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Sheopur में 53 घड़ियाल शावक और 3-धारी कछुए नदी में छोड़े गए

श्योपुर में वन्यजीव संरक्षण की बड़ी पहल

Madhya Pradesh के श्योपुर जिले में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री Mohan Yadav की उपस्थिति में 53 घड़ियाल के हैच्लिंग (नवजात शावक) और तीन थ्री-स्ट्राइप्ड रूफ्ड टर्टल (तीन-धारी कछुए) को स्वच्छ नदी जल में छोड़ा गया।यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

मुख्यमंत्री ने क्या कहा?

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा,“हमने यहां के स्वच्छ पानी में 53 घड़ियाल शावक और तीन-धारी कछुओं को छोड़ा है। मेरी ओर से सभी वन्यजीव प्रेमियों को बधाई।”उन्होंने वन विभाग की टीम और संरक्षण कार्य में लगे कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार वन्यजीवों के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

मध्यप्रदेश में लगातार वन्यजीव संरक्षण के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं। राज्य सरकार नदियों और वन क्षेत्रों में दुर्लभ प्रजातियों के संरक्षण के लिए विशेष योजनाएं लागू कर रही है।श्योपुर में किया गया यह प्रयास प्रदेश की पर्यावरणीय प्रतिबद्धता को दर्शाता है और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम जारी रहने की संभावना है।

Bhopal: प्रदेश में होली पर 2 दिन की सरकारी छुट्टी घोषित

भोपाल।प्रदेशवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। होली पर्व को लेकर राज्य सरकार ने दो दिन की सार्वजनिक छुट्टी घोषित कर दी है। यह फैसला त्योहार को शांति और उत्साह के साथ मनाने के उद्देश्य से लिया गया है।

Madhya Pradesh शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने होली पर्व को लेकर संशोधित अधिसूचना जारी की है। जारी आदेश के अनुसार 03 मार्च 2026 (मंगलवार) को होली के पावन अवसर पर सार्वजनिक एवं सामान्य अवकाश घोषित किया गया है।इसके साथ ही राज्य शासन ने 04 मार्च 2026 (बुधवार) को भी नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 की धारा 25 के अंतर्गत सार्वजनिक एवं सामान्य अवकाश घोषित करने का निर्णय लिया है।यह संशोधित आदे

    पूर्व में 29 दिसंबर 2025 को जारी अवकाश सूची में आंशिक संशोधन करते हुए लागू किया गया है।अधिसूचना के अनुसार प्रदेश के सभी शासकीय कार्यालय, स्कूल, कॉलेज एवं अन्य सरकारी संस्थान इन दोनों दिनों बंद रहेंगे। हालांकि, आवश्यक सेवाएं जैसे अस्पताल, आपातकालीन सेवाएं और सुरक्षा व्यवस्था पूर्ववत जारी रहेंगी।सरकार द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह अवकाश होली पर्व के शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण आयोजन को ध्यान में रखते हुए घोषित किया गया है।

    पुलिस और जनता की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा

    खजराना क्षेत्र में शॉर्ट सर्किट से लगी भीषण आग, पुलिस ने महिला और तीन बच्चों को सुरक्षित निकाला

    इंदौर। शहर के खजराना थाना क्षेत्र के संजीवनी नगर (खजराना खेड़ी) में शनिवार दोपहर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जानकारी के अनुसार, लगभग 11:45 बजे एक मकान में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई, जिसने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया। मकान से उठते काले धुएं और छत पर फंसी एक महिला सहित तीन मासूम बच्चों की चीख-पुकार ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी


    सूचना मिलते ही मनोज सेंधव के नेतृत्व में खजराना पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने स्थानीय नागरिकों के सहयोग से बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। आग की लपटों और घने धुएं के बीच पुलिसकर्मियों ने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए महिला और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक संभावित बड़ी जनहानि टल गई।


    घटना की सूचना पर नगर निगम, फायर ब्रिगेड और विद्युत विभाग की टीमें भी मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए। हालांकि, स्थानीय रहवासियों ने एक गंभीर समस्या की ओर ध्यान आकर्षित किया। क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण और घरों के बाहर बने स्थायी ओटलों के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ियां घटनास्थल तक पहुंचने में कठिनाई का सामना कर रही थीं। यदि पुलिस और जनता ने तत्परता नहीं दिखाई होती, तो हालात और भी भयावह हो सकते थे।

    इस साहसिक और त्वरित कार्रवाई की पूरे क्षेत्र में सराहना की जा रही है। स्थानीय नागरिकों ने खाकी की मुस्तैदी को सलाम करते हुए कहा कि समय पर उठाए गए कदमों ने चार जिंदगियों को सुरक्षित बचा लिया। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि आपदा की घड़ी में पुलिस और जनता की संयुक्त सजगता ही सबसे बड़ी ताकत होती है।

    पटना में भूकंप से बचाव हेतु व्यापक मॉक ड्रिल, सात स्थानों पर चला राहत अभियान

    पटना। प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से राजधानी पटना में भूकंप पर आधारित एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास बिहार सरकार के बिहार आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा कराया गया, जिसमें विभिन्न सुरक्षा एवं राहत एजेंसियों ने समन्वित रूप से भाग लिया।


    मॉक ड्रिल राजधानी के सात प्रमुख स्थलों—गांधी मैदान, समाहरणालय परिसर, जेपी सेतु, सिटी सेंट्रल हॉल, बिस्कोमान टावर, आईजीएमएस तथा जेडी वीमेंस कॉलेज में एक साथ संचालित किया गया। मुख्य नियंत्रण कक्ष गांधी मैदान में स्थापित किया गया था, जहां भूकंप की काल्पनिक सूचना मिलते ही विभिन्न टीमों को तत्काल प्रभावित क्षेत्रों में रवाना किया गया।


    अभ्यास में फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, बिहार पुलिस, सिविल डिफेंस, इंडियन आर्मी, एनसीसी तथा भारतीय वायु सेना की इकाइयों ने हिस्सा लिया। टीमों ने खोज एवं बचाव अभियान चलाकर घायलों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने और आवश्यक सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया।


    सिविल डिफेंस के कुल 57 स्वयंसेवकों एवं वार्डनों को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया था। गांधी मैदान में सिविल डिफेंस पटना के चीफ वार्डन विजय कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम ने मोर्चा संभाला, जबकि कुंदन कुमार को डिप्टी ग्रुप लीडर की जिम्मेदारी दी गई।
    इस मॉक ड्रिल की खास बात यह रही कि इसमें भारतीय वायु सेना के गरुड़ कमांडो, जिनमें महिला कमांडो भी शामिल थीं, ने सक्रिय भागीदारी निभाई और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तत्परता का प्रदर्शन किया। इस संयुक्त अभ्यास के माध्यम से विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया और आपदा प्रबंधन क्षमता को और अधिक सुदृढ़ करने का संदेश दिया गया।