भोपाल। थाना अयोध्यानगर पुलिस ने अंतरराज्यीय नकबजन को गिरफ्तार कर छह नकबजनी की घटनाओं का सफल खुलासा किया है। पुलिस ने आरोपी से लगभग 150 ग्राम सोना, एक किलो चांदी के जेवरात तथा एक एक्टिवा वाहन सहित कुल करीब बीस लाख रुपये का मसरूका बरामद किया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी दिन में सुनसान और ताला लगे मकानों की रैकी करता था और रात में चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था। आरोपी अपने मोबाइल फोन में गूगल मैप के माध्यम से लोकेशन को चिह्नित कर योजना बनाकर चोरी करता था।
आरोपी विजेंद्र उर्फ बंटू, निवासी झज्जर (हरियाणा), बचपन से चोरी की वारदातों में संलिप्त रहा है और हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र तथा मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों में दर्जनों आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।
जानिए कैसे पकड़ा गया आरोपी ?
मई 2025 में मीनाल रेसिडेंसी में लगातार छह नकबजनी की घटनाएं हुई थीं। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना अयोध्यानगर पुलिस ने घटनास्थलों के आसपास के सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र का उपयोग करते हुए जांच शुरू की।
जांच के दौरान संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर पुलिस ने आरोपी विजेंद्र उर्फ बंटू को इंदौर से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने सभी छह वारदातों को स्वीकार कर लिया।
किन अपराधों का खुलासा हुआ-
अयोध्यानगर थाना क्षेत्र के पंजीबद्ध प्रकरण:
204/25 धारा 331(4), 305 BNS
205/25 धारा 331(4), 305 BNS
236/25 धारा 331(4) BNS
269/25 धारा 331(4), 305 BNS
272/25 धारा 331(4), 305 BNS
274/25 धारा 331(4), 305 BNS
इन सभी मामलों में चोरी गया सोना, चांदी सहित कुल बीस लाख रुपये का मसरूका पुलिस ने बरामद किया है।
आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड-
विजेंद्र उर्फ बंटू पर वर्ष 2006 से 2025 तक जयपुर, झुंझुनू, नागौर, भिवानी, सीकर, इंदौर, आगर मालवा तथा भोपाल के विभिन्न थानों में चोरी, नकबजनी, रिसीवर एक्ट, NDPS एक्ट, आर्म्स एक्ट सहित कई गंभीर प्रकरण दर्ज हैं।
आरोपी की शिक्षा पाँचवीं तक है और वह पुरानी गाड़ियों की खरीद-फरोख्त का काम करता था, जिसका उपयोग वह अपनी आपराधिक गतिविधियों को छुपाने के लिए करता था।
कार्रवाई में शामिल पुलिस अधिकारी
कार्रवाई पुलिस आयुक्त भोपाल हरिनारायणचारी मिश्र, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अवधेश गोस्वामी, डीसीपी जोन-02 विवेक सिंह और एडीसीपी गौतम सोलंकी के निर्देशन में की गई।
एसीपी एमपी नगर मनीष भारद्वाज के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी महेश लिल्हारे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया।
टीम में जयवीर सिंह, अजीम शेर खान, मनीष मिश्रा, राजेंद्र राजपूत, अमित व्यास, बृजेश सिंह, रूपेश जादौन, प्रदीप दामले, राजेंद्र साहू, भूपेंद्र उईके और साइबर सेल की पल्लवी शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।