मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऑनलाइन मार्गदर्शन दिया, स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग पर दिया बल
भोपाल। मध्यप्रदेश राज्य वक्फ बोर्ड मुख्यालय में 14 अक्टूबर 2025 को एक दिवसीय काज़ी कॉन्फ्रेंस (कार्यशाला) का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन की अध्यक्षता वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल (कैबिनेट मंत्री दर्जा) ने की, जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऑनलाइन माध्यम से जुड़कर सम्मेलन को संबोधित किया और आत्मनिर्भर भारत अभियान की दिशा में वक्फ बोर्ड के प्रयासों की सराहना की।
इस कार्यशाला का उद्देश्य प्रदेश के मुस्लिम समाज को भारत सरकार और राज्य शासन के आत्मनिर्भर भारत के अभियान से जोड़ना, वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा एवं विकास पर चर्चा करना तथा वक्फ कानून 2025 की रोशनी में पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करना था।
कॉन्फ्रेंस में रियासत भोपाल के काज़ी-ए-शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी, काजी सैयद इशरत अली (अध्यक्ष, म.प्र. काजी काउंसिल), काजी खलीक उर्रहमान (उपाध्यक्ष, काजी काउंसिल), मुफ्ती अबुल कलाम कासमी (मुफ्ती-ए-शहर, भोपाल) सहित प्रदेशभर के लगभग सभी जिलों के काज़ी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत कुरआन की तिलावत से हुई।
काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी ने समाज में फैली बुराइयों पर नियंत्रण और शादी-निकाह को इबादत के रूप में संपन्न करने की बात कही। उन्होंने देशप्रेम के तहत स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया। काजी सैयद इशरत अली ने सुझाव दिया कि वक्फ की कीमती संपत्तियों से होने वाली आय का उपयोग इमामों और मोअज्जिनों के वेतन में सुधार हेतु किया जाए।
काजी खलीक उर्रहमान ने भी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के स्वदेशी वस्तुओं के आह्वान को समर्थन देते हुए कहा कि हमें देश को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लेना चाहिए। मुफ्ती अबुल कलाम कासमी ने अपने बयान में कहा कि स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग कोई राजनीतिक विषय नहीं बल्कि शरीयत के अनुरूप एक नेक कार्य है, जो देश को मज़बूत बनाता है।
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने अपने संबोधन में वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा, विकास और पारदर्शी प्रबंधन की दिशा में बोर्ड द्वारा किए जा रहे नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने काज़ी साहिबानों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को प्रोत्साहित करें।
सम्मेलन के दौरान बोर्ड अधिकारियों ने वक्फ कानून 2025, उम्मीद सेंट्रल पोर्टल, वक्फ शिक्षा नीति “पढ़ो-पढ़ाओ राष्ट्र निर्माण में भागीदारी बनो”, कृषि भूमि नीलामी, कानूनी सहायता, पट्टा अनुबंध प्रक्रिया, स्वास्थ्य सेवाओं हेतु वक्फ संपत्तियों में सस्ती जांच प्रयोगशालाओं की स्थापना और वक्फ खातों को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से जोड़ने जैसे विषयों पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम के समापन पर मध्यप्रदेश काजी काउंसिल और रियासत भोपाल के प्रतिनिधियों ने सामूहिक रूप से यह घोषणा की कि वे स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग कर आत्मनिर्भर भारत अभियान को सफल बनाने हेतु प्रदेशभर में जनजागरण अभियान चलाएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने वर्चुअल संबोधन में कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लिए देश में बनी वस्तुओं का उपयोग राष्ट्रहित में अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने वक्फ बोर्ड द्वारा आयोजित इस काज़ी कॉन्फ्रेंस को सराहनीय पहल बताते हुए सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ दीं।










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