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Sheopur में 53 घड़ियाल शावक और 3-धारी कछुए नदी में छोड़े गए

श्योपुर में वन्यजीव संरक्षण की बड़ी पहल

Madhya Pradesh के श्योपुर जिले में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री Mohan Yadav की उपस्थिति में 53 घड़ियाल के हैच्लिंग (नवजात शावक) और तीन थ्री-स्ट्राइप्ड रूफ्ड टर्टल (तीन-धारी कछुए) को स्वच्छ नदी जल में छोड़ा गया।यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

मुख्यमंत्री ने क्या कहा?

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा,“हमने यहां के स्वच्छ पानी में 53 घड़ियाल शावक और तीन-धारी कछुओं को छोड़ा है। मेरी ओर से सभी वन्यजीव प्रेमियों को बधाई।”उन्होंने वन विभाग की टीम और संरक्षण कार्य में लगे कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार वन्यजीवों के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

मध्यप्रदेश में लगातार वन्यजीव संरक्षण के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं। राज्य सरकार नदियों और वन क्षेत्रों में दुर्लभ प्रजातियों के संरक्षण के लिए विशेष योजनाएं लागू कर रही है।श्योपुर में किया गया यह प्रयास प्रदेश की पर्यावरणीय प्रतिबद्धता को दर्शाता है और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम जारी रहने की संभावना है।

Bhopal: प्रदेश में होली पर 2 दिन की सरकारी छुट्टी घोषित

भोपाल।प्रदेशवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। होली पर्व को लेकर राज्य सरकार ने दो दिन की सार्वजनिक छुट्टी घोषित कर दी है। यह फैसला त्योहार को शांति और उत्साह के साथ मनाने के उद्देश्य से लिया गया है।

Madhya Pradesh शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने होली पर्व को लेकर संशोधित अधिसूचना जारी की है। जारी आदेश के अनुसार 03 मार्च 2026 (मंगलवार) को होली के पावन अवसर पर सार्वजनिक एवं सामान्य अवकाश घोषित किया गया है।इसके साथ ही राज्य शासन ने 04 मार्च 2026 (बुधवार) को भी नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 की धारा 25 के अंतर्गत सार्वजनिक एवं सामान्य अवकाश घोषित करने का निर्णय लिया है।यह संशोधित आदे

    पूर्व में 29 दिसंबर 2025 को जारी अवकाश सूची में आंशिक संशोधन करते हुए लागू किया गया है।अधिसूचना के अनुसार प्रदेश के सभी शासकीय कार्यालय, स्कूल, कॉलेज एवं अन्य सरकारी संस्थान इन दोनों दिनों बंद रहेंगे। हालांकि, आवश्यक सेवाएं जैसे अस्पताल, आपातकालीन सेवाएं और सुरक्षा व्यवस्था पूर्ववत जारी रहेंगी।सरकार द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह अवकाश होली पर्व के शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण आयोजन को ध्यान में रखते हुए घोषित किया गया है।

    पुलिस और जनता की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा

    खजराना क्षेत्र में शॉर्ट सर्किट से लगी भीषण आग, पुलिस ने महिला और तीन बच्चों को सुरक्षित निकाला

    इंदौर। शहर के खजराना थाना क्षेत्र के संजीवनी नगर (खजराना खेड़ी) में शनिवार दोपहर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जानकारी के अनुसार, लगभग 11:45 बजे एक मकान में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई, जिसने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया। मकान से उठते काले धुएं और छत पर फंसी एक महिला सहित तीन मासूम बच्चों की चीख-पुकार ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी


    सूचना मिलते ही मनोज सेंधव के नेतृत्व में खजराना पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने स्थानीय नागरिकों के सहयोग से बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। आग की लपटों और घने धुएं के बीच पुलिसकर्मियों ने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए महिला और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक संभावित बड़ी जनहानि टल गई।


    घटना की सूचना पर नगर निगम, फायर ब्रिगेड और विद्युत विभाग की टीमें भी मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए। हालांकि, स्थानीय रहवासियों ने एक गंभीर समस्या की ओर ध्यान आकर्षित किया। क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण और घरों के बाहर बने स्थायी ओटलों के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ियां घटनास्थल तक पहुंचने में कठिनाई का सामना कर रही थीं। यदि पुलिस और जनता ने तत्परता नहीं दिखाई होती, तो हालात और भी भयावह हो सकते थे।

    इस साहसिक और त्वरित कार्रवाई की पूरे क्षेत्र में सराहना की जा रही है। स्थानीय नागरिकों ने खाकी की मुस्तैदी को सलाम करते हुए कहा कि समय पर उठाए गए कदमों ने चार जिंदगियों को सुरक्षित बचा लिया। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि आपदा की घड़ी में पुलिस और जनता की संयुक्त सजगता ही सबसे बड़ी ताकत होती है।

    पटना में भूकंप से बचाव हेतु व्यापक मॉक ड्रिल, सात स्थानों पर चला राहत अभियान

    पटना। प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से राजधानी पटना में भूकंप पर आधारित एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास बिहार सरकार के बिहार आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा कराया गया, जिसमें विभिन्न सुरक्षा एवं राहत एजेंसियों ने समन्वित रूप से भाग लिया।


    मॉक ड्रिल राजधानी के सात प्रमुख स्थलों—गांधी मैदान, समाहरणालय परिसर, जेपी सेतु, सिटी सेंट्रल हॉल, बिस्कोमान टावर, आईजीएमएस तथा जेडी वीमेंस कॉलेज में एक साथ संचालित किया गया। मुख्य नियंत्रण कक्ष गांधी मैदान में स्थापित किया गया था, जहां भूकंप की काल्पनिक सूचना मिलते ही विभिन्न टीमों को तत्काल प्रभावित क्षेत्रों में रवाना किया गया।


    अभ्यास में फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, बिहार पुलिस, सिविल डिफेंस, इंडियन आर्मी, एनसीसी तथा भारतीय वायु सेना की इकाइयों ने हिस्सा लिया। टीमों ने खोज एवं बचाव अभियान चलाकर घायलों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने और आवश्यक सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया।


    सिविल डिफेंस के कुल 57 स्वयंसेवकों एवं वार्डनों को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया था। गांधी मैदान में सिविल डिफेंस पटना के चीफ वार्डन विजय कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम ने मोर्चा संभाला, जबकि कुंदन कुमार को डिप्टी ग्रुप लीडर की जिम्मेदारी दी गई।
    इस मॉक ड्रिल की खास बात यह रही कि इसमें भारतीय वायु सेना के गरुड़ कमांडो, जिनमें महिला कमांडो भी शामिल थीं, ने सक्रिय भागीदारी निभाई और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तत्परता का प्रदर्शन किया। इस संयुक्त अभ्यास के माध्यम से विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया और आपदा प्रबंधन क्षमता को और अधिक सुदृढ़ करने का संदेश दिया गया।

    भोपाल: शाहजहानाबाद में मदरसा असहाबे सुफ़्फ़ा का चौथा अज़ीमुश्शान जलसा-ए-दस्तारबंदी सम्पन्न

    भोपाल | शाहजहानाबाद | 08 फ़रवरी 2026

    भोपाल के शाहजहानाबाद स्थित मस्जिद गौसिया, संजय नगर में आज मदरसा असहाबे सुफ़्फ़ा रज़ियल्लाहु अनहुम का चौथा अज़ीमुश्शान जलसा-ए-दस्तारबंदी बड़े ही ख़ुशगवार और रूहानी माहौल में मुकम्मल हुआ।इस जलसे में मदरसे के तलबा-ए-इल्म ने क़िराअत-ए-क़ुरआन, नात-ए-पाक और असरदार तक़रीरों के ज़रिये अपने इल्मी और दीनी जौहरात का शानदार प्रदर्शन किया, जिसे मौजूदीन ने काफ़ी सराहा।

    इन उलेमा-ए-किराम की रही ख़ुसूसी शिरकत

    जलसे में ख़ास मेहमानों के तौर पर शहर और बाहर से आए नामवर उलेमा-ए-किराम ने शिरकत फ़रमाई, जिनमें—

    हज़रत मौलाना सैय्यद मुश्ताक अली नदवी साहब(क़ाज़ी शहर, भोपाल)

    हज़रत मौलाना तसव्वुर हुसैन साहब फलाही नसीम(मदरसा चौपाटी, पीतमपुर, महू-इंदौर)

    हज़रत मौलाना मुफ़्ती मोहम्मद शमसुद्दीन साहब(मदरसा मुग़ीसपुर, सीहोर)

    हज़रत मौलाना अली क़दर हुसैन साहब(नायाब क़ाज़ी शहर, भोपाल)

    इल्म और अमल पर दिया गया पैग़ाम

    अकाबिर उलेमा-ए-किराम ने अपने पुरमग़्ज़ और असरदार बयानों में तलबा-ए-इल्म की हौसला-अफ़ज़ाई करते हुए इल्म-ए-दीन के साथ-साथ अमल-ए-सालेह की अहमियत पर ख़ास तौर पर रोशनी डाली।

    दुआ-ए-ख़ैर के साथ हुआ इख़्तिताम

    जलसा आखिर में दुआ-ए-ख़ैर के साथ इख़्तिताम पज़ीर हुआ, जिसमें मुल्क और उम्मत की सलामती, तरक़्क़ी और कामयाबी के लिए ख़ुसूसी दुआ की गई।

    रॉयल मार्केट में यातायात व्यवस्था सुदृढ़, पुलिस बल तैनात


    भोपाल, 07 फरवरी 2026।
    शहर की यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित और सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से रॉयल मार्केट क्षेत्र में व्यापक स्तर पर इंतजाम किए गए हैं। 06 फरवरी 2026 की रात्रि को नवागत पुलिस आयुक्त संजय कुमार द्वारा शहर भ्रमण के दौरान यातायात व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान रॉयल मार्केट चौराहे पर लगे ट्रैफिक सिग्नल को व्यवस्थित कराने तथा अन्य संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए थे।
    पुलिस आयुक्त के निर्देशों के अनुक्रम में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त भोपाल अवधेश गोस्वामी एवं पुलिस उपायुक्त जोन-03 अभिनव चौकसे द्वारा यातायात व्यवस्था को लेकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए। इसके तहत 07 फरवरी 2026 को अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जोन-03 शालिनी दीक्षित एवं सहायक पुलिस आयुक्त अनुभाग शाहजहाँनाबाद अनिल वाजपेयी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी शाहजहाँनाबाद उमेश पाल सिंह चौहान, थाना प्रभारी कोतवाली काशीराम कुशवाह तथा थाना प्रभारी कोहेफिजा कृष्णगोपाल शुक्ला द्वारा रॉयल मार्केट क्षेत्र में यातायात नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए गए।
    पुराने शहर के अति व्यस्त मार्गों एवं प्रदेश के सबसे बड़े हमीदिया अस्पताल के पास आने-जाने वाले नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रॉयल मार्केट चौराहे पर बैरीगेट्स लगाए गए हैं। साथ ही थाना कोतवाली, शाहजहाँनाबाद एवं कोहेफिजा का पुलिस बल तैनात कर यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से संपादित किया जा रहा है, जिससे आमजन को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो और यातायात सुगमता बनी रहे।

    मुख्यमंत्री का नारायणपुर दौरा, शांति और खेलों के विकास पर दिया जोर

    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हाल ही में नारायणपुर जिले का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जिले में शांति व्यवस्था, विकास कार्यों और खेलों के विस्तार को लेकर कई अहम बातें कहीं। मुख्यमंत्री का यह दौरा बस्तर अंचल के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि शांति और सुरक्षा के माहौल के बिना किसी भी क्षेत्र का विकास संभव नहीं है। उन्होंने स्थानीय नागरिकों से आपसी सहयोग बनाए रखने और विकास कार्यों में भागीदारी निभाने की अपील की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जिले में चल रही विकास योजनाओं की भी समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाए, ताकि आम जनता को इसका सीधा लाभ मिल सके।

    शांति और सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि नारायणपुर और पूरे बस्तर क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने प्रशासन और सुरक्षा बलों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि शांति के बिना विकास संभव नहीं है। मुख्यमंत्री ने स्थानीय जनता से सहयोग बनाए रखने की अपील भी की।

    विकास योजनाओं की समीक्षा

    दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने जिले में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं को समय पर और पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास की रोशनी पहुंचे

    स्थानीय आजीविका को मिलेगा बढ़ावा

    मुख्यमंत्री ने कहा कि नारायणपुर जैसे आदिवासी बहुल जिलों में स्थानीय आजीविका को मजबूत करना बेहद जरूरी है। इसके लिए सरकार स्वरोजगार, कृषि आधारित योजनाओं और कौशल विकास कार्यक्रमों को बढ़ावा दे रही है, ताकि युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिल सके।

    खेलों के विकास पर विशेष जोर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने युवाओं से खेलों में आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि खेल न केवल शारीरिक और मानसिक विकास के लिए जरूरी हैं, बल्कि युवाओं को सकारात्मक दिशा भी देते हैं। मुख्यमंत्री ने नारायणपुर में खेल सुविधाओं के विस्तार और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

    जनता से सीधा संवाद

    मुख्यमंत्री ने विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने आम लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके जल्द समाधान का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनता के साथ खड़ी है और उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जा रहा है।अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की और विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार बस्तर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में नारायणपुर जिले में विकास की नई संभावनाएं देखने को मिलेंगी। मुख्यमंत्री का यह दौरा क्षेत्र में शांति, विकास और युवाओं के भविष्य को लेकर सकारात्मक संदेश देने वाला माना जा रहा है।

    तेजी से बढ़ती हेयरफॉल की समस्या, युवाओं में बढ़ी चिंता

    आज के समय में तेजी से बढ़ती हेयरफॉल (Hair Fall) की समस्या लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। खासतौर पर युवा वर्ग इस समस्या से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है। कम उम्र में बालों का झड़ना न केवल सुंदरता पर असर डाल रहा है, बल्कि आत्मविश्वास को भी कमजोर कर रहा है।

    क्यों बढ़ रही है हेयरफॉल की समस्या?

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, हेयरफॉल बढ़ने के पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं, जिनमें शामिल हैं—

    • गलत खानपान और पोषण की कमी
    • तनाव और नींद की कमी
    • हार्मोनल असंतुलन
    • अत्यधिक मोबाइल और लैपटॉप का उपयोग
    • केमिकल युक्त हेयर प्रोडक्ट्स का ज्यादा इस्तेमाल

    डॉक्टरों का कहना है कि यदि रोजाना 100 से अधिक बाल झड़ रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय रहते सही देखभाल और इलाज न किया जाए, तो यह समस्या गंजेपन में बदल सकती है।

    यदि बाल तेजी से झड़ रहे हों, सिर की त्वचा में खुजली या जलन हो, या गंजेपन के लक्षण दिखने लगें, तो तुरंत त्वचा एवं बाल विशेषज्ञ से संपर्क करें

    बालों को झड़ने से रोकने के आसान और असरदार उपाय

    1. सही तेल से करें बालों की मालिश

    हफ्ते में कम से कम 2–3 बार बालों में तेल लगाना जरूरी है।
    फायदेमंद तेल:

    • नारियल तेल
    • बादाम तेल
    • आंवला तेल

    तेल लगाने से बालों की जड़ें मजबूत होती हैं और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है।

    2. केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स से बचें

    अत्यधिक शैंपू, जेल और हेयर स्प्रे का इस्तेमाल बालों को नुकसान पहुंचाता है।
    माइल्ड और हर्बल शैंपू का ही प्रयोग करें।

    3. खानपान पर दें खास ध्यान

    स्वस्थ बालों के लिए पोषण बेहद जरूरी है।
    डाइट में शामिल करें:

    • हरी सब्जियां
    • फल
    • दालें
    • दूध और अंडे
    • ड्राई फ्रूट्स

    4. तनाव और नींद की कमी से बचें

    ज्यादा तनाव और कम नींद बालों के झड़ने की सबसे बड़ी वजह बन रही है।
    रोजाना 7–8 घंटे की नींद जरूर लें।

    5. घरेलू उपाय अपनाएं

    • एलोवेरा जेल बालों में लगाएं
    • मेथी के दानों का पेस्ट
    • आंवला और रीठा का उपयोग

    ये उपाय बालों को प्राकृतिक रूप से मजबूत बनाते हैं।

    6. गीले बालों में कंघी न करें

    गीले बाल सबसे ज्यादा कमजोर होते हैं। गीले बालों में कंघी करने से हेयरफॉल तेजी से बढ़ता है।

    भ्रामक खबरों पर प्रशासन का स्पष्टीकरण, कोई स्टे ऑर्डर जारी नहीं

    इंदौर
    हाल ही में कुछ मीडिया माध्यमों में इंदौर जिले से संबंधित भूमि प्रकरण को लेकर भ्रामक और तथ्यहीन समाचार प्रसारित किए जा रहे हैं। इन खबरों में यह दावा किया गया कि इंदौर जिले में स्थित सर्वे नंबर 407/1669/3 सहित लगभग 702 हेक्टेयर भूमि को शासन हित में समाहित करने के कलेक्टर के आदेश पर अपर आयुक्त न्यायालय द्वारा स्थगन ( स्टे ) आदेश जारी किया गया है, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है।

    प्रेस नोट के माध्यम से स्पष्ट किया गया है कि दिनांक 12 जनवरी 2026 को कलेक्टर, जिला इंदौर द्वारा पारित आदेश के विरुद्ध अपर आयुक्त न्यायालय, इंदौर में दायर अपील पर किसी भी प्रकार का कोई स्टे ऑर्डर जारी नहीं किया गया है। यह बात इंदौर संभाग के संभागायुक्त श्री सुदाम खाडे द्वारा भी स्वीकार की गई है।

    प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, कलेक्टर द्वारा पूर्व में लीज निरस्त कर संबंधित भूमि को शासन के पक्ष में समाहित करने का निर्णय लिया गया था। अपर आयुक्त न्यायालय ने इस आदेश पर याने कलेक्टर के आदेश पर न तो कोई रोक लगाई और न ही कोई स्थगन आदेश पारित किया। यहाँ तक कि इस आदेश के विरुद्ध कोई अपील तक अपर आयुक्त के समक्ष नहीं की गयी है, परन्तु कुछ समाचार पत्रों में इसे इस तरह से इसे प्रकाशित किया गया है मानो इस आदेश को ही स्थगित कर दिया गया हो.

    यह भी स्पष्ट किया गया है कि कलेक्टर द्वारा 26 दिसंबर 2025 को पारित आदेश के माध्यम से केवल प्रतिपरीक्षण (रीविजन) की अनुमति अस्वीकार की गई थी, जिस पर कुछ समाचार माध्यमों ने तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया। उक्त प्रकरण में अपर आयुक्त न्यायालय को जानकारी प्राप्त होने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि कलेक्टर का आदेश अंतिम रूप से निराकृत हो चुका है और वर्तमान में कोई मामला लंबित नहीं है।

    प्रेस नोट में इस बात पर भी चिंता जताई गई है कि कुछ तत्व निजी स्वार्थवश प्रशासनिक अधिकारियों को जानबूझकर निशाना बनाकर उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं, जो न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि पत्रकारिता की मर्यादाओं के भी विरुद्ध है।

    प्रशासन ने मीडिया से अपील की है कि समाचार प्रकाशित करने से पूर्व तथ्यों की पुष्टि अवश्य करें, ताकि जनता को सही और निष्पक्ष जानकारी मिल सके तथा भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।

    भोपाल वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष अलीम कुरैशी ब्लैकमेलिंग केस में गिरफ्तार, पुलिस रिमांड पर भेजा गया

    भोपाल जिला वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष अलीम कुरैशी को ब्लैकमेलिंग, फर्जी दस्तावेज और सरकारी तंत्र के दुरुपयोग के गंभीर आरोपों में शाहजहानाबाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।पुलिस जांच में सामने आया है कि अलीम कुरैशी ने वक्फ बोर्ड के नाम से फर्जी नियुक्ति पत्र और कूट रचित दस्तावेज तैयार कर लोकायुक्त समेत विभिन्न जांच एजेंसियों में बार-बार शिकायतें दर्ज कराईं और इसी आधार पर लोगों को ब्लैकमेल करने का प्रयास किया।

    फर्जी नियुक्ति पत्र बनाकर करता था शिकायतें. NCRB के एकीकृत जांच फॉर्म (IIF-1) के अनुसार, आरोपी द्वारा 17 अगस्त 2023 को लोकायुक्त संगठन में की गई शिकायत की जांच में आरोप निराधार पाए गए थे और प्रकरण नस्ती कर दिया गया था।इसके बावजूद 13 जनवरी 2025 को अलीम कुरैशी ने फिर से उसी विषय में शिकायत दर्ज कराई।जांच में यह साफ हुआ कि जिन नियुक्ति पत्रों के आधार पर शिकायतें की जा रही थीं, वे पूरी तरह फर्जी थे और वक्फ बोर्ड द्वारा कभी जारी ही नहीं किए गए थे। इसके बावजूद बार-बार शिकायत कर सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया गया।गौरतलब है कि अलीम कुरैशी पहले मध्यप्रदेश पुलिस में पदस्थ था। आरोपों के अनुसार भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के चलते उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। इसके बाद वह राजनीति में सक्रिय हुआ और भोपाल जिला वक्फ कमेटी का अध्यक्ष बना।अब उसी पृष्ठभूमि में वक्फ संपत्तियों से जुड़े मामलों में उस पर गंभीर आरोप सामने आए हैं।

    जांच एजेंसियों का कहना है कि इन गतिविधियों से न केवल शासन को आर्थिक एवं प्रशासनिक क्षति पहुंची, बल्कि वक्फ बोर्ड की प्रतिष्ठा भी प्रभावित हुई और आम जनता में भ्रम फैलाया गया। आरोपी पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने, दबाव बनाने और अवैधानिक लाभ लेने की आशंका जताई जा रही है।पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से फर्जी दस्तावेजों, शिकायतों के पीछे की साजिश और अन्य संभावित मामलों को लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार पूछताछ में वक्फ माफिया से जुड़े और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं।फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस पूरे नेटवर्क को उजागर करने की दिशा में काम कर रही है।