मध्य प्रदेश के बहुचर्चित फर्जी नियुक्ति घोटाले और सोने के मालिकाना हक से जुड़े मामले में आरोपी परिवहन आरक्षक सौरभ शर्मा को जमानत मिलते ही सियासी हलचल तेज हो गई है। लंबे समय तक फरारी काटने के बाद सौरभ शर्मा ने हाल ही में न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था। उन पर फर्जी तरीके से नियुक्तियां कराने और बेहिसाब सोना रखने के गंभीर आरोप लगे थे, जिससे यह मामला बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।
हालांकि, कोर्ट से अचानक जमानत मिलने पर कांग्रेस ने सरकार पर मिलीभगत और भ्रष्टाचार को संरक्षण देने का आरोप लगाया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह उग्र प्रदर्शन किए और सरकार का पुतला जलाकर विरोध जताया। पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। विपक्ष ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।










Leave a Reply