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अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद इकाई सीहोर द्वारा संविधान दिवस मनाया|

बिलकिसगंज-अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद इकाई सीहोर के द्वारा शनिवार को संविधान दिवस के उपलक्ष्य में संस्कार इंटरनेशनल स्कूल में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष श्री बी. एस. बगोरिया धनगर ने की। उन्होंने अपनी टीम के साथ विद्यालय स्टाफ एवं विद्यार्थियों के साथ संविधान दिवस मनाया।

अध्यक्ष श्री बगोरिया ने विद्यार्थियों को भारतीय संविधान की मूल भावना, अधिकारों एवं कर्तव्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संविधान देश की एकता, अखंडता और लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव है।

कार्यक्रम में विशेष रूप से उपाध्यक्ष हनुमंत मेवाड़ा, जिला महिला प्रमुख विभा राठौर, महामंत्री जितेंद्र ठाकुर, सह जिला प्रमुख विमल ठाकुर, कोषाध्यक्ष भारती मीना, सचिव बलवीर सिंह खींची, महिला मंत्री सीमा मीणा, ग्राम सरपंच प्रतिनिधि राजेश जांगड़े, विद्यालय के प्राचार्य राजकुमार धनगर उपस्थित रहे।

विमुक्त घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू जनजाति महासंघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री मधुसूदन धनगर, राजेन्द्र झाला, अधिवक्ता आश्विन बगोरिया, राहुल, जयंत, शुभम, देवेन्द्र, पलक, नीरज सहित अनेक लोग कार्यक्रम में उपस्थित थे।

कार्यक्रम का संचालन विद्यालय स्टाफ द्वारा किया गया और अंत में संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया गया।

ब्रेकिंग न्यूज़:ग्रीन पार्क सिटी में तोड़फोड़ और धमकी वीडियो के आरोपियों को गौतम नगर पुलिस ने दबोचा

भोपाल ग्रीन पार्क सिटी इलाके में हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें कुछ अज्ञात बदमाशों ने गाड़ियों में तोड़फोड़ की और स्थानीय लोगों को धमकी दी। इस वीडियो ने इलाके में दहशत और असुरक्षा की भावना पैदा कर दी थी। हालांकि, थाना गौतम नगर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इस मामले में कड़ी कार्रवाई की और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

शिकायत मिलने पर हुई तुरंत कार्रवाई

जैसे ही पुलिस को शिकायत मिली, उन्होंने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया। इस टीम ने तकनीकी उपकरणों और मानव संसाधनों का इस्तेमाल कर मामले की तह तक जाकर सभी आरोपियों की पहचान की।पुलिस ने CCTV फुटेज, सोशल मीडिया ट्रैक्स और गवाहों के बयानों को बारीकी से जांचा।टीम ने आरोपियों के ठिकानों की निगरानी कर उन्हें धर‑दबोचा।इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया कि पुलिस क्षेत्र में सुरक्षा बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

गिरफ्तार आरोपियों की अकड़ हुई खत्म

वीडियो वायरल करने वाले बदमाश अब खुद प्रशासन के सामने घुटने टेक रहे हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार आरोपियों ने पुलिस से कहा –”बस हमारा घर मत तोड़ना।”पुलिस की गिरफ्तारी के बाद उनकी सारी अकड़ और घमंड पलभर में खत्म हो गया। इलाके के लोग अब राहत महसूस कर रहे हैं और उन्होंने पुलिस की तत्परता की सराहना की।

पुलिस की तत्परता और क्षेत्र में शांति

थाना गौतम नगर पुलिस की यह कार्रवाई पुलिस की प्रोफ़ेशनलिज़्म और तेज़ निर्णय लेने की क्षमता को दर्शाती है। गिरफ्तारी के बाद:क्षेत्र में फिर से शांति कायम हुई।स्थानीय लोगों में भरोसा और सुरक्षा की भावना लौट आई।पुलिस ने यह संदेश दिया कि किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

भोपाल: टीआई आशीष सप्रे का लाइन अटैच आदेश 24 घंटे में निरस्त, कार्रवाई पर सवालों की बौछार

भोपाल देहात क्षेत्र से सोमवार दोपहर एक बड़ा प्रशासनिक उलटफेर सामने आया। थाना प्रभारी आशीष सप्रे को एसपी रामशरण प्रजापति ने अचानक लाइन अटैच करने का आदेश जारी किया। निर्देश जारी होते ही टीआई को तुरंत लाइन में आमद देने को कहा गया। लेकिन हैरानी की बात यह कि सिर्फ 24 घंटे में ही यह आदेश वापस ले लिया गया।

क्या था आरोप?

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, टीआई सप्रे पर पशु मेले को शिफ्ट कराने की धमकी देने और कुछ व्यापारियों से कथित रूप से बदसलूकी करने के आरोप लगे थे। इसी के बाद उन्हें लाइन में भेजने की कार्रवाई हुई।

आदेश की जानकारी मिलते ही टीआई सप्रे ने शाम को एसपी कार्यालय पहुँचकर अपना पक्ष रखा, लेकिन उस समय एसपी अपने आदेश पर अडिग रहे।

कुछ ही घंटों में पलटी तस्वीर

सोमवार रात से लेकर मंगलवार सुबह तक हालात तेजी से बदले। एसपी कार्यालय से एक नया आदेश जारी किया गया, जिसमें टीआई आशीष सप्रे का लाइन अटैच आदेश निरस्त कर दिया गया। अब वह यथावत अपने पद पर ही रहेंगे।
एसपी रामशरण प्रजापति ने पुष्टि करते हुए कहा कि निर्णय पूरी तरह प्रशासनिक था।

क्या विरोध की चेतावनी ने बदलवा दिया फैसला?

अंदरखाने से आ रही जानकारी के मुताबिक, आदेश जारी होने के बाद कई संगठनों की ओर से विरोध की तैयारी शुरू हो गई थी। चेतावनी दी गई थी कि यदि आदेश वापस नहीं हुआ तो आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

दबाव बढ़ते ही देर रात आदेश को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू हुई और मंगलवार को इसे आधिकारिक रूप से रद्द कर दिया गया।

थाना प्रभारी आशीष सप्रे के पक्ष में उठा समर्थन, आदेश वापसी ने सवालों को दिया स्पष्ट जवाब

ग्राम परवा खेड़ा की विवादित भूमि पर प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान ईटखेड़ी थाना प्रभारी आशीष सप्रे को लाइन अटैच करने और फिर 24 घंटे के भीतर ही आदेश वापस लेने की प्रक्रिया ने यह संकेत दिया है कि प्रारंभिक कार्रवाई पूरी जांच और तथ्यात्मक स्थिति जाने बिना जल्दबाज़ी में की गई थी। क्षेत्रीय नागरिकों का मानना है कि सप्रे की कार्यशैली हमेशा से अनुशासन, सक्रियता और कानून के प्रति प्रतिबद्ध रही है। विवादित भूमि और उससे जुड़ी गतिविधियों के मामलों में भी उन्होंने नियमों के अनुसार ही कार्रवाई की थी। आदेश वापस लिए जाने से यह साफ हुआ कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पुष्ट नहीं थे और विभागीय निर्णय में जल्दबाज़ी की गई थी। जांच के बाद वास्तविक तथ्य सामने आने पर आदेश वापस लेने का निर्णय यह दर्शाता है कि थाना प्रभारी पर की गई कार्रवाई का कोई ठोस आधार नहीं था। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में ईमानदारी से काम करने वाले अधिकारियों को अनावश्यक विवादों में न उलझाया जाए, ताकि पुलिस प्रशासन बिना किसी दबाव के निष्पक्ष रूप से कार्य कर सके।

अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक–सांस्कृतिक महोत्सव में शामिल होंगे डॉ. मो. जमील हसन अंसारी, मिथिला की शैक्षणिक प्रतिष्ठा को मिलेगा नया आयाम

कोलकाता/दरभंगा। भोजपुरी साहित्य विकास मंच व भारतीय भाषा शोध संस्थान, कोलकाता द्वारा आयोजित 12वाँ एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक–सांस्कृतिक महोत्सव एवं सम्मान समारोह 2025 तथा “प्रगति शोध संगोष्ठी” के लिए ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के इतिहास विभाग के युवा शिक्षाविद् डॉ. मो. जमील हसन अंसारी को विशेष आमंत्रण प्राप्त हुआ है। यह प्रतिष्ठित कार्यक्रम 26 दिसंबर 2025 को रिसड़ा स्थित रवींद्र भवन, कोलकाता में आयोजित होगा।

आमंत्रण स्वीकार करते हुए डॉ. जमील ने कहा कि यह अवसर उनके लिए व्यक्तिगत उपलब्धि होने के साथ-साथ मिथिला की समृद्ध शैक्षणिक परंपरा को राष्ट्रीय–अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने वाला महत्वपूर्ण क्षण है। उन्होंने इसे साहित्य, संस्कृति और इतिहास जैसे विषयों की अंतःविषयक समझ को मजबूत करने का एक मूल्यवान अवसर बताया।

डॉ. जमील ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में शामिल होने से शोधार्थियों व शिक्षाविदों को विभिन्न देशों और भाषाई–सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से आए विद्वानों, इतिहासकारों और साहित्यकारों से सीधे संवाद का अवसर मिलता है, जो शोध-दृष्टि को व्यापक बनाता है। उनके अनुसार इतिहास एक ऐसा विषय है जो निरंतर नए प्रश्नों और नए साक्ष्यों की खोज करता है, इसलिए वैश्विक विमर्श इतिहास-लेखन की पद्धतियों, तुलनात्मक अध्ययन, क्षेत्रीय इतिहास और सांस्कृतिक आदान-प्रदान की समझ को और समृद्ध करता है।

उन्होंने कहा कि “सुरक्षित रास्तों पर इतिहास नहीं लिखा जाता”—यह विचार केवल प्रेरक वाक्य नहीं, बल्कि मानव सभ्यता और उसके संघर्षों की गहरी सच्चाई है। इतिहास वही रचते हैं जो जोखिम और अनिश्चितताओं के बीच आगे बढ़ने का साहस रखते हैं।

डॉ. जमील के अनुसार इस सम्मलेन में भागीदारी से न सिर्फ उन्हें, बल्कि मिथिला के युवा शोधार्थियों, विद्यार्थियों और इतिहास–चिंतकों को भी नए अवसर और प्रेरणा मिलेगी। एक शिक्षाविद् के रूप में उनका मानना है कि शिक्षण के साथ-साथ युवाओं के लिए नए संवाद और नए मंच उपलब्ध कराना भी उनकी जिम्मेदारी है। कार्यक्रम के दौरान होने वाले शोध-पत्र वाचन, सांस्कृतिक विमर्श और विद्वानों के बीच विचार-संवाद से क्षेत्रीय इतिहासों को राष्ट्रीय व वैश्विक संदर्भों से जोड़ने में मदद मिलेगी।

मिथिला, जिसकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भाषिक विरासत सदियों से विद्वानों का आकर्षण रही है, इस आयोजन के माध्यम से एक बार फिर अपनी शैक्षणिक उपस्थिति को सशक्त रूप में दर्ज कराएगा। आयोजन समिति के प्रति आभार जताते हुए डॉ. जमील ने उम्मीद जताई कि यह महोत्सव भारत की बहुभाषिक समृद्धि, ऐतिहासिक चेतना और शैक्षणिक शोध परंपरा को नई दिशा प्रदान करेगा।

शैक्षणिक जगत के अनुसार यह आमंत्रण मिथिला क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण क्षण है, जो युवा शोधार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के नए आयाम और शोध-अनुभव प्रदान करेगा तथा इतिहास-अध्ययन को और अधिक सशक्त, संवेदनशील और शोधपरक बनाएगा।

वाहनों में तोड़फोड़ करने वाले युवकों पर पुलिस का शिकंजा, 24 घंटे में गिरफ़्तारी

Bhopal-24 घंटे में सड़क पर तोड़फोड़ करने वाले सभी आरोपी गिरफ्तार
गांधी नगर थाना क्षेत्र में बीच सड़क पर वाहनों में की गई तोड़फोड़ की घटना के बाद पुलिस ने तेज़ी दिखाते हुए सिर्फ 24 घंटे के भीतर सभी अज्ञात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। घटना के बाद पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई क्षेत्र में कानून-व्यवस्था के प्रति भरोसा बढ़ाती है।


कैसे हुई घटना?
थाना क्षेत्र में एक वाहन चालक और कुछ युवकों के बीच सड़क पर किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने चालक का पीछा किया, लेकिन उसके न मिलने पर आरोपियों ने गुस्से में आकर सड़क पर खड़ी अन्य गाड़ियों को निशाना बनाया और लगभग आधा दर्जन वाहनों में तोड़फोड़ कर दी।


वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश में पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही गांधी नगर पुलिस सक्रिय हो गई।
• मौके का निरीक्षण
•सीसीटीवी फुटेज की जांच
•स्थानीय लोगों से पूछताछ
•तकनीकी विश्लेषण
इन सबके आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द ही हिरासत में ले लिया।


गिरफ्तार आरोपियों की सूची

  1. अनस
    पिता समीर अली खान, उम्र 22 वर्ष
    निवासी – मकान नंबर 37, साजिदा नगर, करबला रोड, भोपाल
  2. आरिश खान
    पिता परवेज खान, उम्र 24 वर्ष
    निवासी – साजिदा सुल्तान मस्जिद के पीछे, करबला रोड, भोपाल
  3. मोहम्मद अदनान
    पिता मोहम्मद रईस, उम्र 17 वर्ष
    निवासी – शाहजहानाबाद थाना क्षेत्र, भोपाल
  4. केडी उर्फ फेस
    पिता मोहम्मद रफी, उम्र 22 वर्ष
    निवासी – मॉडल ग्राउंड, शाहजहानाबाद, भोपाल
  5. वाहिद
    पिता मोहम्मद सौरभ, उम्र 25 वर्ष
    निवासी – मॉडल ग्राउंड, कुए वाली मस्जिद, शाहजहानाबाद, भोपाल
  6. एक फरार आरोपी
    फरार आरोपी शान की तलाश जारी है।
    क्षेत्र में बढ़ाई गई निगरानी

    गांधी नगर पुलिस द्वारा आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, क्षेत्र में गश्त और निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और नागरिकों में सुरक्षा की भावना बनी रहे।

भोपाल पुलिस ने लाखों की चोरी का किया खुलासा, आरोपी गिरफ्तार

भोपाल। कोहेफिजा थाना क्षेत्र में हुई बड़ी चोरी का पुलिस ने खुलासा करते हुए आरोपी फरहान खान (21) निवासी लक्ष्मी टॉकीज के पास, थाना हनुमानगंज को गिरफ्तार किया है।

फरियादी कमाल उद्दीन ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि बेटे की बारात में जाने के दौरान अज्ञात चोर घर से सोने-हीरे की ज्वेलरी और नकदी चोरी कर ले गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

डीसीपी अभिनव चौकसे, एडीसीपी शालिनी दीक्षित और एसीपी अनिल वाजपेयी के मार्गदर्शन में गठित टीम ने 400 से अधिक सीसीटीवी फुटेज व सायबर डेटा के आधार पर आरोपी की पहचान की।

पुलिस ने आरोपी से करीब ₹22 लाख का मसरूका बरामद किया, जिसमें हीरे जड़ा हार, सोने का हार, नकदी और एक एक्टिवा वाहन शामिल है। आरोपी से अन्य चोरियों के संबंध में पूछताछ जारी है।

सराहनीय भूमिका: थाना प्रभारी कृष्ण गोपाल शुक्ला और पुलिस टीम – उपेंद्रनाथ सिंह, सर्वेश सिंह, अंतराम यादव, ज्ञानेन्द्र द्विवेदी, सतीष यादव, विजेंद्र राजपूत, शुभम (सायबर सेल) सहित अन्य पुलिसकर्मी।

भोपाल में अवैध गैस रिफिलिंग पर बड़ी कार्रवाई, या कार्रवाई करने का दिखावा । खाद्य आपूर्ति निगम अधिकारियों की भी लापरवाही उजागर!

भोपाल। राजधानी के थाना निशातपुरा क्षेत्र में पुलिस ने अवैध रूप से एलपीजी गैस सिलेंडरों से गैस रिफिलिंग करने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, आरोपी तौहिद पठान पिता वाजिद पठान (उम्र 20 वर्ष), निवासी हाउसिंग बोर्ड पीले क्वार्टर, करोद भोपाल अपने घर पर बिना किसी अनुमति के गैस रिफिलिंग का खतरनाक कार्य कर रहा था।

थाना प्रभारी मनोज पटवा को जब इस अवैध रिफिलिंग की सूचना मिली, तो उनके निर्देशन में उपनिरीक्षक श्रीकांत द्विवेदी ने हमराह स्टाफ आरक्षक धारा सिंह (क्र. 4816) और आरक्षक खेमसिंह जाट (क्र. 4582) के साथ तत्काल दबिश दी। पुलिस ने आरोपी को गैस रिफिलिंग करते हुए रंगे हाथों पकड़ा। जब उससे रिफिलिंग का लाइसेंस मांगा गया, तो उसने किसी भी प्रकार का वैध दस्तावेज नहीं दिखाया।मौके से पुलिस ने 02 बड़े कमर्शियल सिलेंडर, 04 घरेलू एचपी गैस सिलेंडर, 01 इलेक्ट्रॉनिक कांटा, एक मोटर जिसमें हाइड्रोलिक पाइप लगा हुआ था, 01 नोजल रिफिलिंग उपकरण, 01 पाना और पेचकस जप्त किए हैं। आरोपी के खिलाफ थाना निशातपुरा में अपराध क्रमांक 919/25 धारा 3, 7 आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।राजधानी भोपाल में अवैध गैस रिफिलिंग का यह कोई नया मामला नहीं है। अशोका गार्डन क्षेत्र में सिलेंडर फटने की घटना के बाद भले ही पुलिस और प्रशासन हरकत में आए हों, लेकिन हकीकत यह है कि अवधपुरी, पिपलानी, छोला, कमला नगर, टीटी नगर, कोलार, शाहजहानाबाद गौतम नगर ऐशबाग अयोध्या नगर बजरिया हनुमानगंज मंगलवार गांधीनगर सहित कई थाना क्षेत्रों में आज भी अवैध गैस रिफिलिंग का धंधा खुलेआम चल रहा है।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार, कई स्थानों पर सड़कों तक पर गैस की बदबू महसूस की जा सकती है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।इन अवैध गतिविधियों पर केवल पुलिस ही नहीं, बल्कि खाद्य आपूर्ति निगम अधिकारियों की भी भारी लापरवाही साफ झलकती है। जिनकी जिम्मेदारी है कि वे ऐसी अवैध रिफिलिंग पर निगरानी रखें, वही अधिकारी कई बार अनदेखी कर देते हैं या मिलीभगत से आंखें मूंद लेते हैं।यदि समय रहते प्रशासन, पुलिस और खाद्य पूर्ति विभाग संयुक्त रूप से सख्त कार्रवाई नहीं करते, तो भोपाल किसी भी समय एक बड़े हादसे की चपेट में आ सकता है। जनता अब प्रशासन से अपेक्षा कर रही है कि इस खतरनाक कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

भोपाल अवैध गैस रिफिलिंग से बड़ा हादसा टला,अधिकारियों की मिलीभगत पर उठे सवाल

BHOPAL राजधानी भोपाल में अवैध गैस रिफिलिंग का धंधा लगातार प्रशासन की नाक के नीचे फल-फूल रहा है। ताज़ा मामला थाना अशोका गार्डन क्षेत्र के सुंदर नगर स्थित सम्राट कॉलोनी का है, जहां एक अवैध गैस रिफिलिंग की दुकान में अचानक आग लग गई।

दुकान में कई भरे और खाली सिलेंडर रखे हुए थे, जिससे बड़ा विस्फोट होने की आशंका बन गई थी।सूचना मिलते ही नगर निगम की दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन समय पर कार्रवाई न होने से बड़ा हादसा टल गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध गैस रिफिलिंग का कारोबार क्षेत्र में खुलेआम चल रहा है, और इसकी जानकारी जिला खाद्य एवं आपूर्ति निगम के अधिकारियों को भी है, फिर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। लोगों का आरोप है कि अधिकारियों और गैस रिफिलिंग करने वालों के बीच मिलीभगत के चलते यह खतरनाक कारोबार लगातार जारी है।

भोपाल में आए दिन सिलेंडर फटने और आगजनी की घटनाएं सामने आने के बावजूद खाद्य विभाग और स्थानीय पुलिस प्रशासन अब तक सख्त रुख नहीं अपना रहे हैं। इस लापरवाही से शहर किसी ‘टाइम बम’ में तब्दील होता जा रहा है।स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि थाना अशोका गार्डन पुलिस और खाद विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

भ्रष्टाचार के खिलाफ पुनीत टंडन की मुहिम बनी आम जनता की आवाज़

भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस सूचना अधिकार प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष पुनीत टंडन ने सूचना के अधिकार (RTI) के माध्यम से भ्रष्ट सिस्टम के खिलाफ एक बड़ी क्रांति छेड़ दी है। उनके निरंतर प्रयासों से सरकारी विभागों में चल रहे भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का पर्दाफाश हो रहा है। टंडन के इस कदम ने जहां भ्रष्टाचारियों की नींद उड़ा दी है, वहीं आम जनता को पारदर्शिता और न्याय की नई उम्मीद दी है।

सूचना के अधिकार का सशक्त उपयोग कर पुनीत टंडन लगातार जनता से जुड़े मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित कर रहे हैं। उनके प्रयासों से न केवल कई भ्रष्टाचार मामलों का खुलासा हुआ है, बल्कि शासन-प्रशासन पर भी पारदर्शी कार्यप्रणाली अपनाने का दबाव बढ़ा है। टंडन का कहना है कि RTI जनता का हथियार है और इसका सही उपयोग करके हर नागरिक अपने अधिकारों की रक्षा कर सकता है।

जनहित के प्रति उनकी निष्ठा और साहसिक कार्यों के चलते पुनीत टंडन आज आम लोगों के बीच ईमानदारी और पारदर्शिता के प्रतीक बन गए हैं। उनका मिशन है—“भ्रष्टाचार मुक्त मध्यप्रदेश”, और वे इस दिशा में लगातार कदम बढ़ा रहे हैं।