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भोपाल में मोबाइल लूट और वाहन चोरी का बड़ा गिरोह पकड़ा गया

भोपाल शहर में लगातार बढ़ रही मोबाइल झपटमारी और वाहन चोरी की घटनाओं से जहां आम लोग दहशत में थे, वहीं पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए इस गैंग का पर्दाफाश कर दिया है। अयोध्यानगर थाना पुलिस ने गुप्त सूचना और सटीक रणनीति के आधार पर 2 नाबालिग सहित कुल 0
3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 10 चोरी की मोटरसाइकिलें और 13 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 12 लाख रुपये बताई जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक

पहले ऑटो से सुनसान इलाकों में जाकर दोपहिया वाहन चोरी करते थे और फिर उन्हीं वाहनों से मोबाइल स्नैचिंग की वारदात को अंजाम देते थे। महंगे शौक और नशे की पार्टी के लिए वे चोरी और लूट को आसान जरिया मान बैठे थे। वारदात के बाद आरोपी चोरी के वाहनों की नंबर प्लेट बदल देते और मौका मिलने पर उन्हें बेचने की फिराक में रहते।

पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए करीब 100 सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसके बाद मुखबिर की सूचना पर अयोध्या एक्सटेंशन स्थित नवनिर्मित हाउसिंग बोर्ड मल्टी से इनको दबोचा गया। गिरफ्तार आरोपियों में 27 वर्षीय रवि पाल निवासी सुखीसेवनिया की झुग्गी बस्ती और दो नाबालिग शामिल हैं। रवि पाल का आपराधिक रिकॉर्ड भी लंबा-चौड़ा है और उसके खिलाफ पहले से कई प्रकरण दर्ज हैं। वहीं दोनों नाबालिग भी अपराध की दुनिया में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं।

पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी चोरी किए गए मोबाइल को पहले इरानी डेरे में बेच चुके हैं। बरामद वाहनों में स्प्लेंडर, डिस्कवर, एक्टिवा, पल्सर सहित कई ब्रांड की गाड़ियां शामिल हैं, वहीं मोबाइल में ओप्पो, वीवो, रेडमी, रियलमी, सैमसंग और इन्फिनिक्स जैसी कंपनियों के महंगे स्मार्टफोन मिले हैं।

यह पूरी कार्रवाई पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्र और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अवधेश गोस्वामी के निर्देश पर की गई। जोन-2 के डीसीपी विवेक सिंह और एडीसीपी गौतम सोलंकी के पर्यवेक्षण तथा एसीपी एम.पी. नगर मनीष भारद्वाज के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी महेश लिल्हारे के नेतृत्व में गठित टीम ने इस गैंग का भंडाफोड़ किया।

कार्रवाई में थाना प्रभारी महेश लिल्हारे, उपनिरीक्षक सुदील देशमुख, प्रआऱ अमित व्यास, प्रआर बृजेश सिंह, प्रआर रूपेश सिंह जादौन, प्रआर भागवत कुशवाहा, प्रआर दिनेश मिश्रा, प्रआर सुदीप राजपूत, आर. प्रदीप दामले, आर. राजेन्द्र साहू, आर. राजेश अन्नोटिया, साइबर टेक सेल के भूपेन्द्र उईके और म.आर. पल्लवी शर्मा की भूमिका सराहनीय रही।

गिरफ्तार आरोपी

  1. रवि पाल

उम्र: 27 साल

निवासी: झुग्गी नं. 248, क्रेसर बस्ती, सुखीसेवनिया, भोपाल

शिक्षा: 8वीं

व्यवसाय: भेल में ठेकेदारी

आपराधिक रिकॉर्ड:

अपराध क्र. 394/25 धारा 303(2) BNS, थाना अयोध्यानगर

अपराध क्र. 415/2021 धारा 36(बी) आबकारी एक्ट, थाना सुखीसेवनिया

अपराध क्र. 86/2021 धारा 294,332,34,353,506 भादवि व 25 आर्म्स एक्ट, थाना सुखीसेवनिया

अपराध क्र. 37/2016 धारा 294,323,34,341,506 भादवि, थाना सुखीसेवनिया


  1. विधि विरोधी बालक

उम्र: 17 साल

निवासी: झुग्गी, मूर्ति वाली लाइन, गोविंदपुरा गेट, थाना अशोकागार्डन, भोपाल

शिक्षा: 5वीं

व्यवसाय: ड्राइविंग

आपराधिक रिकॉर्ड:

अपराध क्र. 492/24, 91/25, 144/25, 145/25, 186/25, 190/25 (थाना अयोध्यानगर/अशोकागार्डन)

अपराध क्र. 488/25 (थाना छोला मंदिर)

अपराध क्र. 305/25 (थाना बिलखिरिया)

अपराध क्र. 361/25 (थाना ऐशबाग)

अपराध क्र. 524/25, 573/25 (थाना गोविंदपुरा)

अपराध क्र. 395/25, 400/25 (थाना अयोध्यानगर)

अपराध क्र. 524/25 (थाना कोतवाली, नर्मदापुरम)


  1. विधि विरोधी बालक

उम्र: 16 साल

निवासी: मूर्ति वाली लाइन, गोविंदपुरा गेट के पास, थाना अशोकागार्डन, भोपाल

शिक्षा: अनपढ़

व्यवसाय: ड्राइविंग

आपराधिक रिकॉर्ड:

अपराध क्र. 488/25 (थाना छोला मंदिर)

अपराध क्र. 305/25 (थाना बिलखिरिया)

अपराध क्र. 361/25 (थाना ऐशबाग)

अपराध क्र. 524/25, 573/25 (थाना गोविंदपुरा)

अपराध क्र. 395/25 (थाना अयोध्यानगर)

अपराध क्र. 524/25 (थाना कोतवाली, नर्मदापुरम)

निगम का संसाधन निजी फार्म हाउस में!

भोपाल-सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि नगर निगम के ज़ोन-10 के AHO दिनेश पाल निगम के खर्चे पर अपना निजी कार्य करवा रहे हैं। वीडियो में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि निगम के कर्मचारी और डंपर उनकी निजी ज़मीन पर काम कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि दिनेश पाल अपने निजी नारायण फार्म हाउस पर निगम कर्मियों से सेवाएं ले रहे हैं।

आरोप है कि ज़ोन-10 की सरकारी गाड़ी और डंपरों से कई दिनों से फार्म हाउस पर निर्माण कार्य करवाया जा रहा है तथा मालवा आदि गिराया जा रहा है। वीडियो में एक डंपर को भी फार्म हाउस के भीतर मालवा डालते हुए दिखाया गया है। जानकारी के मुताबिक, इस फार्म हाउस का नाम नारायण फार्म हाउस है, जो उनके पिता नारायण पाल का है। नारायण पाल पूर्व में पार्षद और बीजेपी नेता रह चुके हैं।

यह पहला मामला नहीं है। नगर निगम में कई अधिकारी और कर्मचारी निगम के खर्चे पर निगम में नियुक्त 25-दिवसीय कर्मचारियों को अपने निजी कार्यों में लगातार लगाए रखते हैं। इससे साफ होता है कि निगम का अमला जनहित के कार्यों की जगह अफसरों और कर्मचारियों के निजी हित साधने में व्यस्त है।
जॉन 10 के AHO पाल से जब इस संबंध में चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि बरखेड़ा पठानी में मेरा निजी फॉर्म जरूर है लेकिन यह मालवा जो सरकारी डंपर से डलवाना बताया जा रहा है यह सरासर गलत है यहां पर दुर्गा जी बैठ रही हैं इसलिए कीचड़ होने के कारण मैंने एमपी नगर से मालवा उठाकर इस जगह पहुंचा है ना कि मैं अपने निजी फार्म पर पहुंचा है दुर्गा जी बैठने वाली है और इस जगह पर बहुत ज्यादा कीचड़ होती है इसलिए जो भी स्थान पास होता है वहां पर हम डलवा देते हैं इसमें मेरा निजी कोई स्वास्थ्य नहीं वीडियो को गलत तरीके से वायरल किया जा रहा है इसके लिए मैं अपने उच्च अधिकारी से भी बात करूंगा

भोपाल में देर रात शराब का गोरखधंधा, आबकारी विभाग मौन

राजधानी भोपाल के शाहजहानाबाद इलाके में मास्टर लाल सिंह अस्पताल के पास देर रात तक खुलेआम पुरानी अदालत के पीछे स्थित रामनगर कॉलोनी में शराब दुकान का समय समाप्त होने के बाद भी शराब व्यापारी खिड़की से ग्राहकों को शराब बेचते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि दिनभर दिन बहार शराबियों का जमघट लगने के बाद भी रात को जब दुकान बंद होने का समय खत्म हो जाता है तो शराब संचालक स्वेटर में छोटी सी खिड़की बनाकर रात भर शराब बेचते हैं मध्य प्रदेश सरकार ने ऐसी किसी भी अवैध गतिविधि की अनुमति नहीं दी है।

आबकारी विभाग कार्यवाही के बड़े-बड़े दावे तो करता है, मगर हकीकत यह है कि राजधानी में देर रात तक शराब दुकानों का यह खिड़की से शराब बेचने का धंधा खुलेआम चलता रहता है। यही हाल शहर के कई शराब दुकानों का भी है, जहां देर रात तक शराबखोरी जारी रहती है, लेकिन जिम्मेदार विभाग मौन है।

हालांकि इस कारोबार की स्थानीय पुलिस थाने को पूरी जानकारी रहती है क्योंकि क्षेत्र में ग्रस्त करने वाले पुलिसकर्मी कई बार इस शराब की दुकान के सामने से गुजरते हैं लेकिन जब इस तरह की घटना सामने दिखाई देती है तो वह अपनी आंखें मूंद लेते हैं क्योंकि दुकान संचालक थाने में पदस्थ सभी पुलिस कर्मियों की सेवा में जुटे रहते हैं और तो और जो शराब नहीं पीते हैं उनको उनका हिस्सा दे देते हैं

प्रधानमंत्री की यात्रा के बीच सुरक्षा में सेंध, शराब तस्करी का बड़ा खुलासा!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मध्य प्रदेश दौरा जहां पूरे प्रदेश के लिए सम्मान और उत्साह का अवसर है, वहीं इस बीच अवैध कारोबारियों की करतूत ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। मोदी जी के आगमन पर इंदौर और धार जिले को सुरक्षा की अभेद्य चादर में लपेटा गया था। एसपीजी से लेकर लोकल पुलिस तक हर स्तर पर चाक-चौबंद इंतज़ाम थे। लेकिन इसके बावजूद शराब माफिया इतनी हिम्मत दिखा बैठे कि गुजरात तक विदेशी शराब पहुंचाने के लिए ट्रक रवाना कर दिया।

इंदौर आबकारी विभाग की सतर्कता ने तस्करों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। बेटमा के पास एक आयशर ट्रक पकड़ा गया, जिसमें पशु आहार की आड़ में 504 पेटियां अवैध विदेशी शराब छुपाई गई थीं। सहायक आबकारी आयुक्त अभिषेक तिवारी और उनकी टीम ने रातभर की रणनीति के बाद इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। माना जा रहा है कि अगर आबकारी विभाग जरा भी चूक करता तो यह सफलता पुलिस के खाते में जा सकती थी।

यह पहला मामला नहीं है—इससे पहले भी इंदौर से नशे का काला कारोबार उजागर हो चुका है। 10 जुलाई 2025 को आबकारी विभाग की टीम ने इंदौर के पास एक भांग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था। फैक्ट्री के अंदर का मंजर देखकर टीम के भी होश उड़ गए थे। वहां पर इस कदर भांग और अवैध सामग्री मिली कि साफ लग रहा था आने वाले दिनों में यह नेटवर्क नौजवानों की रगों में नशे का ज़हर घोलकर देश को बर्बाद करने की साजिश रच रहा है। उस कार्रवाई का नेतृत्व भी अभिषेक तिवारी ने ही किया था।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रधानमंत्री जैसे वीवीआईपी दौरे के दौरान, जब सुरक्षा घेरा इतना सख्त हो, तब भी शराब माफिया इतनी बड़ी खेप लेकर निकलने का साहस कैसे कर रहे हैं? यह घटना साफ इशारा करती है कि नशे का नेटवर्क प्रदेश में कितना गहरा और बेखौफ तरीके से काम कर रहा है।

इंदौर और मध्य प्रदेश अब लगातार गांजा, शराब और ड्रग्स के कारोबार का गढ़ बनते जा रहे हैं। हर बार नए हथकंडे अपनाकर तस्कर सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हैं। लेकिन इस बार आबकारी विभाग की सतर्कता से करोड़ों की शराब जब्त हुई, जिसने प्रधानमंत्री की यात्रा के बीच पुलिस-प्रशासन की इज़्ज़त बचा ली।

आगर मालवा में भाजपा नेता की कार से 5 करोड़ की ड्रग्स बरामद

मध्यप्रदेश-आगर मालवा ज़िले से भारतीय जनता पार्टी की छबि पर सवाल खड़े करने वाली बड़ी खबर सामने आई है। ज़िले में पुलिस ने शुक्रवार को भाजपा नेता की कार से करीब 5 करोड़ रुपए मूल्य की केटामाइन ड्रग्स बरामद की है। यह खेप भाजपा तनोडिया मंडल उपाध्यक्ष राहुल आंजना की कार से मिली, जिसमें ड्रग बनाने की मशीनें, परख उपकरण और अन्य सामग्री भी बरामद की गई। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन भाजपा नेता राहुल आंजना फरार हो गया।

गौरतलब है कि राहुल आंजना के पिता सेवाराम आंजना भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष रह चुके हैं। यानी परिवार लंबे समय से भाजपा संगठन में सक्रिय रहा है। इस घटना ने साफ कर दिया है कि नशे के कारोबार में सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों की संलिप्तता गहरी है।

पिछले दिनों मध्य प्रदेश सरकार ने मछली परिवार के खिलाफ बुलडोज़र चलाकर अपनी सख़्ती का प्रचार किया था, लेकिन अब सवाल उठ रहे हैं कि भाजपा के नेताओं और उनके परिजनों पर कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि मछली परिवार के भी तार भाजपा नेताओं से जुड़े रहे हैं, और यही कारण है कि इस इलाके में खुलेआम अफीम डोडा चूरा, गांजा और अब केटामाइन जैसे घातक ड्रग्स का कारोबार फल-फूल रहा है।

पुलिस के अनुसार छापेमारी में करीब 9 किलो केटामाइन, 12 किलो अमोनियम क्लोराइड पाउडर, 35 लीटर अल्कोहल और दो कारें ज़ब्त की गई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि 10 किलो केटामाइन से लगभग 80 किलो एमडी ड्रग्स तैयार हो सकता है। ऐसे में बरामद माल से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी खेप तैयार की जा सकती थी। फिलहाल पुलिस भाजपा नेता राहुल आंजना की सरगर्मी से तलाश कर रही है, लेकिन गिरफ्तारी न होने से सत्ता पक्ष की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।