पाकिस्तान से सुरक्षा एजेंसियों आंख में धूल झोक कर भारत आई सीमा हैदर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार चर्चा उनके बेटी को जन्म देने को लेकर की जा रही है मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक, हर जगह यह बहस छिड़ी है कि सीमा हैदर ने कितने बजे बेटी को जन्म दिया, कब अस्पताल से घर लौटी और गांव में उनके स्वागत में ढोल क्यों बजाए गए। हालांकि, इस तरह की खबरों की बढ़ती सनसनी के बीच देश के असली मुद्दे—शिक्षा, स्वास्थ्य, बेरोजगारी और महंगाई—फिर से कुच ले जा रहे हैं जानकारों का मानना है कि ऐसी खबरों को मीडिया द्वारा चलाई जाने पर देश के नौजवानो के साथ विश्वास घाट होगा जब तक जनता का ध्यान इन वास्तविक समस्याओं की ओर नहीं जाएगा, तब तक मीडिया ऐसे हल्के मुद्दों को परोसता रहेगा और जरूरी बहसें पीछे छूटती रहेंगी। आज के समय में जनता किन समस्याओं से जूझ रही है इस पर कभी भी कोई चर्चा करता हुआ नजर नहीं आ रहा है और नहीं जनता की भविष्य के बारे में गंभीरता से चिंता की जा रही ऐसा लगता है कि नौजवानों की समस्या शिक्षा स्वास्थ्य महंगाई बेरोजगारी नहीं सीमा हैदर जैसे लोग बनकर रह गए हैं अब यह जनता को सोचना होगा उनके और उनके बच्चों के भविष्य के लिए सीमा हैदर और सचिन का प्यार काफी होगा या फिर या फिर इस तरह की खबरें मीडिया और सोशल मीडिया में पड़कर अपने भविष्य की चिंता करेंगे या फिर यह सोचेंगे कि सीमा हैदर और सचिन को इतना ऊपर क्यों उठाया जा रहा है यह चिंता का विषय है
देश के असली मुद्दों को छोड़कर सीमा हैदर की पांचवीं संतान के जन्म पर मचा मीडिया में हंगामा










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