मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल इन दीनों क्राइम की राजधानी बन गई है जिसको अब ऐसा लगता है कि पुलिस प्रशासन के लिए बढ़ते अपराध को रोक पाना मुमकिन हो गया है पहले तो आम जनता गुंडागर्दी का शिकार हो रही थी लेकिन अब खाकी वर्दी खुद ही सुरक्षित नहीं है मध्य प्रदेश में किसी खाकी वर्दी धारी पर हमला हुआ है यह पहला मामला नहीं है रानी कमलापति स्टेशन पर देर रात हुए हंगामे ने एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नशे में धुत तीन युवकों ने स्टेशन पर खुलेआम उत्पात मचाया और रोकने पर हेड कांस्टेबल नजर दौलत की पिटाई कर दी, उसकी वर्दी तक फाड़ डाली। चौंकाने वाली बात यह रही कि मौके पर पहुंचे दूसरे पुलिसकर्मी भी शराबियों के आगे लाचार नजर आए और बहाने बनाते हुए पीछे हट गए। आरोपियों के द्वारा “हिंदू भाई हो, हट जाओ” जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर पुलिस को बेइज्जत करना, यह दिखाता है कि कानून का डर खत्म होता जा रहा है। बंसल वन के पास रोजाना देर रात तक शराबियों का जमावड़ा रहता है, लेकिन पुलिस की सुस्ती के चलते आम जनता की सुरक्षा खतरे में पड़ती जा रही है। घटना के बाद पुलिस ने महज एक आरोपी को गिरफ्तार कर खानापूर्ति कर ली, जबकि बाकी दो आरोपी अब भी फरार हैं। सवाल ये उठता है कि जब वर्दीधारी ही सुरक्षित नहीं, तो आम नागरिकों की रक्षा कैसे होगी?
इनका कहना है
रेलवे अधीक्षक राहुल कुमार लोढ़ा ने चर्चा में बताया कि हेड कांस्टेबल नजर दौलत के साथ तीन आरोपियों द्वारा मारपीट की गई थी जिसमें से एक आरोपी जितेंद्र यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है बाकी अन्य आरोपियों की गाड़ी के नंबर से तलाश की जा रही है जिनको जल गिरफ्तार किया जाएगा










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