प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मध्य प्रदेश दौरा जहां पूरे प्रदेश के लिए सम्मान और उत्साह का अवसर है, वहीं इस बीच अवैध कारोबारियों की करतूत ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। मोदी जी के आगमन पर इंदौर और धार जिले को सुरक्षा की अभेद्य चादर में लपेटा गया था। एसपीजी से लेकर लोकल पुलिस तक हर स्तर पर चाक-चौबंद इंतज़ाम थे। लेकिन इसके बावजूद शराब माफिया इतनी हिम्मत दिखा बैठे कि गुजरात तक विदेशी शराब पहुंचाने के लिए ट्रक रवाना कर दिया।
इंदौर आबकारी विभाग की सतर्कता ने तस्करों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। बेटमा के पास एक आयशर ट्रक पकड़ा गया, जिसमें पशु आहार की आड़ में 504 पेटियां अवैध विदेशी शराब छुपाई गई थीं। सहायक आबकारी आयुक्त अभिषेक तिवारी और उनकी टीम ने रातभर की रणनीति के बाद इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। माना जा रहा है कि अगर आबकारी विभाग जरा भी चूक करता तो यह सफलता पुलिस के खाते में जा सकती थी।
यह पहला मामला नहीं है—इससे पहले भी इंदौर से नशे का काला कारोबार उजागर हो चुका है। 10 जुलाई 2025 को आबकारी विभाग की टीम ने इंदौर के पास एक भांग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था। फैक्ट्री के अंदर का मंजर देखकर टीम के भी होश उड़ गए थे। वहां पर इस कदर भांग और अवैध सामग्री मिली कि साफ लग रहा था आने वाले दिनों में यह नेटवर्क नौजवानों की रगों में नशे का ज़हर घोलकर देश को बर्बाद करने की साजिश रच रहा है। उस कार्रवाई का नेतृत्व भी अभिषेक तिवारी ने ही किया था।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रधानमंत्री जैसे वीवीआईपी दौरे के दौरान, जब सुरक्षा घेरा इतना सख्त हो, तब भी शराब माफिया इतनी बड़ी खेप लेकर निकलने का साहस कैसे कर रहे हैं? यह घटना साफ इशारा करती है कि नशे का नेटवर्क प्रदेश में कितना गहरा और बेखौफ तरीके से काम कर रहा है।
इंदौर और मध्य प्रदेश अब लगातार गांजा, शराब और ड्रग्स के कारोबार का गढ़ बनते जा रहे हैं। हर बार नए हथकंडे अपनाकर तस्कर सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हैं। लेकिन इस बार आबकारी विभाग की सतर्कता से करोड़ों की शराब जब्त हुई, जिसने प्रधानमंत्री की यात्रा के बीच पुलिस-प्रशासन की इज़्ज़त बचा ली।










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