Ekal Satya News

आपकी आवाज, आपकी खबर

Advertisement

क्राइम ब्रांच में जमे आधा दर्जन अंगद हुए लाइन अटैच।

भोपाल-भोपाल पुलिस महकमे में एक बार फिर “एकल सत्य न्यूज़” की रिपोर्ट का बड़ा असर देखने को मिला है। सालों से क्राइम ब्रांच में जमे जिन ‘अंगदों’ पर हमारी रिपोर्ट में सवाल उठाए गए थे, उन पर आखिरकार गाज गिर ही गई। डीजीपी के सख्त निर्देशों के बाद राजधानी की सबसे चर्चित यूनिट क्राइम ब्रांच से 6 पुलिसकर्मियों को हटाकर लाइन भेज दिया गया। ये वे कर्मचारी थे, जो वर्षों से अपनी पोस्टिंग पर जमे हुए थे और जिनकी वजह से क्राइम ब्रांच अक्सर विवादों और चर्चाओं में रहती थी।

सूत्रों की मानें तो क्राइम ब्रांच में इन कर्मचारियों को हटाना आसान नहीं था। अधिकारियों की अंदरूनी पसंद-नापसंद, सिफारिशों और पुराने नेटवर्क के चलते इन ‘अंगदों’ को छूना लगभग नामुमकिन माना जा रहा था। लेकिन “एकल सत्य न्यूज़” की पड़ताल और खुलासों के बाद महकमे में हलचल मच गई और डीजीपी ने पूरी गंभीरता से मामला संज्ञान में लेते हुए बड़ा एक्शन लिया।

लाइन भेजे गए पुलिसकर्मियों में कार्यवाहक एएसआई रामकुमार गौतम, एएसआई धीरज पांडे, आरक्षक पलकराज चौधरी, नीरज यादव, मुकेश सोलंकी और प्रधान आरक्षक गजराज सिंह के नाम शामिल हैं। रामकुमार गौतम 2016 से क्राइम ब्रांच में जमे हुए थे, बाकी सभी भी 5 से 8 साल से इसी यूनिट में कार्यरत थे।

सबसे ज्यादा चर्चा में रहे आरक्षक पलकराज चौधरी, जिन्होंने कुछ दिन पहले ही सोशल मीडिया पर खुद को ‘अंगद’ बताते हुए लिखा था – “मैं अंगद हूं, जहां जाता हूं जम जाता हूं।” यह पोस्ट डीजीपी के स्पष्ट आदेशों के खिलाफ मानी गई और विभाग ने इसे गंभीरता से लिया। अब वही ‘अंगद’ लाइन में खड़ा है – और शायद समझ चुका है कि पुलिस सेवा अब सोशल मीडिया स्टेटस से नहीं, जिम्मेदारी से चलेगी।

इस कार्रवाई के बाद स्पष्ट हो गया है कि अब भोपाल पुलिस महकमे में ‘मनमानी’ नहीं चलेगी। डीजीपी की इस बड़ी पहल को पुलिसिंग में अनुशासन और जवाबदेही की ओर एक निर्णायक कदम माना जा रहा है। यह संदेश भी साफ है – चाहे कोई भी हो, कितना भी पुराना क्यों न हो, सिस्टम से ऊपर कोई नहीं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *