पटना। प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से राजधानी पटना में भूकंप पर आधारित एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास बिहार सरकार के बिहार आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा कराया गया, जिसमें विभिन्न सुरक्षा एवं राहत एजेंसियों ने समन्वित रूप से भाग लिया।
मॉक ड्रिल राजधानी के सात प्रमुख स्थलों—गांधी मैदान, समाहरणालय परिसर, जेपी सेतु, सिटी सेंट्रल हॉल, बिस्कोमान टावर, आईजीएमएस तथा जेडी वीमेंस कॉलेज में एक साथ संचालित किया गया। मुख्य नियंत्रण कक्ष गांधी मैदान में स्थापित किया गया था, जहां भूकंप की काल्पनिक सूचना मिलते ही विभिन्न टीमों को तत्काल प्रभावित क्षेत्रों में रवाना किया गया।

अभ्यास में फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, बिहार पुलिस, सिविल डिफेंस, इंडियन आर्मी, एनसीसी तथा भारतीय वायु सेना की इकाइयों ने हिस्सा लिया। टीमों ने खोज एवं बचाव अभियान चलाकर घायलों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने और आवश्यक सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया।
सिविल डिफेंस के कुल 57 स्वयंसेवकों एवं वार्डनों को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया था। गांधी मैदान में सिविल डिफेंस पटना के चीफ वार्डन विजय कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम ने मोर्चा संभाला, जबकि कुंदन कुमार को डिप्टी ग्रुप लीडर की जिम्मेदारी दी गई।
इस मॉक ड्रिल की खास बात यह रही कि इसमें भारतीय वायु सेना के गरुड़ कमांडो, जिनमें महिला कमांडो भी शामिल थीं, ने सक्रिय भागीदारी निभाई और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तत्परता का प्रदर्शन किया। इस संयुक्त अभ्यास के माध्यम से विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया और आपदा प्रबंधन क्षमता को और अधिक सुदृढ़ करने का संदेश दिया गया।






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