सालों तक चलती रही जमीन की अवैध मंडी, अब कलेक्टर के आदेश के बाद जागा प्रशासन — लेकिन इतने वर्षों की जिम्मेदारी कौन लेगा?
भोपाल देहात बना अवैध कॉलोनाइजरों की राजधानी
भोपाल देहात के परवलिया सड़क और ईटखेड़ी थाना क्षेत्रों में बीते कई वर्षों से अवैध कॉलोनियों का ऐसा जाल बिछाया गया, जिसने पूरे इलाके की शक्ल ही बदल दी। खेतों को रातों-रात कॉलोनियों में तब्दील कर दिया गया, खेतों पर सड़कें डाल दी गईं, प्लॉट काट दिए गए और खुलेआम करोड़ों रुपये का खेल खेला गया।सब कुछ होता रहा —लेकिन प्रशासन अंधा बना रहा।राजस्व विभाग, नगर नियोजन, पंचायत, पुलिस और जिला प्रशासन — सभी की आंखों के सामने यह अवैध कारोबार फलता-फूलता रहा।
खेतों पर प्लॉट, प्लॉट पर मकान — कानून कहीं नजर नहीं आया
किसानों की जमीन को सस्ते दामों में खरीदा गया और फिर उसी जमीन को महंगे दामों पर प्लॉट काटकर बेच दिया गया।ना ले-आउट पास,ना कॉलोनाइजर का रजिस्ट्रेशन,ना नगर एवं ग्राम निवेश की अनुमति,ना सड़क-नाली की स्वीकृति।फिर भी लोगों को भरोसा दिलाया गया कि सब वैध है, सब सरकारी प्रक्रिया से हुआ है।आज वही लोग ठगे जाने का दर्द झेल रहे हैं।
जब जनता की गाढ़ी कमाई लुट रही थी, तब प्रशासन कहां था?
भोपाल देहात के कई गांवों में आम आदमी ने जीवन भर की कमाई जोड़कर एक छोटा सा प्लॉट खरीदा था। सपना था कि अपना घर बनेगा, बच्चों का भविष्य सुरक्षित होगा।लेकिन अब वही लोग डर के साये में जी रहे हैं कि कहीं उनकी जमीन अवैध घोषित न हो जाए।
जनता पूछ रही है —
जब कॉलोनियां बन रही थीं तब तहसीलदार क्यों चुप थे? जब सड़कें डल रही थीं तब पंचायत क्यों सो रही थी? जब प्लॉट बिक रहे थे तब पुलिस को क्यों कुछ नहीं दिखा?
अचानक जागा प्रशासन — कलेक्टर के आदेश के बाद दर्ज हुई FIR
अब जाकर जिला कलेक्टर के आदेश के बाद पुलिस हरकत में आई है और परवलिया सड़क एवं ईटखेड़ी थाना क्षेत्रों में अवैध कॉलोनी निर्माण के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
लेकिन जनता कह रही है —अगर यह सब अवैध था तो अब तक चुप्पी क्यों?क्या सिस्टम किसी बड़े इशारे का इंतजार कर रहा था?
सूत्रों के मुताबिक भोपाल देहात में सैकड़ों एकड़ जमीन पर अवैध कॉलोनियां विकसित की गईं।हर प्लॉट हजारों रुपये प्रति वर्गफुट में बेचा गया।सिस्टम की खामोशी ने कॉलोनाइजर माफिया को खुला मैदान दे दिया।कलेक्टर के आदेश के बाद FIR तो दर्ज हो गई, लेकिन जनता को डर है कि कहीं यह कार्रवाई भी कुछ दिनों का ड्रामा बनकर न रह जाए।पहले भी कई बार अवैध कॉलोनियों पर नोटिस जारी हुए, अखबारों में खबरें छपीं, लेकिन फिर सब ठंडे बस्ते में चला गया।
इन इलाकों में होगी कार्रवाई– प्रशासन ने सेवनिया ओंकारा,कोलुआखुर्द, नरेला वाज्याफ्त, बंगरसिया, अरेड़ी, परेवाखेड़ा, हज्जामपुरा इंटखेड़ी सड़क, अरवलिया, चौपड़ा कलां, बांसिया, कोटर, पिपलिया बेरखेड़ी, कुराना, थुआखेड़ा, सुरैया नगर, छावनी पठार, कान्हासैया, सिंकदराबाद, शोभापुर,जगदीशपुर,मुबारकपुर, जहेज, गोलखेड़ी और बसई को कार्रवाई के लिए चिह्नित किया है।










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