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BJP नेता पर आदिवासी महिला के यौन शोषण का आरोप,AAP नेता पहुंचे डीजीपी ऑफिस

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी की सरकार एक और महिलाओं की सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करती हुई नजर आती है तो वही भारतीय जनता पार्टी के नेताओं पर महिलाओं के यौन शोषण के आरोप लग रहे हैं अपराधियों से तो पुलिस महिलाओं की सुरक्षा करने में सक्षम साबित होती है लेकिन जब मामला किसी नेता से जुड़ा हो तो पुलिस का भी करवाई करने से पहले हाथ पैर फूलने लगते हैं आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली सरकार में पूर्व मंत्री सोमनाथ भारती ने भोपाल में मध्य प्रदेश पुलिस महानिर्देशक से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश सह प्रभारी सतीश उपाध्याय के खिलाफ एक आदिवासी महिला स्वयंसेवक द्वारा दर्ज यौन शोषण की आपराधिक शिकायत को लेकर त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। भारती ने बताया कि,यह शिकायत उस महिला ने दर्ज कराई है जो भाजपा से जुड़ी रही है और उसने उपाध्याय पर मध्य प्रदेश में सह प्रभारी के रूप में कार्यकाल के दौरान पाँच वर्षों तक यौन शोषण करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह न केवल एक गंभीर आपराधिक मामला है, बल्कि आदिवासी महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा भी है, जिसे किसी भी सूरत में नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।

सोमनाथ भारती ने पुलिस प्रमुख को यह भी बताया कि उन्होंने 2025 के विधानसभा चुनाव परिणामों को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें सतीश उपाध्याय को विजेता घोषित किया गया था। उन्होंने कहा कि चुनाव याचिका संख्या 7/2025 के तहत उन्होंने कई प्रमाण प्रस्तुत किए हैं, जिनमें इस यौन शोषण मामले से जुड़ी शिकायत भी शामिल है। भारती ने मांग की कि इस गंभीर मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दी जाए, ताकि कानून का राज स्थापित हो और पीड़ित महिला को न्याय मिल सके।

छात्रावास अधीक्षक पर छात्रों का विरोध, प्रशासन से की न्याय की मांग

भोपाल, शासकीय डॉ. अंबेडकर अनुसूचित जाति महाविद्यालयीन बालक छात्रावास, श्यामला हिल्स, भोपाल के विद्यार्थियों ने अधीक्षक राजेश सेन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि अधीक्षक द्वारा उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है, धमकियां दी जा रही हैं और छात्रावास में भोजन एवं अन्य सुविधाओं की स्थिति अत्यंत दयनीय है।

छात्रों ने शिकायत की है कि अधीक्षक न केवल उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे हैं, बल्कि शिकायत करने पर उन्हें छात्रावास से निष्कासित करने, परीक्षा में फंसाने और भविष्य बर्बाद करने की धमकियां भी दे रहे हैं। छात्रों ने अधीक्षक पर वित्तीय अनियमितताओं और भोजन की गुणवत्ता से समझौता करने के भी आरोप लगाए हैं।

वहीं, इस संबंध में जब छात्रावास अधीक्षक राजेश सेन से चर्चा की गई तो उन्होंने छात्रों के आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि छात्रावास में छात्रों को मीनू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है और किसी भी प्रकार की प्रताड़ना नहीं दी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन छात्रों को पांच वर्ष पूर्ण हो चुके हैं और जिन्होंने स्नातक की पढ़ाई पूरी कर ली है, उन्हें नए विद्यार्थियों को अवसर देने हेतु मौखिक रूप से छात्रावास खाली करने के लिए कहा गया है।

रतलाम पुलिस ने 5 लाख के इनामी फरार आतंकी फिरोज को किया गिरफ्तार

रतलाम पुलिस ने राजस्थान के जयपुर शहर में सीरियल ब्लास्ट की साजिश रचने वाले फरार आरोपी फिरोज उर्फ सब्जी को गिरफ्तार कर लिया है। फिरोज अलसुफा संगठन का मुख्य संस्थापक सदस्य और खजांची था, जिसकी गिरफ्तारी पर NIA ने 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।

यह मामला 30 मार्च 2022 को राजस्थान के निंबाहेड़ा थाना क्षेत्र में एक संदिग्ध कार से विस्फोटक सामग्री, टाइमर, सेल और वायर बरामद होने के बाद सामने आया था। जांच में पता चला कि आरोपी अलसुफा संगठन के 11 सदस्यों के साथ जयपुर में सीरियल ब्लास्ट की साजिश रच रहा था। इस मामले में NIA और राजस्थान पुलिस ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि फिरोज फरार था।

रतलाम पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गठित टीमों ने मुखबिरों की सूचना पर कार्रवाई करते हुए 2 अप्रैल 2025 को फिरोज को उसकी बहन रेहाना के आनंद कॉलोनी स्थित घर से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान फिरोज ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उसे काबू कर लिया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस की सराहना की जा रही है।

मध्य प्रदेश: परिवहन आरक्षक सौरभ शर्मा की जमानत पर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन

मध्य प्रदेश के बहुचर्चित फर्जी नियुक्ति घोटाले और सोने के मालिकाना हक से जुड़े मामले में आरोपी परिवहन आरक्षक सौरभ शर्मा को जमानत मिलते ही सियासी हलचल तेज हो गई है। लंबे समय तक फरारी काटने के बाद सौरभ शर्मा ने हाल ही में न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था। उन पर फर्जी तरीके से नियुक्तियां कराने और बेहिसाब सोना रखने के गंभीर आरोप लगे थे, जिससे यह मामला बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।

हालांकि, कोर्ट से अचानक जमानत मिलने पर कांग्रेस ने सरकार पर मिलीभगत और भ्रष्टाचार को संरक्षण देने का आरोप लगाया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह उग्र प्रदर्शन किए और सरकार का पुतला जलाकर विरोध जताया। पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। विपक्ष ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

पन्ना में पति पर पत्नी का कहर, वीडियो वायरल

मेरठ : मुस्कान साहिल कांड के बाद ऐसा लग रहा है कि पतियों का जिन मुश्किल हो गया है आए दिन पत्नी द्वारा पति के साथ अत्याचार करने का वीडियो वायरल हो रहा है मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जहां सतना में रहने वाले एक लोको पायलट को उसकी पत्नी ने बेरहमी से पीटा। पीड़ित पति ने अपनी सुरक्षा के लिए घटना का वीडियो बनाया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में दिख रहा है कि पत्नी न सिर्फ पति को मार रही है, बल्कि गुस्से में घर का सामान भी तोड़ रही है। मामला बढ़ने पर पुलिस ने आरोपी पत्नी के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।

पीड़ित पति ने पुलिस अधीक्षक से न्याय की लगाई गुहार

पीड़ित पति ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर बताया कि उसकी पत्नी अक्सर उसके साथ मारपीट करती है। वायरल वीडियो में लड़की की मां भी पास बैठी नजर आ रही है। पुलिस की कार्रवाई के बाद आरोपी पत्नी अब माफी मांग रही है और दोबारा ऐसा न करने की बात कह रही है। मामला सामने आने के बाद इस पर सामाजिक चर्चा भी तेज हो गई है। देखा जाता है कि महिलाओं की पति के प्रताड़ना की शिकायत की लंबी कतर थानों में लगी रहती है समाज में पत्नी के साथ अत्याचार करने की झूठी घटनाएं भी अगर सामने आती है तो दोस्त अक्सर पतियों को ही निकाला जाता है पर कुछ वीडियो ने सोशल मीडिया पर महिलाओं की क्रूरता का परिचय देते हुए यह बताने का प्रयास किया है कि हर पति गुनहगार नहीं होता है महिला ने पति की पिटाई करने के बाद घर में रखे कीमती सामान की भी तोड़फोड़ कर पुलिस इस घटना की गंभीरता से जांच कर रही है जानकारी यह भी मिल रही है कि आरोपी पत्नी ने FIR की जानकारी मिलने के बाद पति के सामने गिर्घराना शुरू कर दिया है वायरल वीडियो पुराना बताया जा रहा है जिसकी पुष्टि एकल सत्य समाचार पत्र नहीं करता है

भोपाल:रोहित बर्मन नाम के युवक ने 5 वर्षीय बच्ची के साथ किया दुष्कर्म!

भोपाल के अवधपुरी थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 32 वर्षीय युवक ने 5 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। आरोपी रोहित बर्मन, जो बच्ची के घर के सामने ही रहता था, ने पहले उसे फ्रूटी खरीदने के लिए ₹100 दिए और फिर अंडर कंस्ट्रक्शन मकान में ले जाकर इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया।

मासूम के चिल्लाने की आवाज सुनकर उसके माता-पिता मौके पर पहुंचे, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। डायल 100 को जानकारी मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। अवधपुरी थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।

भोपाल: छोला स्थित उड़िया बस्ती में लगी भीषण आग, दो घंटे देरी से पहुंची फायर ब्रिगेड

भोपाल के छोला स्थित उड़िया बस्ती में भीषण आग लगने की घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। आग लगने के बाद रहवासियों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को कॉल किया, लेकिन दमकल की गाड़ियाँ दो घंटे की देरी से पहुंचीं। इस दौरान स्थानीय लोगों ने खुद ही आग बुझाने का प्रयास किया।

घटना की सूचना मिलने पर मंत्री विश्वास कैलाश सारंग तत्काल मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। रहवासियों ने बताया कि वे लगातार नगर निगम कमिश्नर से संपर्क करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उनका फोन नहीं उठाया गया। यही नहीं, पूर्व में भोपाल नगर निगम कमिश्नर द्वारा सांसद आलोक शर्मा का भी फोन नहीं उठाया गया था जिसे संसद आलोक शर्मा भोपाल नगर निगम कमिश्नर पर काफी नाराज हुए थे जिसका असर कमिश्नर पर देखने को नहीं मिला नगर निगम कमिश्नर द्वारा फोन नहीं उठाने से ऐसा प्रतीत होता है कि मध्य प्रदेश शासन पर नौकरशाही हावी हो चुकी है

इस पर मंत्री विश्वास सारंग ने नगर निगम कमिश्नर को कड़ी फटकार लगाई और पूछा कि क्या वे वास्तव में नगर निगम के कमिश्नर हैं, जब वे ऐसी आपात स्थितियों में भी फोन नहीं उठाते। मंत्री सारंग ने मौके पर ही नगर निगम अधिकारियों को लापरवाही के लिए चेतावनी दी और जल्द से जल्द उचित कार्रवाई के निर्देश दिए। ताकि आगे से इस तरह की घटना पर काबू आसानी से पाया जा सके क्योंकि मौसम में तब्दीली आने के कारण आए दिन कहीं ना कहीं आगजनी की घटनाएं होती रहती है अगर फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की लापरवाही ऐसी रही तो कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है

भोपाल में दिनदहाड़े युवक का काटा गला हालत गंभीर

भोपाल में अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। हाल ही में टीटी नगर थाना क्षेत्र में अर्जुन नगर के बदमाश उमेश और आदि ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक युवक के गले पर तलवार चला दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और अस्पताल में उसका इलाज जारी है। टी टी नगर थाना प्रभारी सुधीर अर्जरिया ने चर्चा में बताया कि युवक का हमला वारो का युवक से पुराना विवाद चल रहा था किसी कंप्रोमाइज को लेकर बातचीत की जा रही थी किसी बात पर बात बिगड़ने से युवक के गले पर चाकू से हमला किया गया है टी टी नगर थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास का अपराध दर्ज करके जांच शुरू कर दी है यह घटना केवल एक उदाहरण है कि कैसे शहर में गुंडागर्दी कानून व्यवस्था पर हावी हो रही है। राजधानी भोपाल अब अपराधियों की शरणस्थली बनती जा रही है, जहां खाकी वर्दी का कोई डर नहीं रहा और कानून व्यवस्था पूरी तरह से लचर हो चुकी है। पुलिस की नाकामी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अशोका गार्डन, गांधीनगर, तलैया थाना क्षेत्रों में हाल ही में हुई हत्याओं ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया, लेकिन अपराधियों को पूरी तरह पकड़ने में पुलिस अब तक असफल रही है।

सिर्फ अपराध ही नहीं, बल्कि पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। ऐशबाग थाना क्षेत्र में हाल ही में एक गंभीर भ्रष्टाचार का मामला उजागर हुआ, जिसमें पुलिसकर्मियों पर आरोप लगा कि उन्होंने एक मामले में रिश्वत लेकर कार्रवाई को प्रभावित किया। ऐशबाग थाना प्रभारी सहित तीन और पुलिस कर्मियों पर अपराध दर्ज किया गया था लेकिन फरार पुलिस कर्मियों को भोपाल पुलिस अब तक नहीं गिरफ्तार कर पाई जिसमें से थाना प्रभारी जितेन गढ़वाल ने हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत प्राप्त करने में सफलता भी प्राप्त कर ली है सी पवन रघुवंशी जो पूरी घटना के सूत्रधार थे और उनके द्वारा सिर्फ इसी थाने में नहीं अन्य थानों में भी कई भ्रष्टाचार एवं अपराधियों को बचाने के लिए मामलों में हेयर फेयर करने के आरोप लगाते रहे है जो कि अब तक पुलिस की पकड़ से काफी दूर नजर आ रहे हैं और लगातार अपनी अग्रिम जमानत करवाने के प्रयास कर रहे हैं इस तरह के मामलों से न सिर्फ आम जनता का भरोसा पुलिस से उठता जा रहा है, बल्कि अपराधियों के हौसले भी और ज्यादा बढ़ते जा रहे हैं।

आए दिन हो रही हत्याएं, लूट, अड़ीबाजी और गुंडागर्दी से भोपाल में भय का माहौल है, लेकिन प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। ऐसा अनुमान लगाया जा सकता है कि अगर जल्द ही सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में भोपाल पूरी तरह से अपराधियों के शिकंजे में चला जाएगा और आम जनता खुद को पूरी तरह असुरक्षित महसूस करने लगेगी।

अशोका गार्डन में अवैध निर्माण सामग्री कारोबार से जनता परेशान।

भोपाल के अशोका गार्डन क्षेत्र की सुभाष कॉलोनी में सिध्दीविनायक एवं अन्य अवैध रूप से ईंट, गिट्टी, रेत और सीमेंट विक्रेताओं द्वारा सड़क पर कब्जा कर लिया गया है, जिससे स्थानीय निवासियों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर ही घंटों तक रेत और गिट्टी भरने के लिए गाड़ियां खड़ी कर दी जाती हैं, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है। वहीं, निर्माण सामग्री से उड़ने वाली धूल और जाम के कारण स्थानीय लोगों का जीना दूभर हो गया है।

आसपास के लोग लगातार इस अवैध कब्जे की शिकायत कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। सूत्रों के अनुसार, इस अवैध कारोबार को नगर निगम के कुछ कर्मचारियों का संरक्षण प्राप्त है, जो मोटी रकम वसूलकर इस अतिक्रमण को बढ़ावा दे रहे हैं। परिणामस्वरूप, दिन-प्रतिदिन यह समस्या और गंभीर होती जा रही है, जिससे आमजन का जीवन प्रभावित हो रहा है।

भोपाल नगर निगम की सफाई व्यवस्था चरमराई, सुदामा नगर बना गंदगी का अड्डा

भोपाल नगर निगम का बहुचर्चित स्वच्छता अभियान जमीनी हकीकत में पूरी तरह फेल साबित हो रहा है। जोन क्रमांक 12, वार्ड क्रमांक 44 के सुदामा नगर में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं, नालियां कचरे से भरी हुई है और सीवेज का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। लेकिन नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी इस अव्यवस्था को दूर करने के बजाय केवल आंखें मूंदे बैठे हैं।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि सफाई कर्मचारियों की लापरवाही और नगर निगम के दरोगा और AHO की उदासीनता के कारण क्षेत्र में गंदगी का साम्राज्य स्थापित हो गया है। न तो नियमित सफाई की जा रही है और न ही कचरा उठाने की कोई व्यवस्था है। गंदगी के कारण पूरे इलाके में बदबू फैल रही है और बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है। इसके बावजूद नगर निगम के अधिकारी महज कागजी कार्यवाही और दिखावटी स्वच्छता अभियानों में व्यस्त हैं।

अगर नगर निगम के दरोगा और AHO की सही तरीके से जांच की जाए, तो सफाई व्यवस्था के नाम पर हो रहे बड़े भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हो सकता है। ऐसा प्रतीत होता है कि सफाई कर्मचारियों से केवल कागजों में काम करवाया जा रहा है, जबकि हकीकत में गंदगी जस की तस बनी हुई है। सरकारी फंड का दुरुपयोग और अधिकारियों की मिलीभगत ने भोपाल के स्वच्छता अभियान को एक दिखावा बना दिया है।

सरकार द्वारा प्रचारित स्वच्छता अभियान यहां केवल फोटो और वीडियो तक सीमित रह गया है। जमीनी स्तर पर इसकी सच्चाई उजागर करने वाला सुदामा नगर ऐसा उदाहरण बन चुका है, जहां लोग गंदगी और प्रशासन की निष्क्रियता से त्रस्त हैं। स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम से मांग की है कि सफाई व्यवस्था को तुरंत सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, अन्यथा वे विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।