भोपाल देहात क्षेत्र से सोमवार दोपहर एक बड़ा प्रशासनिक उलटफेर सामने आया। थाना प्रभारी आशीष सप्रे को एसपी रामशरण प्रजापति ने अचानक लाइन अटैच करने का आदेश जारी किया। निर्देश जारी होते ही टीआई को तुरंत लाइन में आमद देने को कहा गया। लेकिन हैरानी की बात यह कि सिर्फ 24 घंटे में ही यह आदेश वापस ले लिया गया।
क्या था आरोप?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, टीआई सप्रे पर पशु मेले को शिफ्ट कराने की धमकी देने और कुछ व्यापारियों से कथित रूप से बदसलूकी करने के आरोप लगे थे। इसी के बाद उन्हें लाइन में भेजने की कार्रवाई हुई।
आदेश की जानकारी मिलते ही टीआई सप्रे ने शाम को एसपी कार्यालय पहुँचकर अपना पक्ष रखा, लेकिन उस समय एसपी अपने आदेश पर अडिग रहे।
कुछ ही घंटों में पलटी तस्वीर
सोमवार रात से लेकर मंगलवार सुबह तक हालात तेजी से बदले। एसपी कार्यालय से एक नया आदेश जारी किया गया, जिसमें टीआई आशीष सप्रे का लाइन अटैच आदेश निरस्त कर दिया गया। अब वह यथावत अपने पद पर ही रहेंगे।
एसपी रामशरण प्रजापति ने पुष्टि करते हुए कहा कि निर्णय पूरी तरह प्रशासनिक था।
क्या विरोध की चेतावनी ने बदलवा दिया फैसला?
अंदरखाने से आ रही जानकारी के मुताबिक, आदेश जारी होने के बाद कई संगठनों की ओर से विरोध की तैयारी शुरू हो गई थी। चेतावनी दी गई थी कि यदि आदेश वापस नहीं हुआ तो आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
दबाव बढ़ते ही देर रात आदेश को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू हुई और मंगलवार को इसे आधिकारिक रूप से रद्द कर दिया गया।











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