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मोहन सरकार की 125 अधिकारियों पर भ्रष्टाचार की जांच शुरू

मध्य प्रदेश घोटालों और भ्रष्टाचार में शुरू से ही सुर्खियों में बना रहा है भ्रष्ट अधिकारी और कर्मचारियों की वजह से मध्य प्रदेश की स्थिति इन दिनों ऐसी है कि सरकार लगातार कर्ज में डूबती जा रही है अभी परिवहन विभाग के आरक्षक सौरभ शर्मा के भ्रष्टाचार के मामले थामे भी नहीं थे कि मध्य प्रदेश सरकार भ्रष्टाचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने जा रही है और इसी कड़ी में भारतीय वन सेवा (IFS) और राज्य वन सेवा (SFS) के 125 अधिकारियों पर करप्शन के गंभीर आरोपों की जांच शुरू कर दी गई है। लोकायुक्त पुलिस के तहत 33 मामलों में से 22 की जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है, वहीं आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) के 92 मामलों में से 35 की रिपोर्ट सरकार को सौंपी गई है। सरकार की इस कार्रवाई में मध्य प्रदेश पूर्वी क्षेत्र में फैले भ्रष्टाचार के कई बड़े मामले भी सामने आए हैं, जिसमें वन विभाग के उच्च अधिकारियों की संलिप्तता उजागर हुई है।

जांच के दायरे में कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं, जिनमें उमरिया वन मंडल अधिकारी आरएस सिकरवार, एसडीओ एके दीक्षित, शिवपुरी के डीएफओ लवित भारती, उज्जैन के बीपी शर्मा और देवास के पीएन मिश्रा प्रमुख हैं। खंडवा, रीवा, सागर, सिवनी और शहडोल में भी कई अधिकारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। मध्य प्रदेश पूर्वी क्षेत्र में रीवा, सतना, सीधी, शहडोल और सिंगरौली जिलों में वन विभाग से जुड़े कई भ्रष्टाचार के मामलों की जांच की जा रही है। रीवा में मुख्य वन संरक्षक शमशेर सिंह राणा, डीएफओ विपिन पटेल, सीधी में वन मंडल अधिकारी गौरव चौधरी, व्हाइट टाइगर सफारी के संचालक केपी सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों पर जांच जारी है।

सागर में मुख्य वन संरक्षक अनिल कुमार सिंह और अनुसंधान विभाग के तत्कालीन प्रमुख आजाद सिंह डबास पर भी करप्शन के मामले दर्ज किए गए हैं। सरकार की इस सख्त कार्रवाई से मध्य प्रदेश पूर्वी क्षेत्र समेत पूरे प्रदेश में वन विभाग में फैले भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की उम्मीद जताई जा रही है। ऐसा लग रहा है कि मध्य प्रदेश का नाम इस बार इन अधिकारी कर्मचारियों की वजह से फिर भ्रष्टाचार की सुर्खियों में छा जाएगा व्यापम बस अधिग्रहण खाद बीज राशन महिला बाल विकास में लोक निर्माण विभाग मंडी बोर्ड शिक्षा मंडल में कंप्यूटर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में नगर निगम जैसे कई महत्वपूर्ण विभाग भी भ्रष्टाचार से अछूते नहीं इन विभागों में ऐसे ऐसे घोटाले हैं कि अगर उनकी जांच हो जाए तो कई भ्रष्ट अधिकारी कर्मचारी बेनकाब हो जाएंगे इन विभागों में कार्य अधिकारी कर्मचारियों की जांच वर्षों से लोकायुक्त टू में लंबित है

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