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पंचायतों की उन्नति का प्रतीक बना PAI 1.0, भोपाल की उत्कृष्ट पंचायतें हुईं सम्मानित

भोपाल, 7 अगस्त 2025। ईटीसी भोपाल में आज पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI 1.0) वर्ष 2022-23 का भव्य विमोचन एवं जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष माननीय श्रीमती रामकुंवर नवरंग सिंह गुर्जर ने की। दीप प्रज्वलन और अतिथि स्वागत के साथ प्रारंभ हुए इस समारोह में जिले की ग्राम पंचायतों के प्रदर्शन का मूल्यांकन कर उन्हें पुरस्कृत किया गया।

कार्यक्रम में PAI 1.0 के 9 प्रमुख विषयों के आधार पर पंचायतों के कार्यों की समीक्षा की गई। इस सूचकांक के अनुसार, ग्राम पंचायत बिशनखेड़ी को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ और ₹11,000 की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। वहीं, ग्राम पंचायत बंगरसिया द्वितीय (₹7,100) और नांदनी तृतीय (₹5,100) स्थान पर रहीं। इसके अतिरिक्त बरखेड़ा सालम, बरखेड़ी अब्दुल्ला, झिरनिया, डोब, कुठार, बरखेड़ा बरामद और धूतखेड़ी पंचायतों को ₹2,100 एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया। अन्य 10 पंचायतों को सांत्वना पुरस्कार दिया गया और सभी पंचायतों का TMP पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन भी किया गया।

जिला पंचायत अध्यक्ष ने इस अवसर पर पंचायत प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान पंचायतों की मेहनत का परिणाम है। अब आवश्यकता है कि सभी पंचायतें शासन की योजनाओं को जमीन पर और बेहतर ढंग से लागू करें, ताकि आमजन तक इनका लाभ पहुंचे।

सीईओ जिला पंचायत श्रीमती इला तिवारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पंचायत उन्नति सूचकांक सिर्फ एक सम्मान नहीं, बल्कि अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणा और सुधार का माध्यम भी है। यह सामाजिक और आर्थिक संकेतकों के आधार पर पंचायतों को आत्ममूल्यांकन का अवसर देता है।

कार्यक्रम के दौरान श्री सुबेन्द्र यादव (डीपीएम, आरजीएसए) ने सूचकांक की विस्तृत जानकारी साझा की और बताया कि PAI 1.0 स्थानीय विकास को केंद्र में रखते हुए तैयार किया गया है। यह सूचकांक सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप पंचायतों की प्रगति को आंकने का सशक्त माध्यम है।

कार्यक्रम का संचालन श्री सुबेन्द्र यादव ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. नताशा फिरदौश (डीसी, आरजीएसए) ने किया। इस अवसर पर सीईओ जनपद पंचायत फंदा श्रीमती शिवानी मिश्रा, उपाध्यक्ष श्री मोहन जाट, पंचायत प्रतिनिधि, अधिकारी, सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

टोल वसूली के बावजूद बदहाल सड़कें! 11 मील पर स्थित बाईपास पर खतरे का सफर।

भोपाल:मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से महज कुछ दूरी पर आनंद नगर से 11 मील के पास स्थित बाईपास की हालत बेहद खस्ताहाल बनी हुई है। यही वह स्थान है जहां टोल नाका भी संचालित है, और वाहन चालकों से नियमित रूप से शुल्क वसूला जा रहा है। लेकिन हैरानी की बात है कि टोल वसूली के बावजूद सड़क की मरम्मत पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।

इस जर्जर सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और टूटी परतें आए दिन दुर्घटना का कारण बन रही हैं। यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को मरम्मत में भारी नुकसान उठाना पड़ता है, वहीं खराब सड़क के कारण कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

नियमो के अनुसार देखा जाए तो-

टोल वसूली के नियमों के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दरों और संग्रह) नियम, 2008 के तहत टोल ऑपरेटर की यह जिम्मेदारी होती है कि वह मार्ग की नियमित देखरेख और मरम्मत सुनिश्चित करे। यदि सड़क तय मानकों पर खरी नहीं उतरती है, तो उस स्थिति में टोल वसूली अस्थायी रूप से रोकी जा सकती है।

स्थानीय नागरिकों और राहगीरों का कहना है कि टोल टैक्स तो समय पर लिया जा रहा है, लेकिन सुविधा के नाम पर केवल जान का जोखिम है। लोगों ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि या तो सड़क की स्थिति तत्काल सुधारी जाए या फिर जब तक सड़क दुरुस्त नहीं होती, टोल वसूली पर रोक लगाई जाए।

शव उठाने में नहीं मिला सहयोग, पुलिस ने दिखाई मानवता की मिसाल


भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र स्थित भदभदा बांध के पास शनिवार को एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक की उम्र करीब 40 से 45 वर्ष बताई जा रही है, और उसकी जेब से कोई पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं मिले। केवल उसके बाएं हाथ पर सिख समुदाय से जुड़ा धार्मिक चिन्ह का टैटू मिला है। शव की जानकारी मिलते ही एएसआई नंदकिशोर दुबे और आरक्षक विनीत यादव तत्काल मौके पर पहुंचे और पूरी संवेदनशीलता से मामले की पड़ताल की। नगर निगम का शव वाहन भी मौके पर बुलाया गया, लेकिन जहां शव मिला था, वह इलाका सुनसान था और कोई भी व्यक्ति मदद के लिए आगे नहीं आया।

ऐसे कठिन समय में पुलिस ने न केवल अपना कर्तव्य निभाया, बल्कि मानवता की मिसाल भी पेश की। एएसआई दुबे और वाहन चालक ने खुद मिलकर शव को स्ट्रेचर पर रखा और बांध के किनारे से ऊपर सड़क तक पहुंचाया। यह क्षण न सिर्फ भावुक करने वाला था, बल्कि यह भी दिखाता है कि जब समाज मुंह मोड़ लेता है, तब भी पुलिस निष्ठा और मानवीय संवेदना के साथ अपने फर्ज को निभाती है। पुलिस को अंदेशा है कि मृतक मछली पकड़ने आया था और किसी कारणवश पानी में डूब गया। शव की पहचान के लिए आसपास के थानों में जानकारी भेजी गई है तथा सोशल मीडिया के जरिए तस्वीरें साझा की जा रही हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए गांधी मेडिको लीगल संस्थान भेजा गया है।