैस, स्मोक गैस और भीड़ नियंत्रण के अन्य उपायों का प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही, घायल व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने और दंगाइयों से निपटने के उपकरणों का उपयोग भी सिखाया गया। अभ्यास के समापन पर पुलिस ने बैरसिया नगर के मुख्य मार्ग पर पैदल मार्च निकाला, जिससे जनता में सुरक्षा को लेकर भरोसा बढ़ा। इस मौके पर एसडीओपी बैरसिया, बिलखिरिया और इटखेड़ी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि इस तरह के अभ्यास नियमित रूप से किए जाएंगे ताकि बलवा जैसी स्थितियों से निपटने में कोई कमी न रहे।

ईद से पहले वेतन की मांग, कर्मचारी संघ ने सौंपा ज्ञापन; नगर निगम की अनियमितताओं पर भी उठे सवाल

भोपाल। मध्य प्रदेश शासकीय वाहन चालक, यांत्रिक कर्मचारी संघ भोपाल के अध्यक्ष इरफान अल्ताफ ने भोपाल नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर ईद उल फितर से पहले कर्मचारियों को वेतन भुगतान करने की मांग की है।

संघ ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि इस वर्ष ईद उल फितर का त्योहार 1 अप्रैल को मनाया जाएगा, और माह के अंत में त्योहार पड़ने से कर्मचारियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में वेतन समय पर न मिलने से वे त्योहार की आवश्यक तैयारियां नहीं कर पाएंगे।

संघ के अध्यक्ष इरफान अल्ताफ ने नगर निगम प्रशासन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जहां एक ओर नगर निगम के अधिकारी और ठेकेदार बड़े घोटालों और वित्तीय अनियमितताओं में संलिप्त हैं, वहीं दूसरी ओर मेहनतकश कर्मचारियों को समय पर वेतन तक नहीं दिया जाता। हाल ही में नगर निगम में ठेका कार्यों और अन्य परियोजनाओं में भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आए हैं, जिसमें अधिकारियों पर फर्जी बिलिंग और अनियमित भुगतान के आरोप लगे हैं। ऐसे में निगम के पास यदि भ्रष्टाचार के लिए धन है तो कर्मचारियों के वेतन के लिए क्यों नहीं? हालांकि संबंध में नगर निगम कमिश्नर से चर्चा करना चाहिए पर उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया है।

गांधीनगर में फिर खूनी खेल, युवक पर जानलेवा हमला

क्राइम रिपोर्टर कयुम पठान की विशेष रिपोर्ट
राजधानी भोपाल के गांधीनगर थाना क्षेत्र में अपराधियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। ताजा मामले में गौरव त्यागी और उसके साथियों ने पुरानी रंजिश के चलते रितिक लालवानी नामक युवक पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में रितिक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका निजी अस्पताल में इलाज जारी है। घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर खुद ही गांधीनगर थाने पहुंच गए।

गांधीनगर थाना क्षेत्र में लगातार गंभीर अपराध बढ़ते जा रहे हैं, लेकिन पुलिस इन पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रही है। कुछ ही दिनों पहले यहां हत्या की एक वारदात हुई थी, जिसकी गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि एक और हत्या के प्रयास ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र में लगातार हो रही वारदातें दर्शाती हैं कि पुलिस की लापरवाही का फायदा उठाकर अपराधी बेखौफ होकर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।

रितिक लालवानी के चाचा और बड़े भाई ने मीडिया से चर्चा के दौरान बताया कि गौरव त्यागी से उनका पुराना विवाद चल रहा था, जिसके चलते योजना बनाकर इस हमले को अंजाम दिया गया। आरजीपीवी कॉलेज के पास हुई इस घटना ने एक बार फिर से गांधीनगर पुलिस की नाकामी को उजागर कर दिया है। गांधीनगर क्षेत्र में आम जनता के लिए बढ़ते अपराध चिंता का विषय बन गया है जनता इन दोनों अपराधियों के बढ़ते हौसले के कारण अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रही है इस घटना के संबंध में गांधीनगर थाना प्रभारी से और अधिक जानकारी जुटाना के लिए चर्चा करने का प्रयास हमारे लेकिन थाना प्रभारी ने फोन रिसीव नहीं किया है

भाजपा जिला अध्यक्ष ने संयुक्त संचालक के स्थानांतरण की मांग की

ग्वालियर। महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक डीके सिद्धार्थ को स्थानांतरित करने की मांग को लेकर भाजपा जिला अध्यक्ष देवेंद्र नरवरिया लगातार मुखर हैं। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर डीके सिद्धार्थ पर गंभीर आरोप लगाते हुए तुरंत स्थानांतरण की मांग की है। हालांकि, इस मांग के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे जनमानस में यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर किसके संरक्षण में संयुक्त संचालक इतने लंबे समय से पदस्थ हैं।

संभागीय संयुक्त संचालक डीके सिद्धार्थ की चंबल संभाग में पदस्थापना 6 जून 2017 को हुई थी। शासन की स्थानांतरण नीति के अनुसार, प्रथम श्रेणी राजपत्रित अधिकारियों को तीन साल से अधिक समय तक एक ही स्थान पर नहीं रखा जाता, लेकिन इसके विपरीत सिद्धार्थ सात वर्षों से अधिक समय से यहां कार्यरत हैं। उनके विरुद्ध लगातार शिकायतें भी दर्ज हुई हैं, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

भाजपा जिला अध्यक्ष देवेंद्र नरवरिया को आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने शिकायत दी कि डीके सिद्धार्थ अनावश्यक रूप से उन्हें परेशान कर रहे हैं। इस पर गंभीरता दिखाते हुए नरवरिया ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर संयुक्त संचालक के स्थानांतरण की मांग की। उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि डीके सिद्धार्थ की 17 वर्षों की सेवाएं चंबल अंचल में रही हैं। वे भिंड में दो बार जिला कार्यक्रम अधिकारी रहे, फिर मुरैना में सात वर्षों तक इसी पद पर कार्यरत रहने के बाद संयुक्त संचालक के रूप में पदस्थ हुए।

जिला अध्यक्ष नरवरिया ने आरोप लगाया कि डीके सिद्धार्थ ने आर्थिक हितों के लिए क्षेत्र में अपनी गहरी पकड़ बना ली है, जिससे वे इतने लंबे समय से पदस्थ बने हुए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि नियमों के उल्लंघन को संज्ञान में लेते हुए डीके सिद्धार्थ का तुरंत स्थानांतरण किया जाए।

हालांकि एकल सत्य न्यूज़ इस खबर की पुष्टि नही करता,ये पत्र एवं खबर तेज़ी से social media पर वायरल हो रहा है।

भोपाल जिला पंचायत बैठक में पीएचई इंजीनियर को फटकार, ग्रामीण क्षेत्रों में पानी संकट पर सख्त रुख

भोपाल जिला पंचायत की बैठक में पेयजल संकट को लेकर पीएचई विभाग के अधिकारियों की जमकर क्लास लगी। जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की किल्लत को गंभीरता से लेते हुए पीएचई इंजीनियर को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में पानी की समस्या से ग्रामीणों को जूझना न पड़े, इसके लिए पहले से ही ठोस कदम उठाए जाने चाहिए थे। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि जल्द से जल्द सभी प्रभावित क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और जरूरी मरम्मत कार्य बिना देरी के पूरे किए जाएं।

फंदा ब्लॉक के ग्राम पंचायत में सरकार की महत्वपूर्ण योजना ऐसा प्रतीत हो रहा है कि पाक विभाग के लापरवाही से बड़ा खेल किया गया है अधिकतर पंचायत में नल जल योजना के तहत कार्यों में कार्य संपूर्ण हो गए हैं लेकिन इसकी जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आती है ग्रामीण इस नल जल योजना का लाभ नहीं ले पाए साथी उनको पानी के लिए कई समस्याओं का सामना भी करना पड़ रहा है नल जल योजना पंचायत में फेल होती नजर आ रही मध्य प्रदेश सरकार द्वारा नल जल योजना के तहत हर घर नल जल पहुंचने की जिम्मेदारी पाक विभाग और ठेकेदारों की मिली भगत के कारण भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है

भोपाल क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई: 8 किलो गांजा जब्त, दो आरोपी गिरफ्तार

भोपाल क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई: गांजा तस्करी में लिप्त दो आरोपी गिरफ्तार, 08 किलो 350 ग्राम अवैध मादक पदार्थ जब्त, कुल कीमत लगभग दो लाख रुपये

भोपाल क्राइम ब्रांच ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की। इस दौरान दो आरोपी गिरफ्तार किए गए। उनके पास से 08 किलो 350 ग्राम गांजा बरामद हुआ।

शहर में अपराध व अपराधियों पर नियंत्रण के लिए पुलिस आयुक्त भोपाल श्री हरिनारायणाचारी मिश्र एवं अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री पंकज श्रीवास्तव के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। पुलिस उपायुक्त अपराध श्री अखिल पटेल एवं अति. पुलिस उपायुक्त अपराध श्री शैलेन्द्र सिंह चौहान, सहायक पुलिस आयुक्त अपराध श्री मुख्तार कुरैशी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी क्राइम ब्रांच अशोक मरावी व उनकी टीम को शहर में अवैध मादक पदार्थ तस्करों की तलाश में लगाया गया था।

अपराध का विवरण:

विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि थाना कोहेफिजा क्षेत्र में वीआईपी गेस्ट हाउस के पीछे दो युवक संदिग्ध हालत में खड़े हैं, जिनके पास बैग में बड़ी मात्रा में गांजा है और वे किसी ग्राहक का इंतजार कर रहे हैं। सूचना के आधार पर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराकर क्राइम ब्रांच टीम मौके पर पहुंची। मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिए के अनुसार दो युवकों को बैग के साथ देखा गया, जिन्हें घेराबंदी कर हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उन्होंने अपना नाम सचिन कुचबंदिया (20) निवासी सागर और निखिल जयसवाल (22) निवासी भोपाल बताया।

दोनों आरोपियों के बैग की तलाशी लेने पर उसमें गांजा बरामद हुआ। जब्त मादक पदार्थ का कुल वजन 08 किलो 350 ग्राम था। पूछताछ में आरोपियों ने इसे स्वयं का होना स्वीकार किया। आरोपियों के खिलाफ धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

आरोपियों की जानकारी:

सराहनीय कार्य:
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक इरशाद अंसारी, उपनिरीक्षक अजीज खान, सहायक उपनिरीक्षक चंद्रमोहन मिश्रा, सहायक उपनिरीक्षक अनिल तिवारी, प्रधान आरक्षक विश्वजीत भार्गव, प्रधान आरक्षक मुजफ्फर अली, प्रधान आरक्षक प्रतीक कुमार, आरक्षक बृजमोहन व्यास, आरक्षक ऋषिकेश त्यागी, आरक्षक विजय सेंगर, आरक्षक मुकेश शर्मा, आरक्षक महावीर, आरक्षक विवेक नामदेव और महिला आरक्षक संध्या शर्मा की विशेष भूमिका रही।

थाना निशातपुरा क्षेत्र में पतंग उड़ाते समय हाई टेंशन लाइन की चपेट में आया मासूम

भोपाल-पतंग उड़ाना हर उम्र के लोगों को बहुत ही अच्छा लगता है लेकिन कई बार पतंग उड़ाने वाले लोगों के साथ कई दुर्घटना भी हो चुकी कई लोगों ने पतंग उड़ाने के चक्कर में अपनी जान तक गवा दी इसमें खास करके मासूम बच्चे इसका शिकार ज्यादा हुए हैं निशातपुरा थाना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर 3 बजे पतंग के कारण एक दर्दनाक हादसा हो गया।

10 साल का शौर्य नामक बच्चा पतंग उड़ा रहा था, तभी वह हाई टेंशन लाइन की चपेट में आ गया। करंट लगने से उसके कपड़ों में आग लग गई, जिससे वह बुरी तरह झुलस गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत उसे कमला नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के अनुसार बच्चे की हालत गंभीर बनी हुई है।

पुलिस मामले की जांच कर रही है और परिजनों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इसमें कई बार देखा गया है कि माता-पिता अपने बच्चों को पतंग उड़ाने से पहले सुरक्षा की सलाह नहीं देते माता-पिता को चाहिए कि बच्चों को किस चीज से पतंग उड़ाने के दौरान नुकसान हो सकता है इसके बारे में विस्तार से समझना चाहिए ताकि बच्चे को मालूम हो सके की उनके साथ पतंग उड़ाते समय किसी भी दुर्घटना से बचने के लिए किन चीजों का ध्यान रखना पड़ेगा अक्सर पाटन के कारण कोई छत से गिर जाता है तो कोई घरों के बाहर लगे खंभे पर जानकारी नहीं होने के कारण पतंग उड़ाने में हाई टेंशन लाइन की चपेट में आने से दुर्घटना का शिकार हो जाता है इस घटना के बाद से क्षेत्र में मातम का माहौल बना हुआ है वही मासूम बच्चे की हालत देखकर परिवार का बुरा हाल हो गया है

पत्रकार पर FIR का मामला गर्माया, पुलिस के खिलाफ विरोध तेज

भोपाल-देश में दूसरों की आवाज सरकार तक पहुंच कर उनको न्याय दिलाने वाला पत्रकार आज खुद षड्यंत्र का शिकार हो रहा है पत्रकारों को ना तो अच्छी तनखा मिलती है और ना कोई उनके परिवार की चिंता करता है फिर भी पत्रकार समाज में छुपे भ्रष्टाचार अवैध कारोबारी एवं अपराधियों को बेनकाब करता रहता है ताकि समाज के लोग सुख शांति से रह सके देश दुनिया में हो रही गतिविधियों को भी जनता के सामने अक्सर अपनी कलम के माध्यम से प्रस्ता रहता है ऐसे में अगर किसी पत्रकार के खिलाफ षडयंत्र पूर्वक अपराध दर्ज हो जाए तो उनको न्याय कौन दिलाएगा यह आज के समय में पत्रकार के लिए बहुत बड़ी चिंता बनी हुई है पत्रकार किसी न किसी माध्यम से शिकार होता जा रहा है अवैध कारोबारी ने इन दिनों अपने गलत धंधे चलाने के लिए एक नया हथियार ढूंढ निकाला है अवैध कारोबारों की खबर छपने वाले पत्रकारों को झूठे मामले में फंसने का और पुलिस भी बिना जांच के ही पत्रकारों पर FIR दर्ज करके गिरफ्तार करने में जुट जाती ऐसा लगता है कि पुलिस की नजर में अपराधियों से ज्यादा खतरनाक पत्रकार हैं कटारा हिल्स थाने से पहले भी कई थानों में पत्रकार के खिलाफ फर्जी पत्रकार बढ़कर या फिर अड़ीबाजी का आरोप लगाकर अपराध दर्ज करवाए गए हैं और यह मामले इसलिए सामने नहीं आए क्योंकि कभी भी किसी पत्रकार ने या फिर मीडिया संगठनों ने पुलिस के खिलाफ आवाज नहीं उठाई लेकिन इस बार पुलिस पर पत्रकार पर एफआईआर दर्ज करने का मामला उल्टा ही पड़ गया भोपाल के कटारा हिल्स थाने में पत्रकार के खिलाफ दर्ज हुई FIR अब बड़ा मुद्दा बन गई है। पत्रकार संगठनों और मीडिया से जुड़े लोगों ने इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। रॉयल प्रेस क्लब के सदस्यों ने थाने के बाहर धरना दिया और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। इस मामले में भाजपा के मीडिया प्रभारी ने भी आपत्ति जताते हुए इसे “दोषपूर्ण कार्यवाही” करार दिया और थाना प्रभारी के निलंबन की मांग की। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई लोकतंत्र के लिए खतरा है और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पत्रकार पर आडिबाजी के मामले में अपराध पंजीबद किया गया था पुलिस ने बताया कि 20 मार्च को कटरा पुलिस ने अपराध दर्ज किया है 24 मार्च को पत्रकार को गिरफ्तार किया गया मेडिकल करवाने के बाद न्यायालय में पेश किया किया गया है सूचना मिल रही है कि पूर्व थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया है लेकिन इस घटना से नाराज पत्रकार संगठन ने थाना प्रभारी पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की ताकि समाज में पत्रकारों के साथ हो रहे अन्य को रोका जा सके वही इस मामले की सूचना मुख्यमंत्री मोहन यादव को भी पत्रकारों द्वारा दी गई इस पर CM ने जांच का आश्वासन दिया था पत्रकारों ने प्रदर्शन के दौरान पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग भी की है FIR के विरोध में पत्रकार संगठनों ने मध्यप्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग तेज कर दी है। उनका कहना है कि अगर जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो आंदोलन और उग्र हो सकता है। अब सभी की नजर प्रशासन पर है कि वह इस मामले में क्या निर्णय लेता है।

भोपाल में बंदूक की नोक पर दिनदहाड़े ज्वेलर्स के साथ लूट का प्रयास

राजधानी भोपाल के अपराधी इन दिनों पुलिस के लिए सर दर्द और आम जनता के लिए डर का कारण बने हुए हैं भोपाल में अपराधियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। सोमवार दोपहर करीब एक बजे शाहपुरा थाना इलाके के रोहित नगर स्थित अक्षांश ज्वेलर्स में बदमाशों ने लूट की कोशिश की। आरोपियों ने ज्वेलरी शॉप के मालिक मनोज जैन को बंदूक की नोक पर धमकाया और लूटपाट करने का प्रयास किया। इस दौरान झड़प में मनोज जैन लहूलुहान हो गए। गंभीर रूप से घायल जैन किसी तरह शाहपुरा थाने पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस मामले की जांच कर रही है और बदमाशों की तलाश जारी है। लूट हत्या चोरी छेड़छाड़ जैसे गंभीर अपराध भी इन दिनों अपराधियों के लिए आम बात होती नजर आ रही है

भोपाल में 30 लाख की चोरी,इंदौर में गलवाया सोना! पुलिस ने तीन आरोपी को किया गिरफ्तार।

राजधानी भोपाल के शाहपुरा थाना क्षेत्र में गोपाल अग्रवाल के सूने मकान में चोरी की घटना को अंजाम देकर चोरों ने लाखों रुपये की नकदी और सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर लिए थे गोपाल प्रसाद अग्रवाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 18 मार्च को दोपहर 1 बजे वे अपने परिवार के साथ शहर से बाहर गया था। और 19 मार्च की रात 10 बजे लौटने पर देखा कि उनके घर का दरवाजा टूटा हुआ था। अंदर जाने पर अलमारी का सारा सामान बिखरा पड़ा था और करीब 30 लाख रुपये मूल्य की नकदी और सोने चांदी के जेवहरात गायब थे। पुलिस ने मामले की गंभीरता को जाँच शुरू करते हुए, एक विशेष टीम गठित की गई। सीसीटीवी फुटेज व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदेहियों आशुतोष श्रीवास्तव और जितेंद्र उर्फ जीतू मीणा को दानापानी रोड से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की वारदात कबूल की और बताया कि चोरी किए गए आभूषण इंदौर निवासी धर्मेंद्र उर्फ मनीष प्रजापति को बेचे थे। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी का कुछ माल बरामद कर लिया गया। इंदौर में धर्मेंद्र से पूछताछ के दौरान पता चला कि उसने चोरी के आभूषणों को गला कर सोने-चांदी की सिल्ली बना ली थी, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया। मीडिया से चर्चा के दौरान ACP निहित
उपाध्याय ने बताया कि आशुतोष श्रीवास्तव गोपाल अग्रवाल के बेटे का बचपन का दोस्त है इसलिए आशुतोष को घर में कौन सी चीज कहां है और घर वाले कब जा रहे हैं कब लौटेंगे पूरी जानकारी थी आशुतोष ने अपने एक साथी को और अपने साथ मिलकर कर्ज चुकाने के लिए इस चोरी की घटना को अंजाम दिया है पुलिस दावा कर रही है गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस ने चोरी के कुछ जेबरात और नगदी बरामद कर लिया है आरोपियों द्वारा इंदौर जाने के लिए जी वाहन का इस्तेमाल किया था वह चर्चा का विषय बनी हुई है जांच के बाद इस बड़ी चोरी की घटना में बड़ा खुलासा हो सकता है