राजधानी भोपाल के परिवहन कार्यालय को लेकर एक बार फिर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। सूत्रों के अनुसार, यहां कागज पर कोड वर्ड लिखकर रिश्वत मांगे जाने की परंपरा चल रही है। बताया जा रहा है कि लर्निंग लाइसेंस शाखा में पदस्थ एक महिला कर्मचारी द्वारा लाइसेंस से जुड़े कार्य के बदले कथित तौर पर ₹400 की मांग की गई। पीड़ित व्यक्ति का आरोप है कि बिना रिश्वत दिए उसका काम करने से साफ इनकार कर दिया गया। सूत्रों की मानें तो यह कोई पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी परिवहन कार्यालय में इसी तरह के कई प्रकरण उजागर हो चुके हैं, लेकिन आरोप है कि दोषी बाबू-कर्मचारियों पर केवल औपचारिक कार्रवाई कर मामला दबा दिया जाता है। यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि वरिष्ठ अधिकारियों के संरक्षण में यह व्यवस्था लंबे समय से चल रही है। वहीं, कार्यालय में कर्मचारियों की अनियमित उपस्थिति, बिना रिश्वत काम न होना और सरकारी वेतन पर कार्यरत कर्मचारियों के स्थान पर निजी लोगों से काम करवाए जाने जैसे आरोप भी सामने आ रहे हैं। हालांकि, इन सभी आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
भोपाल परिवहन कार्यालय में कोड वर्ड में रिश्वत का खेल, बाबू-कर्मचारियों पर संरक्षण के आरोप












Leave a Reply